December 11, 2016

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राजपाट: वक्त का फेर, कद्र कमाऊ की

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तमाम व्यस्तताओं के बावजूद अपने स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखते हैं।

Author November 28, 2016 05:43 am
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

वक्त का फेर
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तमाम व्यस्तताओं के बावजूद अपने स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखते हैं। खानपान में तो संयम बरतते ही हैं, सुबह की सैर के लिए भी वक्त निकाल लेते हैं। पिछले दिनों वे टहलते हुए अपने बड़े भाई के घर जा धमके। इसकी कोई पहले से तय योजना नहीं थी। बड़े भाई यानी राजद के मुखिया लालू यादव। उनसे मुलाकात करने की कोई तात्कालिक जरूरत या बाध्यता भी नहीं थी। पर अचानक मन में आया और जा पहुंचे अपने सहयोगी के घर। लालू भी क्या कर सकते थे। जब छोटा भाई बिना कोई सूचना दिए घर आ ही धमका तो फिर प्रेम पूर्वक मिलते ही। हालांकि दोनों के घरों में ज्यादा दूरी नहीं है। नीतीश तो एक, अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री निवास में ही रहते हैं। जबकि लालू का घर 10 सर्कुलर रोड पर है। पड़ोसी होते हुए भी इससे पहले नीतीश बिना बताए लालू से मुलाकात करने कभी नहीं गए थे। यों भी यह उनके स्वभाव में ही है कि पहले से कार्यक्रम तय किए बिना वे कोई काम करते ही नहीं। चूंकि मुलाकात अपवाद स्वरूप थी तो सियासी हलकों में कयास लगने ही थे। मसलन कानाफूसी यह भी सुनी गई कि नीतीश को न चाहते हुए भी बहुत कुछ करना पड़ रहा है। महागठबंधन की सरकार के मुखिया ठहरे। सहयोगियों राजद और कांग्रेस दोनों को खुश रखने की लाचारी है। वक्त बदल गया है। पहले जैसी हैसियत अब नहीं है कि जो चाहते थे, वही हो जाता था। सहयोगी दलों के मंत्री और नेता तो उनके इशारों पर नाचने के लिए मजबूर हैं नहीं। साफ है कि अब नीतीश के लिए राजद और अपनी पार्टी जद (एकी) में ज्यादा फर्क नहीं है। जब भाजपा से गठबंधन था तो सब नीतीश को चुपचाप सुनते थे। अब उल्टा है। नीतीश को सबकी सुननी पड़ रही है। फिर लालू से तो रिश्ता भी बड़े भाई का जोड़ रखा है। उनकी मेहरबानी के बिना नीतीश का मुख्यमंत्री बने रहना मुमकिन कहां है।
कद्र कमाऊ की
पूत कमाऊ हो तो उसके अवगुण नहीं देखते मां-बाप। यह कहावत नौकरशाहों और सत्ता में बैठे राजनेताओं के रिश्तों पर भी चरितार्थ हो रही है। उत्तराखंड के रिटायर आइएएस अफसर राकेश शर्मा इसका ताजा उदाहरण हैं। विजय बहुगुणा के मुख्यमंत्री काल में शर्मा की शासन में तूती बोलती थी। इस दौरान उनके बारे में तरह-तरह की चर्चाएं भी खूब चलती थीं। बहुगुणा से पहले जब भाजपा का राज था और रमेश पोखरियाल निशंक मुख्यमंत्री थे तो शर्मा की धाक थी। इसीलिए चुनाव से पहले जब भुवनचंद्र खंडूड़ी मुख्यमंत्री बने तो निशंक के चहेते राकेश शर्मा को खुड्डे लाईन लगाया था। उनका तर्क था कि वे बदनामी अपने सिर लेने वालों में नहीं। बहरहाल खंडूड़ी चुनाव नहीं जिता पाए और बसपा व निर्दलियों के दम पर कांग्रेस की सरकार बनाने में विजय बहुगुणा को सफलता मिल गई तो राकेश शर्मा के भाव बढ़ गए। नौकरशाही में मुख्यमंत्री के सबसे खास और चहेते अफसर की ख्याति हो गई थी उनकी। शर्मा की शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा से नजदीकी के किस्से लोग चटखारे लेकर सुनाया करते थे। तब हरीश रावत केंद्र में मंत्री थे और राकेश शर्मा को पानी पी-पीकर कोसते नहीं अघाते थे। लोगों को हैरानी तो तब हुई जब हरीश रावत के मुख्यमंत्री काल में राकेश शर्मा की हैसियत पहले से बड़ी नजर आई। रावत की पत्नी रेणुका, बेटी अनुपमा और बेटे आनंद भी खूब प्रभावित थे शर्मा की क्षमताओं से। सबसे वरिष्ठ मंत्री इंदिरा हृदयेश पर भी जादू कर दिया था उन्होंने। यहां तक कि हरीश रावत ने उन्हें मुख्य सचिव भी बना दिया। रिटायर हुए तो इसी पद पर तीन महीने का सेवा विस्तार भी दे दिया। जो नियमों के विपरीत था और केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया। इससे भी सबक नहीं लिया मुख्यमंत्री ने। अलबत्ता उन्हें अपना प्रधान सचिव बना डाला। लेकिन उनकी सरकार पर संकट मंडराया तो नदारद हो गए शर्मा। रावत को अपने करीबियों से बाद में पता चला कि कांग्रेस के दस विधायकों की बगावत और उन्हें भाजपा में शामिल कराने के सूत्रधार वही शर्मा थे जिन पर वे आंख मंूदकर भरोसा कर बैठे थे। पर बाद में पछताने से क्या होता? गनीमत रही कि न्याय पालिका के हस्तक्षेप से बच गई उनकी कुर्सी। शर्मा का देहरादून में कहीं अता-पता नहीं था। अलबत्ता उनके भाजपा सुप्रीमो अमित शाह के अचानक करीबी होने की चर्चा तेज हो गई। अब तो साफ ही हो चुका है कि कभी उनको कोसने वाली भाजपा ने अब उन्हें दुलारा बना लिया है। कुंमाऊ मंडल के किच्छा विधानसभा क्षेत्र में उन्हें भाजपा सांसद भगत सिंह कोश्यारी के साथ सहभोज करते देख किसी को तभी तो हैरानी नहीं हुई। खबर है कि शर्मा अब किच्छा से भाजपा टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की जुगत भिड़ा रहे हैं। पूत कमाऊ है तभी तो हर कोई दुलार रहा है।

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First Published on November 28, 2016 5:43 am

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