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पति के अंतिम संस्‍कार के लिए महिला ने गिरवी रखे बच्‍चे, तब जाकर मिले 5000 रुपये

ओडिशा राज्‍य के केओनझार जिले में चंपुआ गांव में एक विधवा महिला को पति के अंतिम संस्‍कार के लिए दो बच्‍चों को गिरवी रखकर पैसे जुटाने पड़े।
Author भुवनेश्‍वर | February 18, 2016 16:30 pm
अंतिम संस्‍कार के लिए बच्‍चों को गिरवी रखने की घटना ओडिशा के

ओडिशा राज्‍य के केओनझार जिले में चंपुआ गांव में एक विधवा महिला को पति के अंतिम संस्‍कार के लिए दो बच्‍चों को गिरवी रखकर पैसे जुटाने पड़े। घटना 26 जनवरी की है। बुधवार को ब्‍लॉक डवलपमेंट अधिकारी एस नायक जब चंपुआ गांव गए तो मामले का खुलासा हुआ। उन्‍हें बच्‍चों को गिरवी रखने की जानकारी मिली थी। सावित्री नायक के पति रायबा की मौत पिछले दिनों हो गर्इ थी। परिवार में वह इकलौता कमाने वाला था। अंतिम संस्‍कार के लिए पैसे न होने पर उसने अपने पांच में से दो बड़े बेटों बेटे मुकेश(13) और सुकेश(11) को पड़ोसी के गिरवी रख दिया। इसके बदले में उसने 5000 रुपये लिए।

सावित्री ने बताया कि उसके पास बच्‍चों को खिलाने के लिए लिए पैसे नहीं थे। इसके चलते दो बेटों को गिरवी रखना पड़ा। गिरवी रखे गए दोनों बच्‍चे पड़ोसी के जानवरों की देखभाल करते हैं। उसके पति रायबा की मौत 26 जनवरी को हो गई थी। रायबा लंबे समय से बीमार था। इसके चलते परिवार की सारी बचत भी समाप्‍त हो गई। बताया जाता है कि पति के अंतिम संस्‍कार के लिए सावित्री ने कई लोगों से मदद मांगी लेकिन किसी ने ऐसा नहीं किया।

वहीं बीडीओ ने बताया कि चंपुआ को परिषद बन गई है इसके चलते सावित्री को आर्थिक मदद नहीं मिल सकी। उसे विधवा पेंशन और अन्‍य आर्थिक मदद दिलाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि उन्‍होंने बच्‍चों को गिरवी रखे जाने से इनकार किया। लेकिन बताया कि बच्‍चे उधार लिए पैसे को चुकाने के लिए गांव वालों के जानवरों की देखभाल कर रहे हैं।

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  1. R
    ravikumar
    Feb 18, 2016 at 8:43 am
    Mujhe 2 freedom phone chahiye Ravi mob 9759003388
    Reply
  2. A
    avinash jain
    Jun 6, 2014 at 12:25 pm
    अब रपे नहीं होंगे तो क्या hoga
    Reply
  3. S
    Santosh Makharia
    Jun 5, 2014 at 12:40 pm
    दुनिआ भर की नंगई को प्रगतिशील खा जा रहा है इससे भारत भी अछूता नही है .माया में ब्रह्म है की ब्रह्म में माया है ???????
    Reply
  4. G
    GramBharat
    Jun 6, 2014 at 7:43 am
    हम सब आजादी को बिदा करते हुए,ओपोनिबेशिक भाब्नाओ के चंगुल में फंसा हुआ एक समाज में रह रहा हूँ, इसका ये एक मिशाल छोरकेँ ओर केया !
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  5. R
    RAM PRAKASH
    Jun 7, 2014 at 1:01 am
    बलत्कार के लिए बढ़ावा देना इस फैसन में रोक लगाना चाइये
    Reply
  6. R
    RAM PRAKASH
    Jun 7, 2014 at 1:06 am
    भारतीय संस्कृति में हा हम सब को मिलकर इसे रोकना चाहिए
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  7. k
    k.k.vishwakarma sharma
    Jun 7, 2014 at 2:47 pm
    वेरी good
    Reply
  8. k
    k.k.vishwakarma sharma
    Jun 7, 2014 at 2:48 pm
    वेरी गुड
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