April 29, 2017

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बर्खास्‍तगी के बाद तेज बहादुर ने BSF अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- आखिरी सांस तक सैनिकों के लिए लड़ूंगा

यादव को जवानों को दिए जा रहे दोयम दर्जे के खाने के संबंध में वीडियो पोस्‍ट करने पर सेवा से हटा दिया गया है।

तेज बहादुर यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर खाने की गुणवत्‍ता शिकायत की थी।

सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर सेना के खराब खाने की शिकायत करने वाले तेज बहादुर यादव को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बर्खास्‍त कर दिया गया है। हालांकि तेज बहादुर का कहना है कि उनकी लड़ाई सारे सैनिकों के लिए है। यादव ने गुरुवार (20 अप्रैल) को कहा कि उन्‍हें पूरा भरोसा है कि न्‍याय मिलेगा। उन्‍होंने एएनआई से बातचीत में कहा, ”मैंने खाने का सबूत दिया है मगर मुझे न्‍याय नहीं मिला। मैं अदालत जाऊंगा। मुझे न्‍याय पाने का पूरा भरोसा है। मैं अपनी आखिरी सांस पर सैनिकों के लिए लड़ूंगा। शिकायतें पहले भी आईं थीं मगर किसी ने ध्‍यान नहीं दिया। यह मेरा कर्त्‍तव्‍य था कि मैं सरकार के सामने इसका खुलासा करता।” यादव ने कहा कि उन्‍होंने आवाज़ इसलिए उठाई ताकि सेना में आने वाली नई पीढ़ी को ऐसे ही हालातों का सामना न करना पड़े। उन्‍होंने कहा, ”अधिकारियों ने मुझे बंद करके रखा और परिवार से बात नहीं करने दी। मुझे अपना फोन तब दिया गया जब मैं अदालत गया।”

एक दिन पहले ही यादव ने सरकार से समर्थन की गुहार लगाई थी और कहा था कि अगर सरकार उनका साथ नहीं देती तो वे न्‍यायालय की शरण लेंगे। बुधवार (19 अप्रैल) को यादव ने कहा कि वह इस मामले को लेकर हाई कोर्ट से न्‍याय मांगेंगे। उन्‍हें बुधवार को ही अपनी बर्खास्‍तगी के आदेश मिले, जिसके बाद वह तीन टन के ट्रक में अपने सामान के साथ कैंटोनमेंट से बाहर चले आए।

बुधवार को ही तेज बहादुर की पत्‍नी शर्मिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पति की बर्खास्‍तगी पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्‍होंने कहा था, ””उसका (यादव) कोर्ट मार्शल कर दिया गया है। उसने जवानों के हित में ये कदम उठाया था और देश को अपना खाना दिखाया था। इसके बाद कोई भी मां अपने बच्‍चे को फौज में भेजेगी क्‍या? उसने ऐसा कौन सा गुनाह किया था जो उसकी 20 साल की सर्विस हो गई थी और उसको डिसमिस कर दिया गया। सरकार को चाहिए था कि उसको बाइज्‍जत घर भेज दे, सरकार ने ये बहुत गलत किया है। इससे कोई भी मां अपने बच्‍चे को सेना में भेजने से डरेगी।”

समरी सिक्‍योरिटी फोर्स कोर्ट ने यादव को जवानों को दिए जा रहे दोयम दर्जे के खाने के संबंध में वीडियो पोस्‍ट करने पर सेवा से हटा दिया था। बहादुर को सभी आरोपों का दोषी पाया गया और सेवा से निकाल दिया गया। उनके बाद बीएसएफ के उच्‍चतर मुख्‍यालय में अपील करने का विकल्‍प मौजूद है। तेज बहादुर ने फेसबुक पर चार वीडियो शेयर किए थे। इन वीडियो में जली रोटी, पानी वाली दाल को दिखाया गया था।

 

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First Published on April 20, 2017 12:05 pm

  1. M
    manish agrawal
    Apr 20, 2017 at 5:25 pm
    BSF ke jawans to apni duty imaandaari aur mehnat se karte hain aur aaye din, various operations main apni shahaadat bhi dete hain lekin BSF ke commandant aur higher rank ke officers, Indian taxpayer ke paise par khoob mauz masti, aish karte hain aur shahaadat bhi nahi dete ! jo chor officers apne jawans ka bhojan tak chheen lete hain, aur unko physically weak banaane ka kaam kar rahe hain,wo haramkhor,desh ke liye kua shahaadat denge? Indian Army ke high officials , baraabar shahaadat dete rahate hain, jese Major Satish Dahiya, Captain Saurabh Kalia,Major Unnikrishnan etc.lekin last 5 years main BSF ke kitne officers ne shahaadat di ? Home Ministry total fail ho i hai, na Tejbahadur jese BSF jawan ko justice dila paayi, na various non BJP states ke Chief Ministers par koyi control hai, na Delhi ki JNU main Rashtravirodhi naare lagaane walon ke khilaaph koyi effective karwaai kar paayi ! JAWANS WEAK HONGE TO DESH BHI SAFE NAHI RAH PAAYEGA! kya hamaare rekhwaale jawans ko nyaay milega ?
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    1. M
      manish agrawal
      Apr 20, 2017 at 5:19 pm
      Modiji ne to Prime Minister banne ke baad daava kiya thaa ki na wo khud khaayenge aur na hi kisi ko khaane denge! Lekin ye daava jhootha niklaa kyuki BSF ke chor aur haramkhor officers,BSF jawans ko diya jaane wala Govt ration bech kar khaa rahe hain !BSF jawans tea,paranthaa aur paani jesi daal khaakar, border par apni jaan dete hain aur ye haramkhor officers, kaju, badam aur mehangi shraab ka lutf lete hain aur kabhi shahaadat bhi nahi dete!Tejbahadur ne complaint ki to Home Ministry ke chor officers ne inquiry ka naatak kar,usko jhootha saabit kiya aur terminate kar diya.Tejbahadur ki unit ke BSF officers ka Narco Test kiya jana chahiye thaa, tabhi reality saamne aati. badi badi baaten karne wali Modi government,ek jawan ko nyaay nahi dilwaa paayi. Modiji, ye stan nahi Hindostan hai aur yahan Fauzi hukumat nahi balki real democracy hai.Tejbahadur ke case mai Modi government ne jo leepa-poti ki hai,usse jaahir hota hai ki ya to apki govt bhi corrupt hai ya phir insensitive hai !
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      1. A
        AKS
        Apr 20, 2017 at 1:39 pm
        तेजबहादुर के मुद्दे जायज है। उम्मीद है की वे अपनी लड़ाई को तार्किक पुरता की ओर ले जाएगे। ये बाते अनधृकृत तौर पर सब कहते है की फौज का खाना टीक नहीं है। ये बात 100 ी भी नहीं है परंतु पुरद्ता गलत भी नहीं है। सरकार को निष्पछ जांच करनी चाहिए तथा किसी भी तरह की फ़ेस सविंग की कोशिश से बचना चाहिए। हो सकता है की कुछ शर्मनाक तथ्य सामने आए परंतु बीमारी को दबाने से वो कैंसर मे बादल जाएगा अत उसका इलाज जरूरी है । इस समय की मोदी सरकार मे वह राजनैतिक इच्छा शक्ति है इस लिए मुझे लगता है की सरकार इस पर जरूर करवाही करेगी। जय हिन्द जय भारत।
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