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2जी स्पेक्ट्रम, कोयला आवंटन प्रक्रिया में हुई छेड़छाड़: CVC के.वी. चौधरी

कोयला ब्लॉक तथा 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया से छेड़छाड़ की गई थी, जिससे ऐसे लोगों को लाभ मिला जो इसके पात्र नहीं थे।
Author नई दिल्ली | July 27, 2016 23:04 pm
केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) के.वी. चौधरी

कोयला ब्लॉक तथा 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया से छेड़छाड़ की गई थी, जिससे ऐसे लोगों को लाभ मिला जो इसके पात्र नहीं थे। इस बात को आज सभी मान रहे हैं। केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) के.वी. चौधरी ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में हुए कथित घोटाले पर आज यह बात कही।

चौधरी ने आज यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘यदि हम हाल के दो सबसे विवादास्पद मामलों को देखें- स्पेक्ट्रम आवंटन और कोयला आवंटन, हालांकि आज की तारीख में इस बात के पुख्ता प्रमाण नहीं हैं कि ‘एक्स’ ने ‘वाई’ को पैसा दिया। ये मामले अदालत में हैं। लेकिन एक बात सभी स्वीकार करते हैं कि मामले में प्रक्रिया से छेड़छाड़ की गई थी।’ बाद में चौधरी ने कहा कि प्रक्रिया में छेड़छाड़ से ऐसे लोगों को आवंटन हुआ जो इसके पात्र नहीं थे। वहीं पात्र लोग इससे वंचित रह गए।

सीबीआई दूरसंचार कंपनियों को दूसरी पीढ़ी (2जी) के स्पेक्ट्रम आवंटन में भ्रष्टाचार की जांच कर रही है। इसके अलावा वह कोयला ब्लाक आवंटन की भी जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि सभी शर्तें निविदा दस्तावेज में उचित तरीके से रखी जाएं और निविदा की प्रक्रिया पारदर्शी हो। चौधरी यहां उद्योग मंडल एसोचैम द्वारा आयोजित दसवें सार्वजनिक खरीद सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, जिसका विषय पारदर्शिता, दक्षता तथा जवाबदेही बढ़ाना है।

उन्होंने बताया कि देश का 30 प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) जो करीब 25 लाख करोड़ रूपये बैठता है, सरकार द्वारा वस्तुओं और सेवाओं के लिये जारी निविदाओं में खरीदारी से आता है। सीवीसी ने कहा कि कुछ मामलों में निविदा की प्रक्रिया में एक से तीन साल का समय लगता है जिसे कम किए जाने की जरूरत है। चौधरी ने हालांकि कहा कि निविदा प्रक्रिया के तहत सबसे कम बोली लगाने वाले के मामले में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

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