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ISIS सहित दूसरे आतंकी संगठन लगे हैं लोगों को फुसलाने में

राज्यसभा में बुधवार को शिवेसना के संजय राउत ने आतंकी संगठन आइएस की ओर युवाओं के रुझान पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अन्य आतंकी संगठन भी देश में अपनी पैठ बनाने की कोशिश हैं।
Author नई दिल्ली | August 4, 2016 01:59 am
शिवेसना के संजय राउत

राज्यसभा में बुधवार को शिवेसना के संजय राउत ने आतंकी संगठन आइएस की ओर युवाओं के रुझान पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अन्य आतंकी संगठन भी देश में अपनी पैठ बनाने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के सीमाई इलाकों में जमात उल मुजाहिदीन लोगों को फुसला रहा है और देश में भी ऐसा संगठन अपने पैर पसारने की कोशिश कर रहा है। राउत ने गृह मंत्रालय से ऐसे संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और युवाओं का इन संगठनों की ओर रूझान रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
शून्यकाल में ही टी सुब्बीरामी रेड्डी ने लापता बच्चों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अगर ऐसे बच्चों का पता नहीं लगाया जाता तो इन्हें भिखारी या असामाजिक तत्व बना दिया जाता है। उन्होंने कहा कि लापता होने वाले बच्चों में 60 फीसदी लड़कियां होती हैं। माकपा की झरना दास वैद्य ने देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही बच्चों की तस्करी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को न सिर्फ ऐसे बच्चों का पता लगाने के लिए कदम उठाना चाहिए बल्कि ऐसी घटनाओं को भी रोकना चाहिए।

द्रमुक की कनिमोई ने देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही कथित बंधुआ मजदूरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बंधुआ मजदूरी को समाप्त करने के लिए वर्ष 1976 में कानून बनाया गया लेकिन अब तक इस पर रोक नहीं लगाई जा सकी है।माकपा के सुखेंदु शेखर राय ने स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी धारकों के बीमा संबंधी दावों को थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रिेटर (टीपीए) द्वारा खारिज किए जाने और उनकी राशि घटाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि कैग से इसका विशेष आॅडिट कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रिेटर बीमा पॉलिसी धारकों के बीमा संबंधी दावों को खारिज कर देते हैं या उनकी राशि घटा देते हैं और इस तरह से वे उपभोक्ताओं को ठग रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीमा नियमन दिशानिर्देशों के अनुसार टीपीए न तो दावों को खारिज कर सकता है और न ही दावे की राशि घटा सकता है। यह अधिकार केवल बीमा कंपनी का होता है। उन्होंने कहा कि मेडिक्लेम बीमे के हजारों दावों को या तो टीपीए ने ठुकरा दिया या दावों की राशि घटा दी। उन्होंने टीपीए और बीमा कंपनियों के बीच गठजोड़ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मेडिकल संबंधी दावों को स्वीकार किए जाने और उन्हें खारिज किए जाने का कैग से विशेष आॅडिट कराया जाना चाहिए ताकि रैकेट का भंडाफोड़ हो सके।

मालूम हो कि टीपीए एक संगठन है जो स्वास्थ्य बीमा कंपनियों, पॉलिसी धारक और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के बीच एक महत्त्वपूर्ण कड़ी होता है।
कांग्रेस की विप्लव ठाकुर ने गाजियाबाद में एक छात्रा द्वारा फीस न दे पाने की वजह से खुदकुशी करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों की संख्या कुकुरमुत्तों की तरह बढ़ रही है और उनकी फीस भी ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में ऐसे ही एक स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा दो महीने से फीस नहीं दे पाई थी, जिसकी वजह से स्कूल प्रशासन ने उसके पिता को कथित तौर पर अपमानित किया। छात्रा यह बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसने जान दे दी। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों मे किसी न किसी तरह महिलाओं पर अत्याचार हो ही रहा है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में निजी स्कूलों की कथित मनमानी पर रोक लगाए जाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

सपा के जावेद अली खान ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडल में 16 पैसेंजर यात्री ट्रेन सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए जाने और तीन पैसेंजर ट्रेनों को सप्ताह में एक या दो बार चलाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे जनविरोधी और गरीब विरोधी कदम करार देते हुए कहा कि रेल मंत्री ने जब रेल बजट पेश किया था तब कहा था कि यह जनता का बजट है। लेकिन यह कदम तो विरोधाभासी है। खान ने इन ट्रेनों को पहले की तरह ही नियमित चलाए जाने की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि यह पूर्णकालिक ट्रेन सेवाएं कब से बहाल की जाएंगी।
तृणमूल कांग्रेस के नदीमुल हक ने फलों और सब्जियों सहित खाद्य सामग्री में मिलावट किए जाने का मुद्दा उठाया और कहा कि यह लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्रियों में कीटनाशक के अंश पाया जाना चिंताजनक है और सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर मिलावट रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। पिछले दिनों उठे मैगी नूडल विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब देश के विभिन्न हिस्सों में इस पर प्रतिबंध था तब पश्चिम बंगाल में इसकी जांच करने के बाद इसे क्लीन चिट दी गई थी। उन्होंने कहा-‘आपको कठोर होना चाहिए लेकिन ऐसा कुछ न करें जिससे निर्माता परेशान हों।’

माकपा सदस्य केके रागेश ने नदीमुल का समर्थन करते हुए कहा कि फलों और सब्जियों में कीटनाशकों के अंश पाया जाना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि एफएसएसएआइ (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी आॅफ इंडिया) को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए और मिलावट रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना चाहिए। इस पर कुरियन ने सदन में मौजूद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा से इस मुद्दे पर विशेष ध्यान देने को कहा।

सपा के नरेश अग्रवाल ने सड़क हादसों में हर साल बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने का मुद्दा उठाते हुए सड़क सुरक्षा के लिए एक कोष बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में हर साल करीब डेढ़ लाख लोगों को मौत की नींद सुलाती हैं जिनमें बड़ी संख्या युवाओं की होती है। इसके बावजूद देश में सड़क सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर 50 किलोमीटर की दूरी पर एक ट्रामा सेंटर स्थापित करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) जो भी अधिभार एकत्र करता है, उसमें से उसे कुछ राशि सड़क सुरक्षा के लिए अलग रखनी चाहिए और पूरे देश में दुपहिया चालकों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी किया जाए। साथ ही अग्रवाल ने यातायात नियमों संबंधी संकेतों को स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल करने की भी मांग की।

कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री ने गुजरात में नर्मदा बांध परियोजना के निर्माण से प्रभावित लोगों की समस्याओं का मुद्दा उठाया और कहा कि इन लोगों के साथ किए गए वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं। भाजपा के विनय पी सहस्त्रबुद्धे ने देश में विकास पर्यटन की संभावनाओं पर ध्यान देने की मांग की। इसी पार्टी के बासवा राज पाटील और कांग्रेस के हुसैन दलवई और शमशेर सिंह दुल्लो ने भी अपने अपने मुद्दे उठाए।
कांग्रेस की रेणुका चौधरी ने तेलंगाना में किसानों को बैंकों से कर्ज लेने में हो रही समस्याओं का जिक्र किया और सरकार से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए तारीख आगे बढ़ाने की मांग की।

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