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आमजन की बड़ी उम्मीद

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को देश का सम्मान बढ़ाने और सर्वांगीण विकास की बड़ी जिम्मेदारी मिली थी।
Author May 16, 2017 05:40 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फोटो- पीटीआई)

आज से ठीक तीन वर्ष पूर्व देश में आमजन की भावनाओं और संकल्पों का सत्तारोहण हुआ था। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को देश का सम्मान बढ़ाने और सर्वांगीण विकास की बड़ी जिम्मेदारी मिली थी। यह जनादेश केवल प्रधानमंत्री या सरकार बदलने भर का नहीं था बल्कि देश बदलने का था और यह सब इन तीन वर्षों में स्पष्ट दिखा। प्रधानमंत्री मोदी ने सवा सौ करोड़ देशवासियों और उनके मन को छुआ है। देश के टूटे मनोबल, बिखरे तंत्र और निराश जन-मानस में उम्मीद और ऊर्जा का संचार किया है। अपने संबोधन, अपने आह्वान और अभियानों से मोदी ने देश के समग्र विकास के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ आमजन को जोड़ा है। आज आम आदमी की चर्चा में मोदी का होना बताता है कि वे जन-मन में रच-बस गए हैं। दैनिक जीवन की चुनौतियों का प्रधानमंत्री की चर्चाओं में होना उन्हें सही मायनों में आमजन की बड़ी उम्मीद और समाधान के रूप में दिखाता है।

क्या आज से पहले किसी प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से देश को स्वच्छ बनाने की मुहिम छेड़ी थी? गंदगी में जीना जैसे इस देश की नियति बन चुकी थी। यह ठीक है कि हमें पूरी तरह से इस लक्ष्य को पाने में समय लगेगा, किंतु लोगों ने इस पर सोचना शुरू तो किया। क्या किसी ने सोचा था कि कोई प्रधानमंत्री बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसा अभियान शुरू करेगा? क्या नदियों के संरक्षण के लिए किसी प्रधानमंत्री ने देश भर में युद्ध-स्तर पर अभियान छेड़ा? या कोई प्रधानमंत्री चिकित्सकों से महीने में एक दिन प्रसूता माताओं के मुफ्त इलाज की अपील कर पाया? क्या देश के किसी प्रधानमंत्री ने बच्चों को परीक्षा की टेंशन न लेकर अपने व्यक्तित्व को आदर्श बनाने की अपील की थी? क्या बच्चों, बड़ों, बूढ़ों- सबसे जल संरक्षण और जल संवर्द्धन के लिए काम करने की अपील की गई? किसानों की आय को दुगुना करने के लिए क्या कोई प्रधानमंत्री कोशिश या चिंता भी कर पाए? गरीब महिलाओं को रसोई में किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, यह सब जानते थे पर उज्ज्वला जैसी किसी योजना के जरिये उन्हें धुएं से निजात दिलाने की ठोस कोशिश क्या अब तक किसी ने की?
दवाइयों के आसमान छूते दामों को कम करने, मुफ्त स्वास्थ्य बीमा जैसी कोई योजना लेकर आने का काम भी मोदी ने ही किया। लाल बत्ती कल्चर से सब परेशान थे, लेकिन उसे एक झटके में खत्म करने की हिम्मत केवल मोदी कर पाए। पाकिस्तान की गीदड़-भभकियों और निरंतर सीमा-पार से होने वाले आतंकवाद से सब वाकिफ थे, लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक करके उसे मुंहतोड़ जवाब भी दिया जा सकता है, यह किसी को नहीं सूझा। ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं, जिनसे साबित होता है कि नरेंद्र मोदी इस देश की रग-रग से, उसकी समस्याओं से वाकिफ हैं और उनके पास समस्याओं के देसी समाधान भी हैं। नतीजतन,वे देश के सवा सौ करोड़ लोगों के लिए एक भरोसेमंद उम्मीद, ताकत और आवाज बन गए हैं। आम जनता के बीच पैदा हुआ यह विश्वास बेवजह नहीं है कि वे कुर्सी पर नहीं, लोगों के दिलों में बैठे हुए हैं।

जब वे कहते हैं कि मैं प्रधानमंत्री नहीं, हिंदुस्तान के 125 करोड़ देशवासियों का प्रधान सेवक हूं, तो देश की जनता के साथ वे सीधे जुड़ जाते हैं, क्योंकि वे सिर्फ बात नहीं करते, अपने ओजस्वी कृतित्व से बातों को लागू भी करते हैं। लोगों के जीवन से जुड़ा हुआ ऐसा कोई पहलू नहीं है, जिस पर प्रधानमंत्रीजी के पास कोई विजन न हो और उन्होंने उस विजन पर अमल करके न दिखाया हो। उनके प्रत्येक शब्द देश की प्रेरणा बने इसके पीछे नरेंद्र भाई मोदी का स्पष्ट दृष्टिकोण और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में लाखों कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत है जो हर अभियान को गांव-गांव, गली-गली ले गए और मीडिया, सोशल मीडिया के साथ कदम मिला कर न्यू इंडिया बनाने के संदेशवाहक बने। प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद संसद के केंद्रीय सभागार में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की पहली संसदीय दल की बैठक में ही नरेंद्र भाई मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया था कि उनकी सरकार गरीबों के कल्याण के प्रति समर्पित सरकार होगी, उनकी सरकार देश के गांव, किसान, दलित, शोषित, पीड़ित, वंचित, युवा एवं महिलाओं के जीवन में उत्थान के प्रति समर्पित सरकार होगी और इन तीन सालों में उन्होंने इस बात को अक्षरश: साबित करके दिखाया है।

