December 06, 2016

ताज़ा खबर

 

डेबिट या क्रेडिट कार्ड से नहीं अब आधार नंबर से होंगे ट्रांजैक्शन्स, कैशलेस मुहिम में सरकार की नई योजना

नीति आयोग की सिफारिश पर अगर ऐसा होता है तो लोगों के पर्स में रहने वाला कार्ड (डेबिट - क्रेडिट) पुराने दिनों की बात रह जाएगी।

1 अप्रैल 2017 के बाद बिना आधार कार्ड के रेल किराए में छूट नहीं मिलेगी। (फाइल फोटो)

केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने देश में नोटबंदी लागू करने के बाद अब कैशलेस इकॉनोमी की तरफ कदम बढ़ा दिया है। सरकार ने सभी अहम विभागों से ऑनलाइन और डिजिटल ट्रांजैक्शन करने को कहा है। कैशलेस इकॉनोमी की दिशा में लोगों को ट्रेनिंग भी जी जा रही है। ऐसे में सरकार एक और अहम कदम उठाने जा रही है। इकॉनोमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, सरकार डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जगह आधार नंबर पर आधारित सभी ट्रांजैक्शन्स करने की योजना पर काम कर रही है। दरअसल, नीति आयोग चाहता है कि देश में सभी प्रकार के ट्रांजैक्‍शंस के लिए केवल आधार कार्ड का ही उपयोग किया जाए।

नीति आयोग की सिफारिश पर अगर ऐसा होता है तो लोगों के पर्स में रहने वाला कार्ड (डेबिट – क्रेडिट) पुराने दिनों की बात रह जाएगी। इसकी जगह 12 अंकों वाला आधार नंबर ले लेगा। यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के महानिदेशक अजय पांडेय ने कहा, “आधार आधारित ट्रांजैक्शन्स कार्डलेस होंगे। इनके लिए किसी तरह की पिन की जरूरत नहीं होगी। एंड्रॉयड फोन यूजर्स फिंगरप्रिंट अथेंटिकेशन के जरिए यह काम आसानी से कर सकेंगे।”

नीति आयोग इसके लिए देश के सभी मोबाइल निर्माता कंपनियों से भी बात कर रहा है ताकि सभी प्रकार के मोबाइल हैंडसेट्स में आईआरआईएस या थम्‍ब आइडेंटिफिकेशन की सुविधा लगाई जा सके। आधार आधारित ट्रांजैक्‍शंस के लिए ये सुविधा जरूरी है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर की रात 8 बजे 500 और 1000 के पुराने नोट को रद्द करने का एलान किया था। उसकी जगह रिजर्व बैंक ने नए किस्म के 500 और 2000 रुपये के नोट बाजार में उतारे हैं। सरकार कैशलेस सोसायटी के तहत डिजिटल ट्रांजैक्शन्स पर जोर दे रही है। सरकार का मानना है कि ऐसा करने से काला धन समाप्त होगा और समाज में पारदर्शिता आएगी।

वीडियो देखिए- सेलरी डे: दिल्‍ली और पंचकूला में बैंकों, एटीएम के बाहर लगी लंबी कतारें

वीडियो देखिए- नोटबंदी: फैसले के बाद कैसे चल रहा है मजदूरों का गुजारा, देखिए

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on December 1, 2016 5:13 pm

सबरंग