December 11, 2016

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नोटबंदी को लेकर राहुल ने कहा- इस फैसले के पीछे है घोटाला, JPC से जांच कराने की कर रहे मांग

बड़े नोटों को अमान्य करने के निर्णय को दुनिया में सबसे बड़ा अचानक किया गया ‘प्रयोग’ करार देते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के पीछे एक घोटाला है जिसकी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच करायी जानी चाहिए।

Author नई दिल्ली | November 23, 2016 12:08 pm
राहुल गांधी (फाइल फोटो)

बड़े नोटों को अमान्य करने के निर्णय को दुनिया में सबसे बड़ा अचानक किया गया ‘प्रयोग’ करार देते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के पीछे एक घोटाला है जिसकी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच करायी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को सदन में आकर नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष को सुनना चाहिए। संसद भवन परिसर में नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्षी दलों के धरना प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद राहुल गांधी ने कहा, ‘‘ ये जो प्रधानमंत्री ने किया है, वह दुनिया का सबसे बड़ा अचानक किया गया वित्तीय प्रयोग है। इसके बारे में उन्होंने किसी ने नहीं पूछा। कहा जा रहा है कि वित्त मंत्री को भी इसकी जानकारी नहीं थी। मुख्य आर्थिक सलाहकार को भी इसकी जानकारी नहीं थी।’

उन्होंने कहा कि यह कदम वित्त मंत्री से चर्चा करके नहीं उठाया गया है, प्रधानमंत्री ने उठाया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने मांग की, ‘ प्रधानमंत्री देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह संसद में आएं और नोटबंदी के मुद्दे पर पूरी चर्चा के दौरान बैठें। उन्हें विपक्ष को सुनना पड़ेगा। ’उन्होंने कहा कि देश को लगता है कि इस नोटबंदी के पीछे एक घोटाला है। प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष ने अपने लोगों को इसके बारे में पहले बताया। इसकी जेपीसी से जांच करायी जानी चाहिए।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री के पास पॉप कंसर्ट को संबोधित करने का समय है। वह ऐसे समारोह को संबोधित कर सकते हैं जहां नाच..गाने का कार्यक्रम होता है लेकिन विपक्ष के 200 सांसद एक स्वर से उनसे नोटबंदी पर चर्चा सुनने और जवाब देने की मांग कर रहे हैं… पर उनके पास संसद में आने का समय नहीं है। राहुल गांधी ने सवाल किया कि वह संसद में क्यों नहीं बोल रहे हैं। प्रधानमंत्री संसद के अंदर आने से क्यों डर रहे हैं। कुछ न कुछ तो कारण जरूर रहा होगा कि प्रधानमंत्री संसद में आने से डर रहे हैं। प्रधानमंत्री बतायें।

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री को फैसले की जानकारी नहीं थी लेकिन भाजपा के संगठन के कुछ लोगों और भाजपा के मित्र उद्योगपतियों को इसकी जानकारी थी।  यह पूछे जाने पर कि अगर वित्त मंत्री को नोटबंदी की घोषणा की जानकारी नहीं थी तब पार्टी के अन्य लोगों को कैसे होगी, राहुल ने कहा कि यह बात नोटबंदी से पहले बैंकों में भारी मात्रा में रकम जमा होने से स्पष्ट होती है। पश्चिम बंगाल एवं अन्य प्रदेशों में भाजपा के लोगों को इसकी जानकारी थी।

नोटबंदी पर विभिन्न विपक्षी दलों की अलग अलग मांगों के बारे में सवाल के जवाब में कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि आपने आज देखा कि यहां विपक्ष के 200 से ज्यादा सांसद खड़े थे। पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है। सबकी मांग है कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि यह निर्णय क्यों लिया।

उन्होेंने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियां, कांग्रेस पार्टी कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं। लेकिन सवाल उठता है कि एक अरब लोगों को इस प्रकार से क्यों परेशान किया गया।  राहुल ने आरोप लगाया, ‘‘ यह सत्ता के कें्रदीकरण के कारण हुआ। इस एक निर्णय के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर आघात लगा जो ठीक ठाक चल रही थी। संप्रग के कार्यकाल के अनुरूप तो नहीं थी, पर ठीक चल रही थी। लेकिन नोटबंदी से उस पर प्रहार हुआ। ’

उन्होंने आरोप लगाया कि किसान, मजदूर, मछुआरे, छोटे दुकानदारों एवं व्यवसायियोंं को बड़ी चोट पहुंची है। उन्होंने सवाल किया कि क्या आज लाइन में कोई उद्योगपति, भाजपा का कोई विधायक, सांसद खड़ा है ? राहुल ने कहा, ‘‘कोई सूट-बूट वाला लाइन में दिखता है क्या ?’’
राहुल गांधी ने इस विरोध प्रदर्शन को गरीबों के नेतृत्व में चलाया जा रहा आंदोलन करार दिया। उन्होंने कहा कि संसद की बैठक जब शुरू होती है तो श्रद्धांजलि दिये जाने का चलन है। इस नोटबंदी के कारण काफी संख्या में लोगों की मौत हो गई लेकिन शर्म की बात है कि उनके लिए श्रद्धांजलि देने का समय नहीं है।

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First Published on November 23, 2016 12:04 pm

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