विगत तीन सालों में मोदी ने देश के विकास और गरीबों के कल्याण के लिए 105 से अधिक योजनाओं की शुरुआत की है। देश का शायद ही ऐसा कोई वर्ग हो, जिसको ये योजनाएं स्पर्श न करती हों। यहां पर कुछ योजनाओं का उल्लेख करना आवश्यक है। गरीब कल्याण योजना को ही लें, इस योजना में काले धन से जमा पैसे को सरकार गरीबों के विकास कार्य में लगाएगी। ऐसे ही प्रधानमंत्री जन-धन योजना भी अपनी तरह का अद््भुत प्रयास था। इस योजना के तहत अब तक 28.52 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं। जन-धन योजना अकाउंट बैलेंस आज की तारीख में 65 लाख करोड़ रुपए है। वर्तमान में 1.26 लाख बैंक-मित्र कार्य कर रहे हैं, अब तक 22.18 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। समाज की अंतिम सीढ़ी पर खड़े जिस व्यक्ति ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि बैंक जैसी जगह पर उसके भी कदम पड़ेंगे, उसके लिए यह कितनी बड़ी बात है!

प्रधानमंत्री मुद्रा बैंक योजना के अंतर्गत 7.64 करोड़ लोगों को 33 लाख करोड़ रुपए का ऋण मंजूर किया जा चुका है। ऐसे ही प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत अब तक दस करोड़ से ज्यादा लोग पंजीकृत हो चुके हैं। दस हजार से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ भी मिल चुका है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत अब तक 3.1161 करोड़ लोग पंजीकृत हो चुके हैं और 61 हजार से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के जरिये सभी सरकारी अस्पतालों द्वारा गरीबों की मुफ्त जांच और दवाओं का वितरण करने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त गरीब लोगों को एक लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर भी दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से अब तक लगभग दो करोड़ गरीब परिवारों को फ्री गैस कनेक्शन दिया जा चुका है, 2019 तक पांच करोड़ से ज्यादा गरीब परिवारों तक फ्री गैस कनेक्शन पहुंचाने में सफल होंगे। महिलाओं के सशक्तीकरण की इससे बड़ी कोई योजना नहीं हो सकती।

चौबीस घंटे बिजली देने का वादा पूरा करने के लिए मोदी सरकार ने तैंतालीस हजार करोड़ रुपए की दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना को मंजूरी दी है। वर्ष 2019 तक हर घर में बिजली की योजना पर द्रुतगति से काम हो रहा है। एक मई 2018 तक देश के सभी गांवों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। 2021 तक हर गरीब के पास अपना घर हो, यह मोदीजी का मिशन है और इस दिशा में केंद्र सरकार तेज गति से काम कर रही है। आवास ऋण भी अब गरीबों को कम ब्याज पर मिल सकेगा। प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ की शुरुआत की है। इसके लिए 5500 करोड़ रुपए का बजट आबंटित किया गया है।पिछले तीन वर्षों में प्रधानमंत्री समाज के लगभग हर तबके से या तो मुखातिब हुए हैं या उनकी योजनाओं से लोग प्रभावित हुए हैं। वे कभी सरहद पर फौजियों से बात करते हैं तो कभी स्कूली बच्चों से। रेडियो पर अपने कार्यक्रम ‘मन की बात में’ अभी तक वे जल संरक्षण, स्कूली परीक्षा, दिव्यांग यानी विकलांगों के प्रति सोच में परिवर्तन, स्वच्छ भारत अभियान, कूड़े से कम्पोस्ट/खाद बनाने, बिजली बचाने, लाल बत्ती कल्चर को खत्म करने, गरमी की छुट्टियों में बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व विकास, खेल को लेकर युवाओं में जोश भरने और कैरियर बनाने के लिए प्रेरित करने, बेटे और बेटियों में अंतर न करने की सलाह देने और खादी के उपयोग को बढ़ावा देने जैसे अनेक मुद््दों पर बोल चुके हैं। इसीलिए आज वे हर बच्चे-बूढ़े के मन में हैं। न्यू इंडिया जो दुनिया के साथ चल सके उस दिशा में कदम बढ़ चुके हैं। देश को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दृढ़ आस्था और विश्वास है जिसे उसने इन तीन वर्षों के अल्प समय में देखा है।
लेखक भाजपा से संबद्ध हैं।

 

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