December 10, 2016

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प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक फैसले पर अमेठी की जनता बड़े नोट बंद किए जाने से खुश

प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक फैसले पर अमेठी की जनता खुश है। लेकिन विस्तर में कालाधन रखने वाले भ्रष्टाचार से जुड़े लोग वेटिंलेटर पर आ गए हैं।

Author अमेठी | November 11, 2016 03:16 am

प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक फैसले पर अमेठी की जनता खुश है। लेकिन विस्तर में कालाधन रखने वाले भ्रष्टाचार से जुड़े लोग वेटिंलेटर पर आ गए हैं। मोदी के कालेधन पर नकेल कसने से अस्सी फीसद मुनाफे का व्यापार करने वाले लोग हलकान हैं। पांच सौ और एक हजार का नोट बंद होने से छोटे नोटों की कीमत अचानक बढ़ गई है। जिससे छोटी पाकेट वाले मजे में खरीदारी कर रहे हैं। लेकिन बड़ी पाकेट में बड़ी नोट रखने वाले चाय-पान के लिए तरस गए हैं। देश में दो बड़े नोट अचानक बंद होने से विस्तर में कालाधन चुराने वाले व्यापारियों ने बुधवार को पूरी तरीके से कारोबार बंद रखा। दो पहिया वाहन के एक विक्रेता ने कहा कि अब आमदनी के बजाय पुराने नोटों को बचाने कीचिंता है। वरना पूरी दौलत आयकर और व्यापार कर के अफसर हड़प लेंगे। नोटों के बंद होने पर एक कपड़ा व्यापारी ने बताया कि अमेठी के 95 फीसद व्यापारी बिना बिल-बाउचर के व्यापार करते हैं। वे माल की बिक्री से लेकर माल की खरीदारी तक नगद करते हैं। जिससे व्यापार कर और आयकर दोनों बचता है। जबकि व्यापारी ग्राहकों से आयकर और व्यापार कर दोनों वसूल करता है। लाखों का रोजगार करने वाले एक आभूषण विक्रेता ने कहा कि अब तक उनका लाखों का व्यापार एक डायरी से चलता था।

 

 

इसी डायरी में माल का पूरा लेखाजोखा बनता था। इसके बाद मुनाफे को सफेद करने के लिए जमीन का कारोबार कर लेते थे। जिससे कालाधन सफेद में बदल जाता था। लेकिन अब मोदी के फैसले से दुकान के लाखों रुपए कागज बन चुके हैं। क्योंकि दुकान की आमदनी का लेखाजोखा सरकार के पास नहीं था, जिससे सारे नोट ब्लैकमनी बन चुके हैं। दर्जन भर र्इंट उद्योग के मालिकों ने कहा कि उनका व्यापार पूरी तरीके से सरकार के खिलाफ होता है। वे लोग सलाना अरबों का व्यापार करते हैं। लेकिन आमदनी का कर चोरी करते हैं, जिससे उनके पास रखे नोट पूरी तरीके से कागज बन गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले पुराने नोटों को बचाने में जुटे हैं। र्इंट की ब्रिकी बाद में करेंगे।
मोदी के कालेधन को बाहर लाने वाले फैसले से आम जनता खुश है। किसानों ने इस फैसले को राष्ट्रहित में बताया। लेकिन व्यापारी और राजनीति से जुड़े लोग मोदी के फैसले से दुखी हैं। मदरगीता स्कूल के चेयरमैन संजय त्रिपाठी ने कहा कि मोदी का फैसला राष्ट्रीय हित से जुड़ा है। इससे किसान और गरीब दोनों खुश हैं। लेकिन घर में कालाधन रखने वाले वेटिंलेटर पर चले गए हैं। बाकी अमेठी की आम जनता मोदी के गुणगान में जुटी है। इसके बाद डॉ विनोद सिंह ने कहा कि आतंकवाद रोकने के लिए मोदी का फैसला भारत के हित में है। देश में हवाला के पैसों से लोग अमीर बन बैठे हैं। लेकिन अमेठी की गरीब जनता दो जून की रोटी के लिए परेशान है, जबकि यहां के हजारों घर कालेधन से भरे पड़े हैं।

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First Published on November 11, 2016 3:13 am

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