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हैदराबादः आंखों के डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज

मोतियाबिंद के आॅपरेशन के बाद सात मरीजों की आंखों की रोशनी समाप्त होने के आरोपों को लेकर यहां के एक सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है।
Author हैदराबाद | July 8, 2016 03:29 am
न्यूरोब्लास्टोमा एक ऐसा कैंसर है जिसमें वृक्क ग्रंथियों, गर्दन, सीने और रीढ़ की कोशिकाओं में कैंसर कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं। (Representational Image)

मोतियाबिंद के आॅपरेशन के बाद सात मरीजों की आंखों की रोशनी समाप्त होने के आरोपों को लेकर यहां के एक सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है। हुमायूं नगर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर एस रविंदर ने बताया कि इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद सरोजिनी देवी नेत्र चिकित्सालय के कुछ डॉक्टरों के खिलाफ भादंसं की धारा 338 (जीवन या दूसरों की निजी सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य से गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।

बहरहाल, उन्होंने कहा कि इस मामले में डॉक्टरों के नामों का विशेष रूप से जिक्र नहीं किया गया है। इंस्पेक्टर ने बताया, ‘यह मामला तेलंगाना मेडिकल बोर्ड के पास भेजा जाएगा।’ इस अस्पताल में पिछले सप्ताह कुछ लोगों की आंखों का मोतियाबिंद का आॅपरेशन हुआ था। आॅपरेशन के बाद महिलाओं सहित 13 मरीजों की आंखों में संक्रमण हो गया और फिर इनमें से सात मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई।

इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रभावित मरीज अनजी रेड्डी के दामाद जितेंदर रेड्डी ने शिकायत में डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस शिकायत में रेड्डी ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने न तो सही तरीके से सर्जरी की और न ही सावधानी बरती गई। इसके अलावा, मरीजों के परिजनों को बताए बिना मरीजों की पांच ‘फॉलो..अप’ सर्जरी भी की गईं जिससे उनकी आंखों की रोशनी समाप्त हो गई।

बहरहाल, अस्पताल के डॉक्टरों ने अपनी ओर से कोई लापरवाही बरते जाने से इनकार करते हुए दावा किया कि सर्जरी के दौरान प्रयुक्त की गईं सेलाइन की बोतलें दूषित थीं जिनकी वजह से 13 मरीजों की आंखों में संक्रमण हुआ। ये मरीज 60 से 70 साल की उम्र के हैं।
अस्पताल के उपाधीक्षक राजेंद्र गुप्ता ने पूर्व में कहा था कि अस्पताल में 30 जून को करीब 21 मरीजों की आंखों का मोतियाबिंद के उपचार के लिए आॅपरेशन किया गया था। इनमें से 13 मरीजों की आंखों में संक्रमण हो गया। इन लोगों की पुन: सर्जरी की गई और छह मरीजों पर इलाज का अच्छा असर हुआ। लेकिन सात मरीजों का अब तक इलाज चल रहा है।

उन्होंने कहा, ‘जब आगे की जांच हुई तो हमें पता चला कि 13 मरीजों का आॅपरेशन एक ही आॅपरेशन थिएटर में किया गया था और उस दौरान प्रयुक्त हुई सेलाइन की बोतलों में क्लेबसिएला बैक्टीरिया का प्रदूषण था। इसी वजह से मरीजों की आंखों में संक्रमण हुआ और उनमें से कुछ की आंखों की रोशनी आंशिक रूप से चली गई।’ इस घटना को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए बाकी पेज 8 पर उङ्मल्ल३्र४ी ३ङ्म स्रँी 8
तेलंगाना सरकार ने बुधवार को कहा था कि मरीजों को बेहतरीन इलाज मुहैया कराया जाएगा और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

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