December 06, 2016

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छठ घाटों की दुर्दशा पर जंग को लिखा खत

कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक मुकेश शर्मा ने दिल्ली के उपराज्यपाल व दिल्ली सरकार से मांग की है कि राजधानी में सिंचाई के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बंद पड़ी छोट नहरों की सफाई कराकर उसे छठ-पर्व के लिए तैयार किया जाए।

Author नई दिल्ली | November 5, 2016 01:08 am
(File Photo)

कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक मुकेश शर्मा ने दिल्ली के उपराज्यपाल व दिल्ली सरकार से मांग की है कि राजधानी में सिंचाई के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बंद पड़ी छोट नहरों की सफाई कराकर उसे छठ-पर्व के लिए तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि राजधानी में लगभग 50 ऐसे छोटे चैनल हैं जिनमें से सिर्फ 19 ही सिंचाई के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी में पूर्वांचल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं इसलिए यह आवश्यक है कि अनधिकृत कालोनियों में से गुजर रहे इन चैनलों को तुरंत प्रभाव से सफाई करके इसमें साफ पानी छोड़ा जाए ताकि लोग पूरी श्रद्धा के साथ छठ पर्व मना सकें। मुकेश शर्मा ने शुक्रवार को हस्तसाल स्थित छठ पार्क व छठ घाटों का दौरा करने के बाद उपराज्यपाल को पत्र लिखकर इस बात पर असंतोष जताया कि पर्व में मात्र दो दिन बचे हैं लेकिन अभी तक दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम हरकत में नहीं आई है।

 

घाटों के पास कूड़ों के ढेर लगे हुए हैं और लोग चिकनगुनिया व डेंगू जैसी बीमारी से पहले से ही भयभीत हैं। बहुत सी समितियां अपने स्तर पर घाटों की सफाई कर रही हैं, लेकिन कुछ ऐसी दिक्कतें हैं जिन्हें सरकारी स्तर पर ही दूर किया जा सकता है। पहली बार ऐसा हो रहा है कि राजधानी में छठ की व्यापक तैयारियां सरकार व नगर-निगम की ओर से नहीं की जा रही हैं। शर्मा ने भाजपा व आप पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों ही दल पूर्वांचल के लोगों के नाम पर केवल राजनीति करते हैं लेकिन उन्होंने इनके उत्थान के लिए कोई कार्य नहीं किया। दिल्ली में मैथिली भोजपुरी अकादमी का गठन उनके प्रस्ताव पर ही कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था। लेकिन आज अकादमी भी पूरी तरह निष्क्रिय साबित हुई है।

 

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First Published on November 5, 2016 1:07 am

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