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जानिए रजत शर्मा के बारे में दिलचस्‍प बातें- जेल में इंटरव्यू के लिए खुद को कराया था गिरफ्तार, कलीग रह चुकी हैं स्मृति ईरानी

आठ भाई-बहनों और माता-पिता के साथ दिल्ली के एक कमरे में बचपन गुजारने वाले रजत शर्मा को इंडियन एक्सप्रेस ने साल 2016 का देश का 51वां सबसे ताकतवर शख्स माना था।
रजत शर्मा ने साल 2004 में इंडिया टीवी की शुरुआत की थी। (फाइल फोटो)

“आप की अदालत” के चर्चित एंकर और इंडिया टीवी के मालिक रजत शर्मा किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं लेकिन उनके बार में कई रुचिकर बातें कम लोग ही जानते हैं। रजत शर्मा को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई नेताओं का करीबी माना जाता है। वो छात्र जीवन में अखिल भारतीय परिषद (एबीवीपी) से जुड़े हुए थे। दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में पढ़ाई के दौरान अरुण जेटली शर्मा के सीनियर थे। इंदिरा गांधी सरकार के समय जब आपातकाल लगा तो तब एबीवीपी नेता रजत शर्मा भी जेटली एवं अन्य नेताओं के संग जेल गए थे। हालांकि शर्मा ने बाद में राजनीति की राह छोड़कर पत्रकारिता की राह पकड़ ली और टेलीविजन की दुनिया के नामी-गिरामी शख्सियत बन गए।

“द कारवां” मैगजीन में शर्मा पर प्रकाशित लंबे आलेख के अनुसार शर्मा को पत्रकारिता में आने के बाद भी एक बार जेल जाना पड़ा था लेकिन इस बार वो खुद अपनी मर्जी से जेल गए थे। ये वाकया 1985 का है। एक वरिष्ठ पत्रकार ने द कारवां को बताया कि उस समय 28 वर्षीय शर्मा को “बड़ी ब्रेकिंग न्यूज” करने की भूख रहती थी। जब करोड़पति कारोबारी राजेंद्र सिंह सेठिया धोखाधड़ी के लिए गिरफ्तार हुए तो शर्मा ने उनका इंटरव्यू करने की ठानी। उस समय किसी पत्रकार को आम तौर पर जेल में जाकर इंटरव्यू करने की इजाजत नहीं मिलती थी। लेकिन शर्मा ने ठान रखी थी कि वो सेठिया का इंटरव्यू लेकर रहेंगे। शर्मा ने इसके लिए अपने कॉलेज के दिनों के लंबित पड़े एक मामले में खुद को गिरफ्तार करा दिया और जेल पहुंच गए। और इस तरह वो सेठिया का इंटरव्यू लेने में कामयाब रहे।

57 वर्षीय शर्मा जेटली के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी करीबी माने जाते हैं। पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने अपनी किताब ‘द इलेक्शन दैट चेंज्ड इंडिया’ में लिखा है कि नरेंद्र मोदी पुराने दिनों से ही शर्मा को निजी बातचीत में “पंडितजी” कहते हैं। सरदेसाई की मानें तो प्रधानमंत्री बनने के बाद भी मोदी उन्हें निजी तौर पर इसी नाम से पुकारते हैं। मोदी से शर्मी की नजदीकी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि गुजरात दंगों के बाद जब नरेंद्र मोदी सूबे के सीएम बने तो उनके शपथ ग्रहण समारोह में शर्मी भी मंच पर थे। इतना ही नहीं इस समय नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी टीवी स्टार बनने से पहले शर्मा के साथ समाचार चैनल में काम कर चुकी हैं।

शर्मा की नजदीकी नेताओं की लिस्ट लंबी है। बीजेपी नेता विजय गोयल भी उनके कॉलेज के जमाने के मित्र हैं और उनके साथ कॉलेज की पत्रिका का संपादन भी कर चुके हैं। बीजेपी के समर्थक माने जाने वाले शर्मा 1982 में वामपंथी रुझान वाले शर्मा अखबार द पैट्रियॉट में फ्रीलांसर के तौर पर काम कर चुके हैं। शर्मा के तब ज़ी टीवी पर आने वाले इंटरव्यू कार्यक्रम ‘आप की अदालत’ में पहले मेहमान बिहार के मुख्यमंत्री लालू यादव थे। नेताओं के साथ ही कारोबारियों से भी शर्मा के अच्छे संबंध रहे हैं। द कारवां मैगजीन की मानें तो शर्मा को एक जमाने में खुद को उद्योगपति धीरू भाई अंबानी का “तीसरा बेटा” बताया करते थे। आज भी उनकी कंपनी इंडपेंडेंट न्यूज सर्विस (इंडिया टीवी की मालिक) में गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की कंपनियों का निवेश है।

आठ भाई-बहनों और माता-पिता के साथ दिल्ली के एक कमरे में बचपन गुजारने वाले शर्मा को इंडियन एक्सप्रेस ने साल 2016 का देश का 51वां सबसे ताकतवर शख्स माना था। स्मृति ईरानी के अलावा ज़ी टीवी में शर्मा के काम के दौरान उनके सहकर्मी रहे कई टीवी कर्मी आगे जाकर अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट जगह बनाने में कामयाब रहे। इनमें प्रीतीश नंदी, उदय शंकर, विनोद दुआ और सुधीर चौधरी जैसे नाम अहम हैं।

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  1. B
    bitterhoney
    Dec 26, 2016 at 3:32 pm
    मोदी को प्रधान मंत्री बनाने में रजत शर्मा का बड़ा हाथ है.
    (0)(0)
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