राजनीति

  • अंतिम अरण्य में जीवन

    केपी सिंह जनसत्ता 1 अक्तूबर, 2014: महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के लव-कुश प्रकरण में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को राजधर्म का पाठ पढ़ाते हुए कहा था...

  • केम छो अमेरिका

    पुष्परंजन जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: अब मोदीजी राजनीति के रॉकस्टार हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में धाराप्रवाह बोलते हुए उन्होंने पाकिस्तान को धोया, संयुक्त...

  • सामाजिक न्याय का तंग दायरा

    जितेंद्र कुमार जनसत्ता 29 सितंबर, 2014: अगस्त 1990 में मंडल आयोग की सिफारिशें लागू करके तब के प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने जिस सामाजिक न्याय...

  • धार्मिक स्वतंत्रता का अर्थ

    विष्णु नागर जनसत्ता 26 सितंबर, 2014: भारत ही नहीं, दुनिया भर में धार्मिक कट्टरता और भयंकर पाखंड के इस दौर में मुंबई उच्च न्यायालय के...

  • हिंदी में वैज्ञानिक शब्दावली की समस्या

    लाल्टू जनसत्ता 25 सितंबर, 2014: मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भारतीय भाषाओं में वैज्ञानिक शब्दावली का कोश तैयार करने का बीड़ा उठाया हुआ है। वर्ष...

  • साझी लूट का कारोबार

    धर्मेंद्रपाल सिंह जनसत्ता 24 सितंबर, 2014: फरवरी 2012 में जब उच्चतम न्यायालय ने दूरसंचार घोटाले में लिप्त एक सौ बाईस लाइसेंस रद्द किए थे तब...

  • गाजा के गुनहगार

    अजेय कुमार जनसत्ता 23 सितंबर, 2014: इजराइल की सरकार किस तरह अपनी जनता के शक्तिशाली वर्गों के बीच फिलस्तीनियों के प्रति नफरत फैलाती रही है,...

  • समाज सुधार का आधार

    स्वामी अग्निवेश जनसत्ता 22 सितंबर, 2014: तात्त्विक दृष्टि से देखा जाए तो सृष्टि और समाज में मूल द्वंद्व सकारात्मक और नकारात्मक तरंगों और ऊर्जाओं के...

  • कानून, कारागार और कैदी

    केपी सिंह जनसत्ता 19 सितंबर, 2014: उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में व्यवस्था दी है कि उन विचाराधीन आरोपियों को तुरंत जमानत पर रिहा किया...

  • यह श्रेष्ठ भारत का रास्ता नहीं

    महावीर सरन जैन जनसत्ता 18 सितंबर, 2014: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का तर्क है कि अगर इंग्लैंड में रहने वाले अंगरेज हैं,...