December 03, 2016

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बंद हुए नोटों की ऊंचाई एवरेस्ट से 300 गुना ज्यादा, 5 बार बन सकता है चांद तक आने-जाने का रास्ता

23 बिलियन से ज्यादा नोट अब बंद हो गए। इतने नोटों को अगर एक के ऊपर एक रखा जाए तो इनसे बनने वाली आकृति माउंट एवरेस्ट से 300 गुना ज्यादा ऊंची हो सकती है। वहीं इनको एक के आगे एक रखा जाएगा तो चांद तक आने-जाने का रास्ता पांच बार बनाया जा सकता है।

500 और 1000 के नोट की तस्वीर का इस्तेमाल प्रतिकात्मक तौर पर किया गया है।

नोटबंदी के बाद जितना परेशान लोग हैं शायद उससे कहीं ज्यादा परेशान आने वाले दिनों दिनों में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) होने वाला है। इसकी वजह है 23 बिलियन से ज्यादा नोट, जो अब बंद हो गए। इतने नोटों को अगर एक के ऊपर एक रखा जाए तो इनसे बनने वाली आकृति माउंट एवरेस्ट से 300 गुना ज्यादा ऊंची हो सकती है। वहीं इनको एक के आगे एक रखा जाएगा तो चांद तक आने-जाने का रास्ता पांच बार बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी का एलान किया था। बताया गया था कि 31 दिसंबर के बाद से 500 और 1000 रुपए के नोट चलने बंद हो जाएंगे। पीएम ने कहा था कि 500 और 1000 के नोट 31 दिसंबर के बाद ‘कागज के टुकड़े’ के बराबर होंगे। दुनिया भर में भारत द्वारा नोटबंदी के फैसले को बड़ा कदम बताया जा रहा है। एक आंकड़े के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया हर साल 400 मिलियन डॉलर नोट बनाने पर खर्च करता है।

क्या होगा पुराने नोटों का ? RBI के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर पुराने नोटों का इस्तेमाल गड्ढे भरने के लिए किया जाएगा। उसके लिए नोटों की एक ईंट बनाई जाएगी। उसका एक अलग प्रोसेस है। इसके अलावा कुछ नोटों का औद्योगिक इस्तेमाल भी किया जाएगा। वहीं कुछ का पेपर वेट बनाया जाएगा और अन्य को फर्नीचर बनाने में काम में लाया जाएगा। भारत में इतने ज्यादा नोट होने का कारण यह भी है कि 98 प्रतिशत लोग लेन-देन कैश में करते हैं। आकड़ों के मुताबिक, कुल नोट में 500 और 1000 रुपए के नोट का प्रतिशत 75 प्रतिशत था। भारत में ज्यादातर देशों के मुकाबले काफी ज्यादा नोट छापे जाते हैं।

लोग लगा रहे बोली: कुछ पुराने नोटों को लोग याद के तौर पर सजाकर भी रखना चाहते हैं। अपने मनपसंद नोट को लोग ईबे जैसी वेबसाइट पर खरीद-बेच भी रहे हैं। सरकार के निर्णय पर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। एकतरफ लोग इस निर्णय की वजह से परेशानी उठा रहे हैं लेकिन फिर भी कई लोग फैसले को देश के हित में लिया गया फैसला बता रहे हैं।

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First Published on November 23, 2016 4:48 pm

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