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मैच के बाद बोले धोनी: स्पिनरों के इस दिन के बारे में नहीं सोचा

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा के लिए दिन इतना बुरा होगा।
Author पर्थ | January 13, 2016 01:02 am
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी। (फाइल फोटो)

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा के लिए दिन इतना बुरा होगा। भारतीय कप्तान ने इसके साथ ही आस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ और जार्ज बेली की भी शानदार बल्लेबाजी की तारीफ की। आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे मैच में अश्विन ने नौ ओवर में 69 रन देकर दो विकेट लिए जबकि जडेजा ने नौ ओवर में 61 रन दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। इन दोनों ने इस तरह से 18 ओवरों में 129 रन दिए और भारत बड़ा स्कोर खड़ा करने के बावजूद यह मैच पांच विकेट से हार गया।

मैच के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में धोनी ने कहा, ‘मैच से पहले जब मैं जिम्मेदारी साझा करने की बात कर रहा था तो मैं इस बारे में बोल रहा था कि जब तेज गेंदबाजों के लिए दिन अच्छा नहीं होगा तो तब मैं स्पिनरों का उपयोग करुंगा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि स्पिनरों के लिए दिन इतना बुरा होगा और अन्य को यह जिम्मेदारी साझा करनी पड़ेगी।’

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने वास्तव में शानदार बल्लेबाजी की और पिच से बहुत कम मदद मिल रही थी। उन्होंने कुछ बड़े शाट खेले लेकिन उन्होंने स्ट्राइक बहुत अच्छी तरह से रोटेट की और उन्होंने प्रति ओवर छह से अधिक रन बनाए। हमारे स्पिनरों पर कुछ बाउंड्री लग गई थी। इसलिए पर हम पर काफी दबाव था।’ धोनी ने हालांकि तेज गेंदबाजों की तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘तेज गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की और दो विकेट लेकर हमें अच्छी शुरुआत दिलाई। जब आपका स्कोर अच्छा हो तो आप इस तरह की शुरुआत चाहते हो। लेकिन मेरा मानना है कि स्पिनर बेहतर गेंदबाजी कर सकते थे।’

धोनी ने बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बरिंदर सरन की तारीफ की जिन्होंने अपने पदार्पण मैच में 56 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्होंने कहा कि एक मैच के आधार पर उनका आकलन नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘उसने अच्छी गेंदबाजी की। वह गेंद को सही क्षेत्र पर पिच करा रहा था जो कि महत्त्वपूर्ण है। बाएं हाथ का तेज गेंदबाज होने के कारण उन्होंने कोण का थोड़ा फायदा होता जिससे दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए गेंद बाहर की तरफ जाती है। कुल मिलाकर उसने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन मैं एक मैच के आधार पर कोई फैसला नहीं सुना सकता।’ धोनी ने कहा, ‘हमें आगामी मैचों में भी उसे देखना होगा जब उस पर शुरू से दबाव होगा। तब हमें देखना होगा कि वह कैसी गेंदबाजी करता है। लेकिन कुल मिलाकर यदि आप मुझसे आज पूछोगे तो मैं यही कहूंगा कि उसने वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की।’

रोहित शर्मा के नाबाद 171 रन की भी कप्तान ने तारीफ की और उन्हें ऐसा खिलाड़ी बताया जो बड़े शतक जमाने में सक्षम है। धोनी ने कहा, ‘जब भी एक बल्लेबाज लंबी पारी खेलता है तो सबसे महत्त्वपूर्ण यह होता है कि एक बार अर्धशतक पूरा करने और फिर शतक पूरा करने के बाद वह आगे कैसे बढ़ता है। अधिकतर अवसरों पर जब भी रोहित ने 100 या 110 को क्रास किया तब उसने बड़े स्कोर बनाए।’ धोनी से पूछा गया कि क्या रोहित और विराट कोहली को शुरू में ही तेजी दिखानी चाहिए, उन्होंने कहा, ‘यह मुश्किल था। 310 बहुत अच्छा स्कोर था। उन्होंने इसे आखिरी ओवर में हासिल किया। यदि हमने थोड़ी बेहतर गेंदबाजी की होती तो हम उन पर अधिक दबाव डाल सकते थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।’

कामचलाऊं गेंदबाजी विकल्प के बारे में धोनी ने कहा कि टीम को अब भी सीम गेंदबाजी के आलराउंड विकल्प की कमी खल रही है। उन्होंने कहा, ‘यदि आप हमारे अन्य बल्लेबाजों को देखो तो हमारे पास अन्य कामचलाऊ गेंदबाज गुरकीरत सिंह मान है। मैंने उसे बहुत ज्यादा नहीं देखा है कि वह गेंदबाजी में कितना अच्छा है। उसने घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजी की है।’

भारतीय कप्तान ने विवादास्पद निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) के उपयोग के संंबंध में भारत के उदासीन रवैए को बनाए रखा लेकिन कहा कि वह इससे सहमत हो सकते हैं कि इस प्रौद्योगिकी का उपयोग नहीं होने से उनकी टीम को नुकसान हो रहा है।

आस्ट्रेलिया के एक पत्रकार ने जब धोनी से पूछा कि क्या 50-50 वाले फैसलों को लेकर अंपायर भारत को सजा दे रहे हैं तो धोनी ने कहा, ‘मैं आपसे सहमत हो सकता हूं।’ उन्होंने कहा कि यदि तब तीसरा विकेट निकल गया होता तो मैच की स्थिति बदल सकती थी। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि वह चाहते हैं कि अंपायर अधिक से अधिक सही फैसले दें।

धोनी ने कहा, ‘यह (मैच का परिणाम) बदल सकता था लेकिन इसके साथ ही हम चाहते हैं कि अंपायर अधिक से अधिक से सही फैसले करें। आपको देखना होगा कि कितने 50-50 फैसले हमारे पक्ष में नहीं गए। हमेशा इस पर गौर किया जाता है। लेकिन मैं अब भी डीआरएस को लेकर आश्वस्त नहीं हूं।’

उन्होंने कहा, ‘डीआरएस को निर्णय करने वाली प्रणाली होनी चाहिए थी लेकिन इसमें कुछ कमियां हैं। इसको बनाने वाले भी इससे सहमत हैं। और क्रिकेट में प्रत्येक इंच मायने रखता है। केवल इंच ही नहीं यहां तक मिलीमीटर भी मायने रखता है।’

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