December 07, 2016

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सुभाष चंद्रा बोले- एनडीटीवी इंडिया को एक दिन के बैन की सजा कम, आजीवन प्रतिबंध लगना चाहिए था

जी मीडिया के चेयरमैन और राज्‍यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने न्‍यूज चैनल एनडीटीवी इंडिया पर एक दिन का बैन लगाए जाने का समर्थन किया है।

सुभाष चंद्रा एस्सल ग्रुप के मालिक हैं। जी न्यूज चैनल इसी ग्रुप का है। (Source: Express file photo)

जी मीडिया के चेयरमैन और राज्‍यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने न्‍यूज चैनल एनडीटीवी इंडिया पर एक दिन का बैन लगाए जाने का समर्थन किया है। उन्‍होंने टि्वटर के जरिए बयान जारी कर कहा कि एनडीटीवी इंडिया पर एक दिन के प्रतिबंध की सजा कम है। इस मुद्दे पर उन्‍होंने पांच ट्वीट किए। उन्‍होंने लिखा, ”NDTV पर 1 दिवसीय प्रतिबन्ध नाइंसाफी है, यह सजा बहुत कम है! देश की सुरक्षा से खिलवाड़ के लिए उन पर आजीवन प्रतिबन्ध लगाना चाहिए था। मेरा तो यह भी विश्वास है की अगर NDTV न्यायालय में जाए तो उसे वहां से भी फटकार ही मिलेगी।” चंद्रा ने यूपीए शासन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जी पर प्रतिबंध की बात चली थी तो बुद्धिजीवियों ने मौन साध लिया था।

उन्‍होंने लिखा, ”UPA काल में Zee पर प्रतिबन्ध की बात चली थी तब NDTV, बाकि तथाकथित बुद्धिजीवीयों ने मौन धारण करा था, Editors Guild भी चुप्पी साधे हुआ था। पर आज गलत को गलत कहने पर, कुछ लोग आपातकाल कह रहे है! क्या देश की सुरक्षा का कोई भी महत्त्व नहीं?”

यह था वह वीडियो जिसके कारण लगा है बैन:

जी मीडिया के संस्‍थापक ने एनडीटीवी इंडिया पर प्रतिबंध को सही ठहराया। चंद्रा ने ट्वीट में लिखा, ”देश की सुरक्षा में दो मत नहीं हो सकते। सरकार द्वारा NDTV इंडिया पर एक दिवसीय प्रतिबन्ध को मैं बिलकुल सही मानता हूँ!” गौरतलब कि सूचना प्रसारण मंत्रालय के पैनल ने पठानकोट हमले की कवरेज के चलते NDTV इंडिया पर एक दिन के लिए नौ नवंबर को बैन लगाया है। सरकार के इस कदम की काफी आलोचना हो रही है। कई लोग इसे आपातकाल बता रहे हैं। चैनल का कहना है कि उसकी कवरेज सबसे संतुलित थी।

पत्रकारों की संस्‍था एडिटर्स गिल्‍ड ने भी प्रतिबंध को गलत बताया है। गिल्ड ने बैन को हटाए जाने की मांग की है। सूचना और प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि हिंदी न्यूज चैनल के खिलाफ कार्रवाई ‘‘देश की सुरक्षा’’ के हित में की गयी । नायडू ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राजग सरकार मीडिया की स्वतंत्रता का बेहद सम्मान करती है और इस प्रकार के मुद्दों से केवल देश की सुरक्षा और संरक्षा प्रभावित होगी।

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First Published on November 6, 2016 5:30 pm

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