December 05, 2016

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टीवी चैनलों को नवीकरण नियमों में ढील: नायडू

सूचना और प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार कहा कि सरकार ने टीवी चैनलों के लिए ‘वार्षिक नवीकरण’ नियमों में ढील देने का फैसला किया है और मौजूदा प्रसारक नियत तिथि से 60 दिन पहले केवल वार्षिक स्वीकृति शुल्क का भुगतान करके परिचालन जारी रख सकते है।

Author नई दिल्ली | November 12, 2016 03:18 am

सूचना और प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार कहा कि सरकार ने टीवी चैनलों के लिए ‘वार्षिक नवीकरण’ नियमों में ढील देने का फैसला किया है और मौजूदा प्रसारक नियत तिथि से 60 दिन पहले केवल वार्षिक स्वीकृति शुल्क का भुगतान करके परिचालन जारी रख सकते है। नायडू ने कहा, कारोबार को आसान बनाने की सरकार की पहल के तहत सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने मौजूदा रूप में टीवी चैनलों के लिए वार्षिक नवीकरण कराने की प्रक्रिया को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिन प्रसारकों को अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग की स्वीकृति दी गई है, वे तय तिथि से मात्र 60 दिन पहले वार्षिक स्वीकृति शुल्क का भुगतान करके अपना परिचालन जारी रख सकते हैं जिसे आगामी एक वर्ष के लिए चैनल का प्रसारण जारी रखने की स्वीकृति के तौर पर देखा जाएगा। यहां ‘इकोनॉमिक एडीर्ट्स’ सम्मेलन को संबोधित कर रहे मंत्री ने कहा कि इस फैसले से 963 चैनलों और टेलीपोर्टों को लाभ होगा। नायडू ने कहा कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय कारोबार करने को आसान बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच को लेकर प्रतिबद्ध है और वह हितधारकों के साथ विचार विमर्श करके इस दिशा में और कदम उठाना जारी रखेगा। नायडू ने 1000 और 500 रुपए के मौजूदा नोटों का चलन बंद करने के सरकार के निर्णय की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री तन, मन और धन के संदर्भ में ‘स्वच्छ भारत’ को साकार बनाना चाहते हैं।

 
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का मानना है कि 500 और 1000 रुपए के मौजूदा नोटों का चलन समाप्त करने का कदम सरकार ने अचानक उठाया लेकिन सरकार सत्ता में आने के बाद से ही कालेधन से निपटने के लिए कदम उठा रही है। नायडू ने कहा कि सत्ता में आने के बाद ही सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में विदेशों में बड़ी मात्रा में छुपाकर रखे गए काले धन को वापस लाने के लिए एक एसआइटी का गठन किया था।

उन्होंने कहा, कुछ लोग कह रहे हैं कि यह अचानक किया गया, लोगों को पूर्व में नोटिस दिया जाना चाहिए था…. पूर्व में नोटिस किस बात के लिए? मुझे समझ नहीं आ रहा। नायडू ने कहा कि अफरातफरी पैदा करने की कोशिश कर रहे ‘निहित स्वार्थ रखने वाले’ कुछ लोगों को छोड़कर सभी ने इस ऐतिहासिक कदम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि आम आदमी कड़ी मेहनत की कमाई के अपने धन को नए नोटों से बदल सकता है और वास्तविक समस्याओं से निपटा जा रहा है। नायडू ने कहा कि मीडिया को असुविधाओं को रेखांकित करने के साथ-साथ देश को इस कदम से होने वाले लाभ की बड़ी तस्वीर भी दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे एक ‘आपातकाल’ करार दे रहे हैं, लेकिन जो लोग इसे लेकर चिंतित हैं, वे हथियारों और नशीले पदार्थाें का अवैध कारोबार करने वालों जैसे लोग हैं। नायडू ने कहा कि हाल में लिया गया निर्णय कदमों की एक शृंंखला के तहत उठाया गया है। इन कदमों में एसआइटी का गठन, मॉरीशस एवं साइप्रस जैसे देशों के साथ समझौते और आय घोषणा योजना जैसे कदम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जब मोदी सरकार सत्ता में आई थी तो उस समय अर्थव्यवस्था की हालत खराब थी लेकिन अब वृहद आर्थिक संकेत बेहतर है और इससे आम आदमी को लाभ होगा।

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First Published on November 12, 2016 3:16 am

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