March 25, 2017

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सरहद पर तनाव, लेकिन सेना के हर कदम का समर्थन

सीमापार आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने की भारत की कार्रवाई का देशवासियों ने भरपूर समर्थन किया है। हालांकि सरहद पर बढ़ते तनाव के बाद पंजाब और कश्मीर से लगे गांवों से लोग हटने लगे हैं।

Author श्रीनगर/अमृतसर/ चंडीगढ़ | October 1, 2016 01:01 am

सीमापार आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने की भारत की कार्रवाई का देशवासियों ने भरपूर समर्थन किया है। हालांकि सरहद पर बढ़ते तनाव के बाद पंजाब और कश्मीर से लगे गांवों से लोग हटने लगे हैं। भारत के लक्षित हमलों के बाद जारी किए गए हाई अलर्ट के बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस और दूसरी एजंसियों ने माता वैष्णो देवी मंदिर के आधार शिविर कटरा में किसी तरह के आतंकी हमले की स्थिति को लेकर शुक्रवार को अभ्यास किया। इस बीच पूरी सीमा को चौकस कर दिया गया है। गांवों में बचे लोग संकटकालीन हालात के लिए राशन का इंतजाम करने में लग गए हैं। हालांकि सेना ने लोगों से कहा है कि वे घबड़ाएं नही, सेना हर तरह के स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। बहरहाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले ग्रामीणों ने पाक अधिकृत कश्मीर में भारतीय सेना के लक्षित हमलों का समर्थन और सराहना की है और पाकिस्तान को एक कड़ा जवाब देने के लिए मोदी सरकार की तारीफ की है। हालांकि फजिल्का, अमृतसर और गुरुदासपुर सहित कई सीमावर्ती इलाकों के इन ग्रामीणों को अपने घर, पशु और खेत सब छोड़ने पड़े हैं। इसके बावजूद वे खुश हैं और देशभक्ति के नारे लगा रहे हैं।


उधर हाई अलर्ट के बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस और दूसरी एजंसियों ने माता वैष्णो देवी मंदिर के आधार शिविर कटरा में किसी तरह के आतंकी हमले की स्थिति को लेकर एक अभ्यास किया। रेयासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुजीत कुमार ने कहा, कटरा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आज दो अभ्यास किए गए। इनमें से एक अभ्यास आतंकी हमले से जुड़ा था और वह कटरा पुलिस थाने में और बस स्टैंड पर किया गया। जबकि दूसरा आपदा प्रबंधन से संबंधित था और बस स्टैंड के पास किया गया। अभ्यासों का मकसद आतंकी हमले के दौरान किए जाने वाले उपायों को लेकर जागरूकता फैलाना और आपात स्थिति में समन्वय बढ़ाना था। पुलिस के अलावा सेना, माता वैष्णो देवी मंदिर बोर्ड, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों और चिकित्सा कर्मियों ने अभ्यास में हिस्सा लिया। एसएसपी ने कहा, सभी एजेंसियों ने अभ्यास से बहुत सारे सबक सीखे और कटरा में सुरक्षा या किसी भी तरह के खतरे से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से निपटने को लेकर अपना समन्वय बढ़ाया।
पंजाब के सरहदी इलाकों में तनाव के बीच लोगों ने कहा कि वे भारतीय फौैज के साथ हैं। फजिल्का के सीमावर्ती गांव के निवासी अंगरेज सिंह ने कहा, हमारी सेना ने क्या अच्छा काम किया है। कई सालों से पाकिस्तान बार-बार गड़बड़ियां कर रहा था। हमारे साथ युद्ध लड़ने से लेकर बाद में आतंकवादियों को सहायता और उकसावा देकर उसने भारत के साथ छद्म युद्ध शुरू किया। उन्होंने कहा, करगिल से लेकर पठानकोट और अब उड़ी तक, उसे सबक नहीं मिला था। केंद्र सरकार के उठाए गए इस कदम का हम स्वागत करते हैं ।
अधिकारियों की ओर से दिए गए आदेशों के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दस किलोमीटर तक के इलाके के 1000 से अधिक गांवों से निवासियों को खाली कराया जा रहा है।
स्थानीय गुरुद्वारों और मंदिरों के प्रमुख, सरपंच और पुलिस लोगों को लाउडीस्पीकर से संबोधित कर रहे हंै और दोनों देशों के बीच स्थिति को देखते हुए उन्हें जल्दी से जल्दी जगह खाली करने को कह रहे हैं। पंजाब की पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी सीमा है और इसके छह जिले भी अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हुए हैं।

