December 11, 2016

ताज़ा खबर

 

राजपाट: कुएं में भांग

व्यापं घोटाले की तरह ही सिमी आतंकवादियों की मुठभेड़ की घटना भी मध्य प्रदेश सरकार के गले की फांस न सही सिरदर्द तो बन ही गई है।

Author November 7, 2016 05:47 am
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान। ( file picture)

कुएं में भांग
व्यापं घोटाले की तरह ही सिमी आतंकवादियों की मुठभेड़ की घटना भी मध्य प्रदेश सरकार के गले की फांस न सही सिरदर्द तो बन ही गई है। सूबे के अखबारों में इस घटना के फालोअप की खबरें एक हफ्ते बाद भी लगातार दिख रही हैं। कुछ सरकार के कदम की तारीफ में तो कुछ जेलों के भ्रष्टाचार और वहां की लचर प्रशासनिक व्यवस्था के बारे में। मसलन, भोपाल की सेंट्रल जेल में कहने को 160 संतरी तैनात हैं। पर इनमें से 80 अफसरों के बंगलों में उनकी बेगार करते पाए गए। जेल के रजिस्टर तक में इसका बाकायदा उल्लेख है। फिर तो जेल की सुरक्षा पर असर पड़ना ही था। सूबे के मानवाधिकार अयोग ने यह रिकार्ड तलब किया है। जेल के अधीक्षक ने छह अक्तूबर को अपने अफसरों को पत्र भी लिखा था।

संतरियों की कमी की तरफ ध्यान दिलाया था। घटना के बाद ही खुलासा हुआ कि बी ब्लाक की जिन बैरकों में सिमी आतंकवादी कैद थे, वहां के तीनों सीसीटीवी कैमरे बंद थे। बाकी सभी कैमरे चालू हालत में मिले। यानी उच्च सुरक्षा वाले इलाके की अनदेखी होना किसी साजिश का संकेत है। रही कैदियों द्वारा सुविधाएं लेने की बात तो यह एक खुला सच है। भोपाल जेल में इसके बदले कैदी को तीन हजार से पंद्रह हजार रुपए माहवार देने पड़ते हैं। सुविधाओं के मामले में जैसा वारफेर वैसा नाचकूद वाला फार्मूला चलता है। जिस संतरी रमाशंकर यादव की हत्या कर आतंकवादी फरार हुए थे, उसकी बेटी सोनिया बहुत गुस्से में है। अपने पिता की हत्या के लिए वह आतंकवादियों के बराबर ही दोषी जेल की कुव्यवस्था को भी मान रही है। दिखावे को शिवराज सरकार ने न्यायिक जांच का एलान भले कर दिया हो पर अभी लिखित आदेश जारी न होना सरकार की मंशा जताता है। जांच के बिंदु भी अभी तक तय नहीं हुए हैं। जेल मंत्री कुसुम मेहदेले ने अपने मुंह पर ताला जड़ लिया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 7, 2016 5:47 am

सबरंग