April 23, 2017

ताज़ा खबर

 

राजनीति

राजनीतिः अवसाद की कड़ियां और शिक्षा

हमने अपनी निजता और संवेदनाओं को बाजार के हवाले कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2017 को अवसाद व उदासी से निजात...

तर्क की भाषा नहीं समझता पाक, फौज करती है फैसला

जाधव के मुद्दे पर भारत का पाकिस्तान के खिलाफ संघर्ष की हद तक जाने की गुंजाइश से इनकार करते हुए पूर्व विदेश मंत्री नटवर...

पुरानी राजनीति की लू में झुलसी बासंती बयार

देश की राजनीति में आम आदमी पार्टी का आगमन एक ताजा हवा के झोंके की तरह हुआ था।

बेबाक बोलः कातिल मुंसिफ- फिर ना-पाक

जब 2013 में सरबजीत सरहदे हिंद पहुंचे तो उनकी सांसें थम चुकी थीं।

राजनीतिः मनमानी की दवा और मरीज

राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के जरिये देश के सभी तबकों के नागरिकों के लिए समुचित चिकित्सा की उपलब्धता सुनिश्चित करने का इरादा केंद्र सरकार पहले...

सरकारी शाहखर्ची और बदहाल किसान

बुंदेलखंड में बारिश और सिंचाई के अभाव में लगभग पांच लाख परिवार तबाह हो गए।

महिला उद्यमियों की मुश्किलें

भारत में ‘स्टार्टअप’ संस्कृति की शुरुआत हुए ज्यादा वक्त नहीं हुआ, और जैसा कि अमूमन होता है इस क्षेत्र में भी पुरुषों का ही...

गरम होती धरती के खतरे

मौसम का पारा जिस तरह ऊपर चढ़ रहा है उससे ऐसा लगता है कि इस बार झुलसाने वाली गर्मी पड़ेगी।

सोशल मीडिया के अंदरूनी खतरे

सोशल मीडिया नेटवर्किंग साइट्स को कुछ असामाजिक तत्त्वों व नकारात्मक सोच रखने वालों ने अफवाह फैलाने, दहशत फैलाने, ठगी, धोखाधड़ी आदि का माध्यम भी...

संदर्भः असहमति और संवाद

लोकतंत्र असहमति के बीच संवाद ही नहीं, परस्पर सम्मान की व्यवस्था भी है।

जनसत्ता बारादरीः बदल गई है देशद्रोह की परिभाषा

पिछले आम चुनाव और फिर इस बीच हुए अधिकतर विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को पराजय का मुंह देखना पड़ा।

राजनीतिः प्रदूषण की चपेट में जिंदगी

दिल्ली और एनसीआर में जहां औद्योगिक इकाइयों और कारखानों की भरमार है वहां धुंध के साथ ध्वनि प्रदूषण भी चरम पर है। धुंध के...

बेबाक बोलः कल और आज- आप की कथनी-करनी

अगर यही हाल रहा तो भारत के राजनीतिक इतिहास में केजरीवाल साहब का नाम भी ‘एक चुनाव का करामाती (वन इलेक्शन वंडर)’ श्रेणी में...

उड़नछू हो गई जूता फेंकने के बाद मिली जीत

राजौरी गार्डन विधानसभा उपचुनाव में पराजित होने के बावजूद कांग्रेस जश्न मना रही है।

धर्मक्षेत्रे संघक्षेत्रे की ओर बढ़ता देश

यह वाकई सोचने पर मजबूर करता है कि भारी जनादेश से चुने गए 325 विधायकों में से भाजपा के पास क्या एक भी नेता...

विचार: राजनीति में आंबेडकर पर्व

जब-जब भी पंचवर्षीय राजनैतिक त्योहार मनाए जाते हैं तब-तब बाबासाहेब डॉ आंबेडकर के नाम पर इतनी धूल उड़ाई जाती है कि स्वयं आकाश उस...

प्यारे डिजिटल भारत वासियो

पांच साल पहले हम पश्चिमी देशों की ओर देखते और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में भारत के बेहद खराब बुनियादी ढांचे के बारे में...

सबरंग