June 28, 2017

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जासूसी रैकेट में संलिप्तता के कारण एक व्यक्ति जोधपुर से गिरफ्तार

जासूसी रैकेट में कथित संलिप्तता के कारण जोधपुर में रहने वाले पासपोर्ट एवं वीजा एजेंट शोएब को आज शाम उसके गृहनगर से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी है।

Author नई दिल्ली | October 28, 2016 04:46 am

जासूसी रैकेट में कथित संलिप्तता के कारण जोधपुर में रहने वाले पासपोर्ट एवं वीजा एजेंट शोएब को आज शाम उसके गृहनगर से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी है। पाकिस्तान उच्चायोग के एक अधिकारी को जासूसी रैकेट में कथित भागीदारी के कारण हिरासत में लिया गया था। इस अधिकारी की पहचान महमूद अख्तर के रूप में हुई है। यह रैकेट संवेदनशील रक्षा दस्तावेज तथा भारत पाक सीमा पर बीएसएफ की तैनाती के बारे में जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को देता था।
मौलाना रमजान एवं सुभाष जांगिड़ नामक दो व्यक्तिों को आईएसआई को संवेदनशील सूचना एवं रक्षा दस्तावेज और भारत पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ की तैनाती संंबंधी सूचनाएं देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। संयुक्त पुलिस आयुक्त :अपराध: रवीन्द्र यादव ने कहा, ‘‘वह :शोएब: मोड्यूल में सुभाष एवं मौलाना की भर्ती के लिए जिम्मेदार है। उसे आज जोधपुर के समीप से गिरफ्तार किया गया।’ अधिकारी ने बताया कि मौलाना के सम्पर्क में शोएब करीब डेढ़ वर्ष पहले आया। शोएब ने मौलाना को गुजरात एवं राजस्थान में सेना एवं अर्द्ध सैनिक बलों के प्रतिष्ठानों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र करने के लिए प्रलोभन दिया।

उन्होंने बताया कि कल अख्तर के शोएब, रमजान एवं जांगिड़ के साथ दिल्ली चिड़ियाघर में मौजूद होने का सुराग मिलने के बाद पुलिस ने अख्तर के साथ रमजान एवं जांगिड़ को पकड़ा था। किन्तु शोएब बच कर निकल गया। अधिकारी ने कहा कि हमने शोएब को हिरासत में लेने के लिए जोधपुर पुलिस से अनुरोध किया तथा आज उसे हिरासत में ले लिया गया। उसे जल्द दिल्ली लाया जाएगा। शोएब से पूछताछ में अन्य जासूसों के नेटवर्क के बारे में पता चलने की संभावना है जिन्हें माड्यूल के लिए भर्ती किया गया। यादव ने बताया कि पुलिस को यह भी पता चला है कि नागपुर में रहने वाला रमजान स्थानीय लोगों को भर्ती करता था जिसमें सेना एवं अर्द्ध सैन्य बलों के कर्मी भी होते थे जिससे सूचनाएं:दस्तावेज हासिल की जा सकें। पुलिस ने बताया कि उसने सुभाष का महमूद से एक अद्धसैन्य अधिकारी के रूप में परिचय करवाया था ताकि महत्वपूर्ण दस्तावेज साझा करने के लिए उच्च्ंची राशि हासिल की जा सके।

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First Published on October 28, 2016 4:45 am

  1. B
    Bhagawana Upadhyay
    Oct 28, 2016 at 12:17 am
    काकावाणी M️ ‏@AliSohrab007 39m39 minutes agoपिछले 13 दिनों से लापता जेएनयू छात्र नजीब अहमद के परिवार ने आज दावा किया कि उनका विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है।
    Reply
    1. B
      Bhagawana Upadhyay
      Oct 28, 2016 at 12:29 am
      Reply
      सबरंग