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राजनीति

राजनीतिः सामाजिक बहिष्कार का दंश

एक न्यूनतम मानवीय गरिमा के साथ जीना हरेक व्यक्ति का अधिकार है, चाहे उसकी आर्थिक व सामाजिक पृष्ठभूमि जैसी भी है। हमारे संविधान के...

बेबाक बोलः देश बदल रहा है

देश बदल रहा है...। इतनी तेजी से बदलेगा सोचा न था। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद एक सांसद के रूप में...

राजनीतिः विकास से वंचित लोग

जब सूखा पड़ने या ओले गिरने या कीट प्रकोप आदि के कारण फसल मारी जाती है तब तो किसान स्वाभाविक रूप से विपत्ति में...

कक्षा आठ तक ‘फेल न करने की नीति’ को समाप्त करने की मांग

इस संशोधन विधेयक के मुताबिक परीक्षाफल जारी होने के दो से तीन महीने के अंदर ही फेल छात्र की परीक्षा दोबारा ली जाएगी।

कब पूरी होगी पुनर्वास की आस

क्या नदी की मुख्यधारा पर मध्यप्रदेश में ही बने बरगी, इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, महेश्वर और सहायक नदियों पर बने तवा, सुक्ता, बारना सरीखे विशालकाय...

आत्मविश्लेषण का पर्व

जाति, धर्म, संप्रदाय, क्षेत्र और भाषा जैसे सवालों ने अपने जहरीले डैने पसार रखे हैं। ऐसे में हमारे राष्ट्रीय पर्वों की प्रासंगिकता और भी...

आजादी का हासिल और स्वराज

जब सारी दुनिया में पश्चिमी सभ्यता का गुणगान हो रहा था तो गांधीजी की व्यंग्यात्मक टिप्पणी ने सभ्यता के सवाल क्यों खड़े किए?...

फसल बीमा की हकीकत

आकंड़े बता रहे हैं कि किसानों ने फसल नुकसान संबंधी जो दावा किया उसका निपटारा ढंग से नहीं किया गया। कई जगहों पर...

राजनीतिः अगर धरती को बचाना है

जंगल जिस रफ्तार से नदारद हो रहे हैं उसी रफ्तार से नदारद होते रहे तो आक्सीजन कहां से मिलेगी? यदि ये जंगल नहीं रहेंगे...

बेबाक बोलः सियासत का संदेश

भाजपा से नाता टूटने के बाद हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला से सवाल पूछा गया था कि क्या उनके भाजपा के साथ...

दुनिया मेरे आगेः मान्यता का बोझ

उन्हें विदेश में रहते हुए कई साल हो गए थे। वहां वे सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करते थे। इस बार जैसे ही...

राजनीतिः क्यों घुट रहा सफाईकर्मियों का दम

सफाईकर्मियों को इसलिए भी जान से हाथ धोना पड़ता है कि उनके पास सुरक्षा के समुचित उपकरण नहीं होते। सारी तकनीकी प्रगति के बावजूद...

राजनीतिक हिंसा का अखाड़ा बनता केरल

राजेश के दोनों हाथ काटे गए और उनके शरीर पर तिरासी घातक निशान मिले। इससे पहले भी जो हत्याएं हुर्इं, उनमें भी ऐसी...

बेटियों के गुनहगार

ग्रामीण क्षेत्रों के हिंदू समुदाय में शादी के नाम पर कई जगह लड़कियों को बेच दिया जाता है। मुसलिम समुदाय में भी शादी...

शिक्षा सुधार का आधार

अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने के लिए वे अपनी सामर्थ्य में बड़ी से बड़ी फीस देने को तैयार होते हैं। स्कूल-पूर्व शिक्षा के बाद...

घरेलू कामगार क्यों हैं लाचार

घरेलू कामगार भारत के मजदूर वर्ग का सबसे शोषित हिस्सा हैं। पुराने समय में घरेलू काम श्रम-दोहन के सामंती ढांचे में अंतर्निहित था। आमतौर...

राजनीतिः गैस सबसिडी के बगैर

 गरीबों की अनदेखी करना एक कल्याणकारी राष्ट्र का चरित्र नहीं होता। धीरे-धीरे सबसिडी खत्म करने के तरीके को आर्थिक विशेषज्ञ भले यह कह कर...

बेबाक बोलः जब तोप मुकाबिल हो..

छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी, नए दौर में लिखेंगे, मिलकर नई कहानी...नेहरूकाल का यह फिल्मी गीत नेहरू मॉडल का सार है।...

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