December 05, 2016

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चिकित्सा प्रमाण पत्र के साथ अब बिकेंगे मुर्गे

राजधानी में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद पशुपालन मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को गाजीपुर मुर्गा व मछली मंडी का दौरा किया। दौरे के बाद उन्होंने तीन स्तरीय एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

राजधानी में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद पशुपालन मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को गाजीपुर मुर्गा व मछली मंडी का दौरा किया। दौरे के बाद उन्होंने तीन स्तरीय एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अब से लेकर स्थिति संभलने तक मुर्गों की बिक्री चिकित्सा प्रमाण पत्र के साथ ही की जा सकेगी।
मुर्गों को लाने वाले ट्रकों के लिए मंडी के प्रवेश द्वार पर एक खास तरह का संक्रमण रहित सबवे भी बनाया जा रहा है, जिसमें दवाओं के साथ पानी भरा रहेगा। बर्ड फ्लू के डर से बाजारों में चिकन की बिक्री में भी गिरावट आई है और लोग इसे खाने से कतराने लगे हैं। वहीं गोपाल राय का कहना है कि फिलहाल स्थिति घबराने वाली नहीं है। अंडे या चिकन खानें में अभी तक कोई डर जैसी बात नजर नहीं आ रही है। दौरे के बाद राय ने कहा कि शुक्रवार को 2.20 लाख मुर्गे मंडी में आए। इन सभी की चिकित्सा जांच की गई। इनमें किसी में भी बर्ड फ्लू का वायरस नहीं मिला, जबकि इसके पहले कर्मचारियों ने बताया कि जांच के लिए 10 बीमार मुर्गों के नमूने लिए गए।

सरकार ने इस मामले में तीन एहतियाती उपाय किए हैं, जिसमें एक यह कि मंडी में निगरानी समिति मौजूद रहेगी। इस समिति में 15 सदस्य होंगे, जिनमें पांच अधिकारी, पशुपालन विभाग के पांच डॉक्टर व पांच मुर्गा व्यापारी शामिल रहेंगे। इनक ी जिम्मेदारी होगी कि यहां आने व यहां बेचे जाने वाले हर मुर्गे की स्वास्थ्य जांच हो और गहन निगरानी के बाद ही यहां से मुर्गे की बिक्री हो। इसके साथ ही मुर्गे लाने वाले हर ट्रक को जांच के बाद चिकित्सा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। बिना चिकित्सा प्रमाण पत्र कोई गाड़ी आती है तो उसे शनिवार तक तो चेतावनी देकर जाने दिया जाएगा, लेकिन इसके बाद बिना प्रमाण पत्र कोई भी गाड़ी मुर्गा लेकर दिल्ली में नहीं आने पाएगी। उसे सीमा पर ही रोक दिया जाएगा। इसके साथ ही मंडी के प्रवेश द्वार पर मेडिकल सबवे बनाया जाएगा, जिसमें ट्रकों को संक्रमण रहित करने के उपाय किए जाएंगे। इस सबवे में खास तरह की दवा के साथ पानी भरा होगा जिसमें से ट्रकों को गुजरना होगा ताकि उसके पहिए तक संक्रमण रहित हो जाएं। यह सबवे बनाने का काम शुरू हो गया है।

राय ने बताया कि सबवे शनिार शाम तक काम करने लगेंगे। इसके अलावा शहर के तमाम पार्कों व पक्षियों के ठिकानों पर भी दवा का छिड़काव जारी है। शनिवार से सेंट्रल पार्क सहित तमाम पार्कों की भी गहन निगरानी की जाएगी। वहीं डॉक्टरों ने बताया कि बर्ड फ्लू के लक्षण भी सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं। फेफड़ों के संक्रमण वाली इस बीमारी (एच5एन1) में न्यूमोनिया वाले लक्षण ही नजर आते हैं। एम्स के जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग के मुखिया डॉ एबी डे ने कहा कि आमतौर से सांस लेने में तकलीफ, जुकाम व बुखार ही इसमें भी होते हैं। हालांकि भारत में कभी भी इस तरह के संक्रमण नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक जांच न हो, यह तय कर पाना मुश्किल होता है कि यह सामान्य फ्लू है या बर्ड फ्लू, लेकिन एक बार यह संक्रमण किसी में हो जाए तो फि र इसके तेजी से फैलने का खतरा रहता है। इसलिए जब तक कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आता, तब तक घबराने की बात नहीं, लेकिन चिकन वगैरह खाने वाले एहतियात जरूर रखें। पक्षी अस्पताल के डॉ राजीव जैन ने कहा है कि केवल बर्ड फ्लू ही नहीं, बल्कि पक्षियों की तमाम दूसरी बीमारियों में भी एहतियात की दरकार है।

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First Published on October 22, 2016 1:41 am

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