January 20, 2017

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भारत ने पाकिस्‍तान से कहा- जरूरत पड़ी तो आतंकियों को ढूंढ़ने के लिए फिर पार करेंगे एलओसी

सर्जिकल स्‍ट्राइक्‍स से यह साफ संदेश दिया गया कि पाकिस्‍तान को अपनी 'सामान्‍य' स्थिति में बदलाव करना पड़ेगा।

उरी हमले के बाद पाकिस्‍तान से लगती नियंत्रण रेखा पर भारत ने मुस्‍तैदी बढ़ाने के साथ ही सैन्‍य तैनाती भी बढ़ा दी है। (Photo:AP)

अगर पाकिस्‍तान आतंकवाद का निर्यात जारी रखेगा तो भारत के लिए नियंत्रण रेखा अछूत नहीं रह जाएगी। इंडियाटाइम्‍स ने सरकार में उच्‍च-पदस्‍थ सूत्रों के हवाले से लिखा है कि 29 सितंबर की सर्जिकल स्‍ट्राइक्‍स के बाद से भारत ने पाकिस्‍तान को यही संदेश दिया है। भारत की वर्तमान स्थिति 1999 के स्‍टैंड से अलग है। कारगिल संघर्ष के चलते पाकिस्‍तान को नियंत्रण रेखा को अनुल्लंघनीय मानना पड़ा। जब पाकिस्‍तान ने कारगिल में घुसपैठ की और उसका मुंहतोड़ जवाब उसे मिला तो तत्‍कालीन अमेरिकी राष्‍ट्रपति बिल क्लिंटन ने कहा था कि सीमाएं दोबारा खून से नहीं बनाई जानी चाहिए। हाल के दिनों में जिस तरह पाकिस्‍तान की तरफ से एलओसी के जरिए आतंकियों की घुसपैठ कराई जा रही थी, उससे इस समझौते का सीधा-सीधा उल्‍लंघन हो रहा था। अब भारत यह इशारा कर रहा है कि वह भी आतंकियों की तलाश में एलओसी पार कर सकता है। 6 जनवरी, 2006 में पूर्व पाकिस्‍तानी राष्‍ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने वायदा किया था कि वह भारत के खिलाफ हमला करने आतंकियों को पाकिस्‍तानी के नियंत्रण वाले क्षेत्र का इस्‍तेमाल नहीं करने देगा। सर्जिकल स्‍ट्राइक्‍स से यह साफ संदेश दिया गया कि पाकिस्‍तान को अपनी ‘सामान्‍य’ स्थिति में बदलाव करना पड़ेगा।

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पाकिस्‍तान ने उरी हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया की उम्‍मीद नहीं की थी और कई महत्‍वपूर्ण पोस्‍ट्स पर धावा बोला। भारत ने हमला करने के लिए अलग पोस्‍ट्स को चुना, और यहीं से फर्क जाहिर हुआ। पिछले कुछ सालों में पाकिस्‍तान ने चौखट नहीं पार की है, परमाणु हमले को छोड़कर बाकी सबकुछ खुलेआम चल रहा था। छोटे-छोटे हमलों से लेकर मुंबई (2006 और 2008) जैसे बड़े आतंकी हमलों तक, भारत ने कूटनीतिक जवाब के अलावा ज्‍यादा कुछ नहीं किया।

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शुक्रवार को पाकिस्‍तानी सुरक्षा सलाहकार नासिर जंलुआ ने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल से बातचीत में तनाव को ‘कम’ करने पर बात की थी। सरकार और सेना में भी यह बात हो रही है कि पाकिस्‍तान आने वाले कुछ सप्‍ताह में पलटवार कर सकता है। भारत को यह देखना होगा कि क्‍या पाकिस्‍तान उरी जैसे हमला करेगा या हल्‍के हमलों से तनाव बनाए रखेगा। भारत यह भी देखेगा कि पाकिस्‍तानी आर्मी चीफ राहिल शरीफ नवंबर में रिटायर होते हैं या पद पर बने रहते हैं। भारत के मुताबिक, अगर पाकिस्‍तानी जनरल का कार्यकाल बढ़ाया जाता है तो इससे यही संकेत जाएगा कि पाकिस्‍तान पूरी योजना के साथ भारत से सैन्‍य संघर्ष करने की तैयारी कर रहा है।

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First Published on October 10, 2016 4:38 pm

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