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डेबिट या क्रेडिट कार्ड से नहीं अब आधार नंबर से होंगे ट्रांजैक्शन्स, कैशलेस मुहिम में सरकार की नई योजना

नीति आयोग की सिफारिश पर अगर ऐसा होता है तो लोगों के पर्स में रहने वाला कार्ड (डेबिट - क्रेडिट) पुराने दिनों की बात रह जाएगी।
प्रॉपर्टी रिकॉर्ड्स को आधार से जोड़ने की खबर फर्जी। (Representative Image)

केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने देश में नोटबंदी लागू करने के बाद अब कैशलेस इकॉनोमी की तरफ कदम बढ़ा दिया है। सरकार ने सभी अहम विभागों से ऑनलाइन और डिजिटल ट्रांजैक्शन करने को कहा है। कैशलेस इकॉनोमी की दिशा में लोगों को ट्रेनिंग भी जी जा रही है। ऐसे में सरकार एक और अहम कदम उठाने जा रही है। इकॉनोमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, सरकार डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जगह आधार नंबर पर आधारित सभी ट्रांजैक्शन्स करने की योजना पर काम कर रही है। दरअसल, नीति आयोग चाहता है कि देश में सभी प्रकार के ट्रांजैक्‍शंस के लिए केवल आधार कार्ड का ही उपयोग किया जाए।

नीति आयोग की सिफारिश पर अगर ऐसा होता है तो लोगों के पर्स में रहने वाला कार्ड (डेबिट – क्रेडिट) पुराने दिनों की बात रह जाएगी। इसकी जगह 12 अंकों वाला आधार नंबर ले लेगा। यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के महानिदेशक अजय पांडेय ने कहा, “आधार आधारित ट्रांजैक्शन्स कार्डलेस होंगे। इनके लिए किसी तरह की पिन की जरूरत नहीं होगी। एंड्रॉयड फोन यूजर्स फिंगरप्रिंट अथेंटिकेशन के जरिए यह काम आसानी से कर सकेंगे।”

नीति आयोग इसके लिए देश के सभी मोबाइल निर्माता कंपनियों से भी बात कर रहा है ताकि सभी प्रकार के मोबाइल हैंडसेट्स में आईआरआईएस या थम्‍ब आइडेंटिफिकेशन की सुविधा लगाई जा सके। आधार आधारित ट्रांजैक्‍शंस के लिए ये सुविधा जरूरी है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर की रात 8 बजे 500 और 1000 के पुराने नोट को रद्द करने का एलान किया था। उसकी जगह रिजर्व बैंक ने नए किस्म के 500 और 2000 रुपये के नोट बाजार में उतारे हैं। सरकार कैशलेस सोसायटी के तहत डिजिटल ट्रांजैक्शन्स पर जोर दे रही है। सरकार का मानना है कि ऐसा करने से काला धन समाप्त होगा और समाज में पारदर्शिता आएगी।

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  1. Mahendra Sharma
    Dec 1, 2016 at 12:32 pm
    jabta toh apni mahanat ki kanai rakam ko pabe k liay line me ghanton se khadi hai.furbhi pausa nahi mil raga hai.kya formula hai.jya ausa hi libe me sabhi saansad aur mantri se kejar pradhan mantri bhi line me khade hokar ATM sevpaisa nikalne k hajir hoge. tabhi janta ki taklif malum padefa.is desh ne akag alag kanoon kyu.n era suprim Court se anurodh hai ki nantri ho ya santri sabhi ko libe ne khada karein.
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