ताज़ा खबर
 

CBSE की दसवीं की बोर्ड परीक्षा फिर से शुरू किए जाने की संभावना

छात्रों पर दबाव कम करने के उद्देश्य से खत्म की गई सीबीएसई की 10वीं की बोर्ड परीक्षा को फिर से शुरू किए जाने की संभावना है।
Author नई दिल्ली | October 21, 2016 23:54 pm

छात्रों पर दबाव कम करने के उद्देश्य से खत्म की गई सीबीएसई की 10वीं की बोर्ड परीक्षा को फिर से शुरू किए जाने की संभावना है। बोर्ड परीक्षा खत्म किए जाने से चिंता उत्पन्न हो रही थी कि इससे शिक्षा का स्तर गिर रहा है। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा, ह्यनीति की समीक्षा की जा रही है। फैसला अभी नहीं हुआ है। लेकिन हम ऐसा चाहते हैं (दसवीं की बोर्ड परीक्षा फिर शुरू करना।)। उन्होंने कहा कि पांच राज्यों के मंत्रियों और बोर्ड के छात्रों के अभिभावकों की एक समिति ने शिक्षा के स्तर में गिरावट पर चिंता जताते हुए दसवीं की बोर्ड परीक्षा फिर शुरू करने की मांग की है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हालांकि सरकार इच्छुक थी कि परीक्षाएं नहीं होने के बावजूद प्रत्येक कक्षा में शिक्षा का स्तर बनाए रखा जाए और स्कूलों को ऐसा करना चाहिए। इस संबंध में अंतिम फैसला केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड की 25 अक्तूबर को होने वाली बैठक में किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर करेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, शिक्षाविदों तथा अभिभावक संगठनों से प्रतिवेदन मिले जिन्होंने कहा कि परीक्षा खत्म किए जाने तथा फेल नहीं करने की नीति की वजह से शिक्षा का स्तर प्रभावित हो रहा है।

अधिकारी ने कहा, ह्यइसके अतिरिक्त, यह देखा जा रहा है कि छात्र सीधे 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने का दबाव झेल पाने में असफल हैं जो उनका करियर तय करने में एक महत्वपूर्ण निर्णायक कारक है। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी तक इस बारे में कोई सर्वसम्मति नहीं बन पाई है कि प्रणाली को पुन: कब शुरू किया जाए, ऐसा माना जाता है कि इसे 2018 में किया जा सकता है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं की परीक्षा 2010 में खत्म कर दी गई थी और इसकी जगह मौजूदा सतत एवं समग्र मूल्यांकन (सीसीई) प्रणाली के तहत छात्रों पर दबाव कम करने के लिए पूरे साल टेस्ट और उनके प्रदर्शन के आधार पर ग्रेड देने की व्यवस्था की गई थी। सीएबीई की बैठक के एजेंडा में फेल नहीं किए जाने की नीति में संशोधन पर विचार करना शामिल है।
अभी तक यह नीति दसवीं तक के विद्यार्थियों पर लागू है, लेकिन बैठक में इसे घटाकर पांचवीं तक करने पर विचार किया जाएगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग