ताज़ा खबर
 

राज्यसभा में वेंकैया का उनके स्टाइल में हुआ स्वागत, विपक्षी नेता ने ‘NAIDU’ की यह बताई ‘फुलफॉर्म’

समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने कहा कि सदन की परंपरा शोरगुल के बीच विधेयक पारित करने की नहीं है, पर यह सिर्फ सभापति का दायित्व नहीं है कि सदन में व्यवस्था बनाए रखें।
Author August 12, 2017 14:15 pm
उपराष्ट्रपति होने के नाते एम. वैंकेया नायडू नायडू का उच्च सदन में उनका अभिनंदन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्षी नेता। (PTI)

नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति एम. वैंकेया नायडू का ऊपरी सदन में शुक्रवार को कई सेकेंडों तक मेज थपथपाकर स्वागत किया गया। विपक्षी सदस्यों ने नायडू को नया कार्यभार ग्रहण करने के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्हें इस पद पर निष्पक्ष रहने के दस्तूर की याद भी दिलाई। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने नायडू का स्वागत किया और कहा कि यह कुर्सी न्याय और निष्पक्षता का प्रतीक है। आजाद ने कहा, “आप जिस कुर्सी पर आज बैठ रहे हैं, इसमें न्याय के तराजू का निशान बना हुआ है, जो हमें याद दिलाता है कि यह कुर्सी निष्पक्ष है। न्याय करते समय आप किसी धर्म या पार्टी से जुड़े नहीं होते।”

उन्होंने कहा कि ऊपरी सदन की यह परंपरा रही है कि सदन के व्यवस्थित हुए बगैर कोई विधेयक शोरगुल में पारित नहीं किया जाता और उम्मीद की जाती है कि सदन की परंपरा का सम्मान नए सभापति के तहत भी किया जाएगा।

माकपा के नेता सीताराम येचुरी ने भी कहा कि सभापति के रूप में नायडू दो प्रतीकों– शोक चक्र व न्याय का तराजू के छाए में बैठ रहे हैं। अशोक चक्र सत्य के विजय की बात कहता है।

येचुरी ने कहा, “श्रीमान, आप संविधान के संरक्षक हैं। लोगों की संप्रभुता सर्वोच्च है। कार्यकारी हमारे (सांसदों) प्रति उत्तरदायी है और हम बदले में जनता के प्रति उत्तरदायी हैं।” तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने भी नायडू को सभापति के तौर पर अपनी शुभकामनाएं दीं।

समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने कहा कि सदन की परंपरा शोरगुल के बीच विधेयक पारित करने की नहीं है, पर यह सिर्फ सभापति का दायित्व नहीं है कि सदन में व्यवस्था बनाए रखें। उन्होंने कहा, “यह हंगामा करने वाले लोगों को भी सोचना होगा कि क्या वह मुद्दा इतना गंभीर है कि उस पर हंगामा हो रहा है।”

विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पूर्व संसदीय मामलों के मंत्री रहते हुए हमने आपसे कई बार झगड़ा किया। लेकिन सदन के बाहर जाकर हम सदन चलाने को लेकर सहमत भी हुए। इस सदन में कई नेता मौजूद हैं। जो जमीन से उठकर ऊंचे पदों पर आए हैं। आपका वास्ता सिर्फ पार्टी तक सीमित नहीं रहना चाहिए। अब आपको निष्पक्षता के साथ सभापति की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। आपके मन में सिर्फ पार्टी के लिए विचार नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन की एक परंपरा है कि दिन में कोई बिल पारित नहीं किया जाता है।

इस दौरान तृणमूल के डेरेक ओ ब्रायन ने नायडू का स्वागत करते हुए उनके नाम ‘नायडू’ का फुल फॉर्म भी बताया। उन्होंने कहा, ‘Now All India’s Dearest Umpire’, मतलब अब से अखिल भारतीय का प्यारा अंपायर। वहीं कांग्रेस के नेता आनंद शर्मा ने कहा कि उम्मीद है कि दोनों पक्ष अब से समान रुप से सदन में पेश आएंगे।

देखिए वीडियो - वेंकैया नायडू ने उप- राष्ट्रपति पद की शपथ ली

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग