ताज़ा खबर
 

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में तैनाती और अदालत का हथौड़ा

उप्र के अहम शहर नोएडा, ग्रेटर नोएडा में अधिकारियों की तैनाती का मुद्दा पिछले दिनों हाई कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
Author नोएडा | July 27, 2016 01:24 am

आशीष दुबे

उप्र के अहम शहर नोएडा, ग्रेटर नोएडा में अधिकारियों की तैनाती का मुद्दा पिछले दिनों हाई कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। बता दें कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के चेयरमैन के रूप में रमा रमण की तैनाती पर सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र गोयल ने हाई कोर्ट में पीआइएल दायर की थी। कोर्ट ने तीनों प्राधिकरणों के चेयरमैन रमा रमण के अधिकार जब्त करने का आदेश दिया था।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आइएएस अधिकारी प्रवीण कुमार को तीनों प्राधिकरणों का चेयरमैन बनाया है। जबकि रमा रमण को केवल नोएडा के सीईओ के रूप में पदस्थ रखने का फैसला लिया है। अगले हफ्ते इस मामले पर कोर्ट में सुनवाई होनी है। जानकारों के मुताबिक नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण का सालाना बजट करीब 25 हजार करोड़ रुपए है। किसी छोटे राज्य का सालाना बजट इससे कम होता है।

आरोप लगते हैं कि सत्तारूढ़ दल चेयरमैन के जरिए अपने हितों के आधार पर नीतियां तय करती है। इन तीनों औद्योगिक प्राधिकरणों के बोर्ड में जनता की भागीदारी नहीं है। ऐसे में सत्ताधारी दल और ब्यूरोक्रेसी (नौकरशाही) मिलकर चहेते अफसरों की तैनाती नोएडा, ग्रेटर नोएडा या गाजियाबाद जैसे शहरों में कराते हैं। हालांकि इस तरह की व्यवस्था में अफसर महज एक मुखौटे का काम करते हैं। जबकि उनकी तैनाती, विभागों का बंटवारा और अतिरिक्त चार्ज संबंधी चाबी सत्ताधारी नेताओं के हाथ होती है। लोगों का मानना है कि जनता की भागीदारी प्राधिकरणों के बोर्ड में होने से ऐसे हालात में कमी लाना संभव है। दूसरी तरफ, लोगों का मानना है कि आइएएस, आइपीएस ही नहीं बल्कि पीसीएस अधिकारी भी नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में तैनाती को प्रतिष्ठा से जुड़ी मानते हैं। इन शहरों के ज्यादा तरक्कीशुदा होने के अलावा पढ़ाई, रोजगार से जुड़े अवसर भी ज्यादा है।

2006 में नोएडा, ग्रेटर नोएडा में चेयरमैन के रूप में राकेश बहादुर और नोएडा सीईओ के रूप में संजीव सरन तैनात थे। 2007 में प्रदेश में बसपा सरकार आने के बाद सरदार मोहिंदर सिंह को तीनों प्राधिकरणों का चेयरमैन तैनात किया गया था। 2011 के अंत में सरदार मोहिंदर सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद खाली रहा। सपा सरकार के कार्यकाल में चेयरमैन के रूप में दोबारा राकेश बहादुर और सीईओ के रूप में संजीव सरन की तैनाती हुई। दोनों अफसरों की तैनाती पर हाई कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद सरकार ने रमा रमण को तीनों प्राधिकरणों का चेयरमैन और नोएडा का सीईओ तैनात किया। हालांकि बसपा शासनकाल में रमा रमण ग्रेटर नोएडा के सीईओ के रूप में तैनात रहे थे।

cats

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.