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राजनाथ सिंह 18 नवंबर से चीन दौरे पर

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह पांच दिन की चीन यात्रा पर बुधवार को बेजिंग पहुंचेंगे। पेरिस हमलों की पृष्ठभूमि में दोनों देशों में सुरक्षा सहयोग को मजबूत बनाने.
Author बेजिंग | November 18, 2015 01:38 am
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह। (फाइल फोटो)

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह पांच दिन की चीन यात्रा पर बुधवार को बेजिंग पहुंचेंगे। पेरिस हमलों की पृष्ठभूमि में दोनों देशों में सुरक्षा सहयोग को मजबूत बनाने की कोशिश के बीच वह सीमा पार से आतंकवाद का मुकाबला करने सहित कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे। करीब एक दशक की अवधि में राजनाथ सिंह चीन का दौरा करने वाले पहले गृह मंत्री होंगे। उनका बेजिंग में चीन के अधिकारियों के साथ बातचीत का कार्यक्रम है। वह शंघाई भी जाएंगे जो चीन का प्रमुख वित्तीय केंद्र है। वह चीन के जनसुरक्षा मंत्री गुओ शेंगकून के साथ बातचीत भी करेंगे। गुओ चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी में स्टेट काउंसलर हैं। यह पद मंत्री से ऊपर का होता है।

चीन के पहले पुलिस प्रमुख के रूप में पहचान रखने वाले गुओ उस राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक समूह के प्रमुख भी हैं जो पूरे देश में अल कायदा समर्थित संगठन ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ईटीआइएम) से निपटने का काम कर रहा है। चीन के शिन जियांग प्रांत में हिंसक हमलों के लिए इसी समूह को जिम्मेदार कहा जाता है। दोनों पक्षों के अधिकारियों का कहना है कि सिंह का दौरा दोनों देशों की ओर से राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य मोर्चे पर संबंधों के सतत विकास के बाद हो रहा है। गुओ के साथ सिंह की बातचीत में पाकिस्तान से सीमापार आतंकवाद सहित कई सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

चीन के दबाव के कारण पाकिस्तान की सेना ने हालिया महीनों में उन कबायली इलाकों में बड़ा अभियान चलाया है जहां ईटीआइएम के चरमपंथियों ने ठिकाना बना रखा है। आतंकवाद से संबंधित मुद्दों के अलावा राजनाथ सिंह पूर्वोत्तर के राज्यों में उग्रवादी समूहों को हथियारों की आपूर्ति और जाली नोटों व सीमा पर तस्करी पर अंकुश लगाने को लेकर भी बातचीत कर सकते हैं।

दोनों देश खुफिया समूहों सहित कई सुरक्षा एजंसियों के बीच सहयोग सुधारने को लेकर भी आशान्वित हैं। एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों ने अपने संबंधों को इस स्तर तक सुधार लिया है कि जहां हम सभी लंबित मुद्दों पर खुलकर चर्चा कर सकते हैं। इससे पहले शिवराज पाटील ने 2005 में बतौर गृह मंत्री चीन का दौरा किया था।

स्थानीय मीडिया के अनुसार बुधवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर के साथ मुलाकात के दौरान चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग के उप प्रमुख फान चांगलोंग ने कहा कि चीन सभी तरह के आतंकवाद के विरोध में है। वह आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय लड़ाई में शामिल होने का संकल्प लेता है। राजनाथ सिंह के दौरे से पहले दोनों देशों ने नई दिल्ली में सातवां आतंकवाद विरोधी संवाद किया। खबर है कि इस दौरान भारत ने पाकिस्तान से सीमा पार घुसपैठ और मुंबई हमले के साजिशकर्ता जकीउर रहमान लखवी को रिहा करने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों में चीन के अवरोध पैदा करने को लेकर भारत की चिंताओं के मुद्दे उठाए।

भारत-चीन आतंकवाद विरोधी सहयोग के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग ली ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हालिया आतंकवाद विरोधी संवाद में दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय स्तर पर पैदा हुए हालात पर और आतंकवाद विरोधी लड़ाई के विचार व आतंकवाद के विरोध से संबंधित चिंताओं और इस दिशा में द्विपक्षीय सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

होंग ने कहा- दोनों पक्षों का मानना है कि आतंकवाद विरोधी लड़ाई के हालात बहुत गंभीर और जटिल हैं। हमें पहले इस संदर्भ में विचारों का आदान-प्रदान और संवाद करना चाहिए ताकि क्षेत्र में सुरक्षा व स्थिरता को कायम रखा जा सके। अपनी ओर से चीन भारत में हाईस्पीड ट्रेन की तकनीक को लेकर जोर दे सकता है। चीन फिलहाल नई दिल्ली-चेन्नई कोरिडोर के लिए व्यावहारिकता संबंधी अध्ययन कर रहा है।

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