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खिलाड़ियों के गोद में बैठना, शरीर के हर हिस्से की जांच, ये हैं चीयरलीडर्स की जिंदगी के कड़वे सच

Fri October 27 2017, 4:24 pm
  • नेशनल फुटबॉल लीग (एनएफएल) का खुमार ही कुछ अलग है। दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल फुटबॉल के इस टूर्नामेंट में जब 32 टीमें टकराती हैं तो उसका जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता है। साथ ही चीयरलीडर्स का निराला अंदाज लोगों में और जोश भर देता है। लेकिन बाहर से यह दुनिया जितनी रंगीन और खूबसूरत नजर आती है, अंदर से वैसी नहीं है। चीयरलीडर्स को मैदान पर अपनी टीम को चीयर करते तो आपने खूब देखा होगा, लेकिन उसके पीछे छिपा दर्द आप शायद ही जानते हों। आज हम आपको एनएफएल की चीयरलीडर्स की कुछ आपबीती बताने जा रहे हैं, जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे।

  • अगर आप सोचते हैं कि एनएफएल चीयरलीडर्स को बहुत पैसा मिलता है तो एेसा नहीं है। तम्पा बे बुकानीर्स की पूर्व चीयरलीडर का कहना है कि एक मैच के लिए उन्हें सिर्फ 100 डॉलर ही मिलते थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रैक्टिस और अन्य टीम समारोह के लिए कोई पैसा नहीं दिया जाता था।

  • जो टीमें प्रैक्टिस का पैसा नहीं देती, उनमें बेन-गल्स रायडेरेटीज, फ्लाइट क्रू और बुकानीर्स चीयरलीडर्स शामिल हैं। चीयरगर्ल्स को हर हफ्ते 6 से 15 घंटे प्रैक्टिस करनी पड़ती है और इसका कोई पैसा नहीं मिलता।

  • एनएफएल चीयरलीडर का कॉम्पिटिशन बहुत मुश्किल होता है, लेकिन टीनिसी टाइटन्स की चीयरलीडर इवोनी थॉम्पसन का मानना है कि यह फुल टाइम जॉब नहीं है। एक फुल टाइम जॉब 40 घंटे की होती है। लेकिन चीयरलीडर्स के साथ एेसा नहीं होता। उन्हें तीन दिन प्रैक्टिस करनी पड़ती है, गेम के दिन परफॉर्म करना होता है और कॉरपोरेट और चैरिटी इवेंट में भी जाना पड़ता है।

  • अगर टॉम ब्रैडी अपनी जर्सी भूल जाएं तो पैट्रीयॉट्स अॉर्गनाइजेशन उनके लिए दूसरी जर्सी का इंतजाम कर देगा, बिना कोई पैसा लिए। लेकिन अगर कोई चीयरलीडर पॉम-पॉम लाना भूल जाती है तो उस पर 10 डॉलर तक का फाइन लगाया जाता है। कई बार उन पर योगा प्रैक्टिस के दौरान गलत चटाई लाने पर भी फाइन लगाया जाता है।

  • एनएफएल चीयरलीडर्स को पूरे सीजन के दौरान वजन पर कंट्रोल रखना होता है। एक चीयरलीडर के मुताबिक सीजन से पहले वजन चेक होता है और अगर यह बढ़ा हुआ मिलता है तो उन्हें बेंच पर बैठा दिया जाता है। इसके अलावा उनके शरीर के हर हिस्से की जांच भी होती है।

  • गोल्फ की गाड़ी में कुछ ही सीटें होती हैं। एलिसा यू के मुताबिक कई बार इसमें चार मर्द बैठे होते थे। इसलिए चीयरलीडर्स को उनकी गोद में बैठकर उनके साथ जाना होता था। यह यकीनन किसी भी महिला के लिए आपत्तिजनक होगा।

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