उधर अर्निया (अंतरराष्ट्रीय सीमा) के सीमाई इलाके में रहने वाले ग्रामीणों में खौफ है कि पाकिस्तान नागरिक इलाकों को निशाना बना सकता है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब रहने वाले ग्रामीणों को सीमा पार के संघर्ष विराम उल्लंघनों की आंच हमेशा सहनी पड़ती है। गांव के एक पूर्व सरपंच ने कहा, हम बेहद चिंतित हैं । नियंत्रण रेखा के पास सेना ने लक्षित हमला किया इस पर हम खुश हैं। लेकिन हमें इसका भी डर है कि लक्षित हमले के प्रतिशोध में पाकिस्तान नागरिक इलाकों को निशाना बना सकता है। हालांकि, जम्मू क्षेत्र में प्रशासन ने किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर रखी है और एलओसी और आइबी के करीब रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है। लेकिन बाशिंदों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने से अपनी रोजी-रोटी पर असर पड़ने का भी डर है। लाल ने कहा, यहां अधिकतर लोग किसान हैं और उसी से उनकी रोजी-रोटी चलती है। लेकिन दोनों तरफ हालात बिगड़ने से आमदनी के एकमात्र जरिए से से भी हम हाथ धो सकते हैं।

प्रशासन ने सीमा के करीब संकट जैसी स्थिति में ग्रामीणों से सुरक्षित जगहों पर चले जाने को कहा है। हालांकि लोगों के लिए अपने घरों को छोड़कर जाना इतना आसान नहीं है। इसी तरह जम्मू जिले के आरएस पुरा में भी हालात अलग नहीं है। प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बाना सिंह स्टेडियम में 1000 लोगों के रहने की व्यवस्था कर रखी है । स्टेडियम के मैनेजर बालजिंदर पाल सिंह ने कहा, सुबह सौ से ज्यादा लोगों ने यहां शरण ली । महिलाओं और बच्चों को छोड़कर अधिकतर पुरुष अपने अपने घर लौट गए। हम महिलाओं और बच्चों का ध्यान रख रहे हैं । उन्हें खाना और आश्रय मुहैया कराया जा रहा । प्रशासन ने उनके यहां रहने के लिए सारी तैयारियां कर रखी है । स्टेडियम में पनाह लेने वाले अधिकतर लोग जीरो लाइन पर स्थित जोरा फार्म गांव से आए हैं जहां पर पूर्व में सीमा पार से गोलीबारी में हताहत होने की खबरें आईं थीं। गांव की निवासी शमीना बी ने कहा कि वे लोग अपने साथ मवेशी भी साथ लेकर आए हैं क्योंकि पूर्व में पाकिस्तान की गोलीबारी में लोगों के साथ ही मवेशियों की भी मौत हुई थी। मथुरा (उप्र) : भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में घुसकर किए गए लक्षित हमले पर शहीद हेमराज की पत्नी धर्मवती ने कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकवादियों को सबक सिखाने के लिए देर से ही सही, लेकिन बिल्कुल सही कदम उठाया है। धर्मवती ने कहा कि अफसोस बस इतना है कि यदि यही कदम कुछ पहले उठा लिया गया होता तो देश को अपने 18 बहादुर जवान यों न खोने पड़ते।

बलिया (उप्र) से मिली खबर के अनुसार, सरहद पार कार्रवाई से आतंकवादी हमले में शहीद जवान राजेश यादव के परिजन काफी सुकून महसूस कर रहे हैं। उड़ी हमले में शहीद हुए बलिया के दुबहर निवासी लांसनायक राजेश यादव की पत्नी पार्वती ने कहा कि उन्हें जब भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अभियान चलाए जाने के बारे में पता लगा तो काफी राहत महसूस की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अलग-अलग हमलों में भारत के सैकड़ों जवानों को शहीद किया है और कई के सिर तक काट लिए , लेकिन हिंदुस्तान ने अपेक्षित तल्खी नहीं दिखाई, लेकिन अब पीओके में दाखिल होकर जिस तरह आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, उससे पूरा देश और खासकर शहीदों के परिजन जरूर खुश होंगे।
भुवनेश्वर: ओड़िशा सरकार ने समूचे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। राज्य के डीजीपी के बी सिंह ने यहां बताया कि राज्य सरकार ने यह कदम तब उठाया जब केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को फोन किया और उन्हें पीओके में सेना की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी।

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First Published on October 1, 2016 12:40 am

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