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राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी से बचने और जनाधार मजबूत करने की कवायद

राजस्थान कांग्रेस के नेताओं की खेमेबाजी दूर करने के लिए आलाकमान की पहल पर कसरत शुरू हो गई है। इस कड़ी में यहां बडेÞ नेताओं की साझा बैठक प्रभारी महासचिव गुरुदास कामत ने ली।
Author जयपुर | July 27, 2016 02:48 am

’पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंगलवार की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कई नेता शामिल हुए। इस दौरान प्रदेश में कांग्रेस संगठन को पूरी तरह से मजबूत बनाने के लिए नेताओं ने प्रभारी महासचिव को भरोसा दिया। बैठक के बाद प्रदेश के आधा दर्जन बडेÞ नेताओं की जल्द ही राहुल गांधी के साथ बैठक होगी।

राजस्थान कांग्रेस के नेताओं की खेमेबाजी दूर करने के लिए आलाकमान की पहल पर कसरत शुरू हो गई है। इस कड़ी में यहां बडेÞ नेताओं की साझा बैठक प्रभारी महासचिव गुरुदास कामत ने ली। इसमें नेताओं से एकजुट होकर भाजपा से मुकाबले के लिए तैयार रहने के कहा गया। इससे पहले पार्टी ने भाजपा के असर वाले शहरी इलाकों में जनाधार मजबूत करने के लिए नेताओं से राय मांगी।
प्रदेश में दो साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अभी से जुट गई है। चुनावी मैदान में उतरने से पहले पार्टी नेताओं की गुटबाजी पर लगाम लगाने के लिए उसने बडे़ नेताओं को एक जाजम पर लाने की रणनीति बनाई है।

पार्टी आलाकमान को लंबे अरसे से शिकायत मिल रही थी कि राजस्थान के नेताओं की खेमेबाजी से संगठन कमजोर हो गया है। इसके कारण पार्टी प्रभावी तरीके से प्रदेश में भाजपा सरकार की मुखालफत नहीं कर पा रही है। इसके बाद ही कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रभारी महासचिव गुरुदास कामत को प्रदेश के नेताओं की गुटबाजी दूर करने का निर्देश दिया। कामत ने ही प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और केंद्र में मंत्री रहे नेताओं की मंगलवार को यहां बड़ी बैठक की। इस बैठक में सभी नेताओं को राहुल गांधी की हिदायत बताते हुए साफ निर्देश दिए गए कि अब किसी भी तरह की गुटबाजी सहन नहीं की जाएगी।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंगलवार की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कई नेता शामिल हुए। इस दौरान प्रदेश में कांग्रेस संगठन को पूरी तरह से मजबूत बनाने के लिए नेताओं ने प्रभारी महासचिव को भरोसा दिया। बैठक के बाद प्रदेश के आधा दर्जन बडेÞ नेताओं की जल्द ही राहुल गांधी के साथ बैठक होगी। कांग्रेस आलाकमान का कहना है कि नेताओं के अलग-अलग गुटों में बंटने से कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस की तरफ से किए जाने वाले विरोध प्रदर्शनों में नेताओं की गुटबाजी से आम कार्यकर्ताओं की भागीदारी ज्यादा नहीं हो पाती है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी चुनावी हार के बाद राजस्थान के कई दौरे कर चुके है। कांग्रेस को राजस्थान से खासी उम्मीदें है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के बीच ही सीधा मुकाबला है। इस कारण प्रदेश में कांग्रेस एकजुट होकर मैदान में उतरे तो भाजपा को आसानी से मुश्किल में डाल सकती है। प्रदेश के बडेÞ नेताओं की बैठक से पहले सोमवार को यहां शहरी क्षेत्रों के स्थानीय नेताओं की बड़ी बैठक हुई थी। इसमें बड़े नेताओं ने नगर निगम वाले शहरों के कांग्रेसी नेताओं से उनके इलाकों में संगठन के स्थिति के बारे में जानकारी ली।

कांग्रेस की रणनीति है कि शहरी क्षेत्रों में मजबूती दिखाने से भाजपा की स्थिति कमजोर हो जाएगी। इसके लिए कांग्रेस ने अपने शहरी नेताओं से उनके इलाके में पार्टी को मजबूत करने की रणनीति पर लंबा विचार किया। इसमें सामने आया कि शहरी इलाकों में भी नेताओं के बीच बडेÞ पैमाने पर गुटबाजी है। इसके कारण ही शहरी इलाकों में कांग्रेस असरदार तरीके से भाजपा का सामना नहीं कर पाती है। प्रदेश अध्यक्ष पायलट का दावा है कि कांग्रेस अगले चुनावों तक शहरी इलाकों में भाजपा को पछाड़ने की तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी।

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