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जामिया ने मिटाया नजीब की गुमशुदगी के दिन का फुटेज

जेएनयू छात्र नजीब अहमद के लापता होने के सिलसिले में जामिया प्रशासन से दिल्ली पुलिस की ओर से मांगे गए सीसीटीवी फुटेज को मिटा दिया गया है क्योंकि जामिया प्रशासन किसी भी दिन के क्लिप को बस एक महीने तक बचा कर रखता है।
Author , नई दिल्ली | November 19, 2016 00:36 am

जेएनयू छात्र नजीब अहमद के लापता होने के सिलसिले में जामिया प्रशासन से दिल्ली पुलिस की ओर से मांगे गए सीसीटीवी फुटेज को मिटा दिया गया है क्योंकि जामिया प्रशासन किसी भी दिन के क्लिप को बस एक महीने तक बचा कर रखता है। इसके बाद जांच टीम ने इन तस्वीरों को हासिल करने के लिए अपराध विज्ञान प्रयोगशाला की मदद मांगी है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने शुरुआती इनकार के बाद दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा से सीसीटीवी फुटेज साझा किया है लेकिन उसने बताया कि 18 अक्तूबर से पहले की अवधि का फुटेज उपलब्ध नहीं है। अपराध शाखा नजीब अहमद की गुमशुदगी की जांच कर रही है।

जांच दल ने एक आॅटो-रिक्शा ड्राइवर का पता लगाया है जिसने उसे बताया कि उसने 15 अक्तूबर नजीब को जामिया मिल्लिया इस्लामिया पहुंचाया था।
एक पुलिस सूत्र ने कहा कि हमने जामिया प्रशासन से संपर्क किया और उसने हमें बताया कि 18 अक्तूबर तक की अवधि के फुटेज को मिटा दिया गया है क्योंकि ये फुटेज एक महीने तक ही रखे जाते हैं। हम 15 अक्तूबर का फुटेज हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि जामिया परिसर में नजीब की आवाजाही का पता चल सके। हमने कैमरे एफएसएल को भेजे हैं ताकि हमें नजीब के मामले में कुछ सुराग मिल सके।

इसी बीच, नजीब के सिलसिले में जेएनयू के माही मांडवी छात्रावास के एक गार्ड को कुछ दिन पहले मिली चिट्ठी भी फर्जी निकली है। नजीब इसी छात्रावास में रह रहा था। इसमें लिखा गया था कि नजीब को अलीगढ़ में बंधक बनाकर रखा गया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त रवींद्र यादव (अपराध शाखा) ने कहा कि हमने इसकी जांच की। यह सूचना फर्जी है। पत्र फर्जी निकला। इसमें किसी फिरौती की भी मांग नहीं है। उन्होंने बताया कि एक टीम अलीगढ़ में संबंधित पते पर भेजी गई थी लेकिन यह पाया गया कि पत्र के प्रेषक ने गलत पहचान का इस्तेमाल किया है।

नजीब के ठिकाने के बारे में अहम सुराग देने पर इनामी राशि इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दो लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख कर दी गई है। नजीब 15 अक्तूबर को लापता हो गया था। उसकी पिछली रात जेएनयू परिसर में उसका अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों के साथ कथित रूप से झगड़ा हुआ था। यह मामला पिछले हफ्ते दक्षिण जिला पुलिस से लेकर अपराध शाखा को सौंपा गया था।

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