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आज फ‍िर रैंसमवेयर अटैक का खतरा: जान‍िए इसमें क्‍या होता है और आप क्‍या करें

WannaCry रैंसमवेयर का एक रूप है जो कि आपके कम्प्यूटर्स की फाइल को लॉक कर देता है और उन फाइलों को इस तरह से एन्क्रिप्ट करता है कि फाइलों का उपयोग असंभव हो जाता है।
Author नई दिल्‍ली | May 15, 2017 12:36 pm
लाखों को कम्प्यूटरों को बनाया गया निशाना। (Photo Source: AP)

भारत विश्व के उन 99 देशों में शामिल है जो ग्लोबल स्तर पर साइबर हमले का शिकार हुए हैं। साइबर हमले के शिकार देशों में ब्रिटेन की हेल्थ सर्विस, स्पेन का टेलिकॉम नेटवर्क और रूस के सरकारी कंप्यूटर सिस्टम भी शामिल है। ये सभी देश इसी सप्ताह साइबर हमले का शिकार हुए हैं। 12 मई को आंध्र पदेश पुलिस के 102 कंप्यूटर सिस्टम को हैक कर लिया गया। पुलिस सर्वर को फ्रांस से हैक किया गया था। जब हम सिस्टम खोलने की कोशिश की जाती थी तो वह पासवर्ड मांगता था। बताया जा रहा है कि साइबर हमले को WannaCry रैंसमवेयर नाम के मेलिशियस सॉफ्टवेर के जरिए अंजाम दिया गया है। इसकी जद में लाखों की संख्या में कम्प्यूटर्स हैं। मेलिशियस सॉफ्टवेयर (रैंसमवेयर) WannaCry को WanaCrypt0r 2.0, WannaCry and WCry के नाम से भी जाना जाता है। कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है फिर से इस तरह के अटैक को अंजाम दिया जा सकता है।

कैसे काम करता है रैंसमवेयर?
WannaCry रैंसमवेयर का एक रूप है जो कि आपके कम्प्यूटर्स की फाइल को लॉक कर देता है और उन फाइलों को इस तरह से एन्क्रिप्ट करता है कि फाइलों का उपयोग असंभव हो जाता है। रैंसमवेयर के हमले के बाद सिस्टम में मौजूद कोई भी सॉफ्टवेयर और एप नहीं चलता है।

कैसे फैलता है रैंसमवेयर?
रैंसमवेयर एक प्रोग्राम है जो कि किसी गलत चीज को क्लिक करने या गलत चीज को डाउनलोड करने पर आपके कम्प्यूटर में प्रवेश कर जाता है। जिसके बाद यह प्रोग्राम आपके सिस्टम को लॉक कर देता है और इसे वापस पाने के लिए आपको फिरौती (Ramsom) देने की जरुरत होती है। यानी की WannaCry प्रोग्राम आपकी फाइल्स को एन्क्रिप्ट कर देता तो फिर से फाइल को एक्सेस करने के लिए पेमेंट की मांग करता है। पेमेंट बिटकॉइन में करनी होती है। बता दें कि बिनकॉइन दुनिया की सबसे महंगी ऑनलाइन करेंसी है। एक बिनकॉइन की कीमत 1700 डॉलर से ज्यादा है। भारतीय मुद्रा में बात की जाए तो 1 बिटकॉइन की कीमत सवा लाख रुपए के आसपास है।

पेमेंट के बाद भी नहीं मिलता आपको एक्सेस
सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि पेमेंट करने के बाद आपको फाइलों को एक्सेस करने का अधिकार मिल जाएगा। कुछ रैंसमवेयर फाइलों को एन्क्रिप्ट करने के बाद कुछ दिन तक बने रहते हैं और बाद में ज्यादा पैसों की मांग करते हैं। पैसे नहीं देने पर सारी फाइलों को डिलीट करने की भी धमकी देते हैं। रैंसमवेयर कई प्रकार से काम करता है। अगर रैंसमवेयर आपके कम्प्यूटर में एग्जिक्यूट हो गया तो एक कंडीशन में आपका पूरा कम्प्यूटर लॉक हो जाता है, सिर्फ एक मैसेज शो होता है। मैसेज में लिखा होता है कि फिर से लॉगइन करने के लिए पेमेंट करें। कुछ कंडीशंस में आपके सामने पॉप अप्स बनकर आते हैं। इन पॉप अप्स को बंद करना कठिन या फिर नामुमकिन होता है। जिसके चलते सिस्टम को इस्तेमाल करना संभव नहीं होता है।

WannaCry क्यों हैं खास?
दरअसल WannaCry सिर्फ एक रैंसमवेयर प्रोग्राम नहीं है बल्कि यह एक Worm (कीड़ा) है। वार्म से तात्पर्य है कि यह आपके कम्प्यूटर में प्रवेश करने के बाद दूसरे कम्प्यूटर में प्रवेश करने की कोशिश करता है। यह उस हद तक खुद को फैलाता है, जहां तक संभव हो सकता है।

रैंसमवेयर का अटैक होने पर आप क्‍या करें
सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक रैंसमवेयर कोई नहीं चीज नहीं है और न ही कोई आश्चर्यजनक बात है। 5 साल पहले भी पश्चिमी यूरोप में हमलावरों ने लोगों के सिस्टम को लॉक कर दिया था और फिरौती मांगी थी। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उस दौरान प्रतिशत से भी कम लोगों ने पैसे का भुगतान किया। Paladion नेटवर्क के डॉयरेक्टर आदित्य उथप्पा ने कहा कि किसी को पैसे देने की जरुरत नहीं है क्योंकि रैंसमवेयर के मालिक या निर्माता का व्यवहार आपराधिक है। साथ ही इस बात की कोई गारंटी नहीं होती है कि पैसे दिए जाने के विक्टिम का कम्प्यूटर खुल जाएगा। इस लिहाज के अच्छा होगा कि आप कोई भी फैसला लेने से पहले साइबर पुलिस सेल से मदद मांगें।

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