December 11, 2016

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ISIS रंगरूट अबू को IRF से मिली 80000 रुपए की स्कॉलरशिप

जाकिर नाईक की अगुवाई वाले इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) के वित्तपोषण एवं अन्य गतिविधियों की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आज दावा किया कि आईआईएस रंगरूट अबू अनस को अक्तूबर 2015 में इस फांउडेशन से 80,000 रुपए छात्रवृति के रूप में मिले थे

Author नई दिल्ली | November 23, 2016 10:29 am
जाकिर नाईक ( File Photo)

जाकिर नाईक की अगुवाई वाले इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) के वित्तपोषण एवं अन्य गतिविधियों की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आज दावा किया कि आईआईएस रंगरूट अबू अनस को अक्तूबर 2015 में इस फांउडेशन से 80,000 रुपए छात्रवृति के रूप में मिले थे। जब जनवरी में एनआईए ने अनस को गणतंत्र दिवस से पहले आतंकवादी हमले की कथित साजिश रचने को लेकर गिरफ्तार किया था तब उसने हैदराबाद की एक कंपनी में इंजीनियर की नौकरी छोड़ दी थी। वह राजस्थान के टोंक का रहने वाला है।
एनआईए ने दावा किया कि आईआरएफ के वित्तपोषण एवं धनवितरण की जांच से पता चला कि अनस को अक्तूबर 2015 में इस फांउडेशन से 80,000 रुपए छात्रृति के रूप में मिले थे। अनस जनवरी में गिरतार किए गए 16 लोगों में एक है।

एनआईए ने आरोप लगाया कि अनस ने सीरिया जाने की योजना बनायी थी। उसके खिलाफ इस साल जून में आरोपपत्र दायर किया और फिलहाल वह तिहाड़ जेल में है। जांच एजेंसी 19 नवंबर से की तलाशी अभियान चला रही है और उसने मुम्बई में कम से कम 20 जगहों पर छापा मार जो प्रतिबंधित आईआरएफ और उसके न्यासियों से जुड़े हैं।

बता दें कि हाल ही जाकिर नाईक के प्रतिबंधित संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आइआरएफ) के दो और परिसरों पर मंगलवार को एनआइए छापेमारी की। एनआइए के एक अधिकारी ने बताया कि चार दिनों में संगठन के कुल 20 परिसरों पर छापेमारी की गई है। जांच एजंसी के अधिकारियों का एक दल नाईक के नफरत भरे भाषणों का अध्ययन कर रहा है। अधिकारी ने कहा कि मंगलवार की छापेमारी में एनआइए को अपराध से जुड़े दस्तावेज और कुछ फाइलें बरामद की गईं। उन्होंने कहा कि विदेशी चंदा सहित आइआरएफ के वित्तीय लेनदेन और नाईक के संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है।

दिल्ली के एनआइए मुख्यालय से आइटी विशेषज्ञों की एक टीम बरामद दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है। एनआइए की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक तलाशी अभियान के दौरान नाईक के भाषणों के वीडियो टेप और डीवीडी संपत्त्ति व निवेश, वित्तीय लेनदेन, आइआरएफ और सहयोगी कपंनियों को मिले विदेशी व स्थानीय चंदे सेस संबंधित दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक स्टोरेज डिवाइस बरामद किए गए। उसने कहा कि जांच से खुलासा हुआ है कि आइआरएफ का हार्मोनी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड, राइट प्रापर्टी साल्यूसंस प्राइवेट लिमिटेड, मैजेस्टिक परफ्यूम्स प्राइवेट लिमिटेड और अल्फा ल्यूब्रिकेंट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीबी संबंध है। इसकी छानबीन की जा रही है।

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First Published on November 23, 2016 10:28 am

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