ताज़ा खबर
 

तेलंगाना: पुलिस वैन से भागते पांच संदिग्ध आतंकी मारे गए

स्थानीय आतंकवादी समूह तहरीक घालबा ए इस्लाम (टीजीआइ) के संस्थापक विकारुद्दीन अहमद उर्फ वकार समेत पांच आतंकवादियों को मंगलवार को पुलिस ने तेलंगाना के वारंगल जिले में पुलिस वैन से भागने का प्रयास करने के दौरान मार गिराया। वारंगल के पुलिस महानिरीक्षक वी नवीन चांद ने बताया कि घटना दिन के 10:30 बजे की है। […]
Author April 8, 2015 08:05 am
नलगोंडा जिले में पांच उग्रवादियों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी।

स्थानीय आतंकवादी समूह तहरीक घालबा ए इस्लाम (टीजीआइ) के संस्थापक विकारुद्दीन अहमद उर्फ वकार समेत पांच आतंकवादियों को मंगलवार को पुलिस ने तेलंगाना के वारंगल जिले में पुलिस वैन से भागने का प्रयास करने के दौरान मार गिराया।

वारंगल के पुलिस महानिरीक्षक वी नवीन चांद ने बताया कि घटना दिन के 10:30 बजे की है। विकारुद्दीन और उसके साथियों को वारंगल केंद्रीय जेल से हैदराबाद में अदालत में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था। उन्होंने लघु शंका का बहाना बनाकर पुलिस से वैन रुकवाने को कहा। इसी दौरान उन्होंने साथ चल रहे पुलिसकर्मियों से हथियार छीन लिए और उन पर हमले की कोशिश की। पांचों चरमपंथी गतिविधियों व कई आपराधिक मामलों में शामिल थे।

उन्होंने कहा कि विकारुद्दीन ने पुलिसकर्मियों को सकते में डालते हुए एक पुलिसकर्मी से उसका हथियार छीन लिया। उसके साथी भी उसके साथ शामिल हो गए और उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को काबू में कर लिया। हालात ऐसे बन गए कि पुलिस को उन पर गोली चलानी पड़ी। चांद ने बताया कि आतंकवादियों के साथ 17 पुलिसकर्मी थे जो न्यायिक हिरासत में बंद इन कैदियों को हैदराबाद अदालत में ले जा रहे थे। इस मुठभेड़ में एक सब इंस्पेक्टर भी घायल हो गया। वारंगल रेंज के डीआइजी बी मल्लारेड्डी ने कहा कि विकारुद्दीन के अलावा मुठभेड़ में मारे गए अन्य की शिनाख्त मोहम्मद हनीफ, सैयद अमजद अली, इजहार खान और मोहम्मद जाकिर के रूप में की गई है।

विकारुद्दीन के पिता मोहम्मद अहमद ने पूरे मामले पर शंका जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उनके पास पुलिस से भागने का कोई मौका ही नहीं था। यह पुलिस की उन्हें खत्म करने की साजिश है। हम सरकार से मांग करते हैं कि उसकी हत्या (मुठभेड़) में जो भी शामिल हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। अहमद ने कहा कि उन्होंने करीब दस दिन पहले वारंगल में अपने बेटे से मुलाकात की थी। उस समय सब कुछ ठीक लग रहा था।

विकारुद्दीन (30) पुलिसकर्मियों पर हमले के बाद दिसंबर 2008 से फरार था। इस हमले में दो सुरक्षाकर्मी मारे गए थे और कई घायल हुए थे। उसे और उसके साथियों को 14 जुलाई, 2010 को हैदराबाद शहर के विभिन्न इलाकों से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार 2007 में अमदाबाद में एक पुलिस कांस्टेबल की हत्या के लिए भी जिम्मेदार विकारुद्दीन कुछ समय तक शहर में शरण लिए हुए था। वह मक्का मस्जिद विस्फोट की बरसी से पूर्व हैदराबाद आता था और पुलिस गोलीबारी का बदला लेने के लिए सुरक्षाकर्मियों पर हमले करता था।

मक्का मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान 18 मई, 2007 को सेलफोन से नियंत्रित पाइप बम विस्फोट किया गया था, जिसमें नौ लोग मारे गए थे और पांच प्रदर्शनकारी विस्फोट के बाद पुलिस गोलीबारी का शिकार हुए थे। पुलिस के अनुसार दिसंबर 2008 से विकार और उसके साथियों ने मक्का मस्जिद विस्फोट की दो बरसियों पर लगातार पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया और पुराने शहर में दो पुलिसकर्मियों को मार दिया व दो को घायल कर दिया।

पुलिस ने पहले दावा किया था कि विकार ने 3 दिसंबर, 2008 को आइएस सदन में काउंटर इंटेलीजेंस सेल के दस्ते पर गोलीबारी कर एक हेड कांस्टेबल को घायल कर दिया था। वह मक्का मस्जिद विस्फोट कांड की दूसरी बरसी पर 18 मई, 2009 को फलकनुमा गोलीबारी मामले में भी शामिल था, जिसमें एक होमगार्ड मारा गया था और एक पुलिस कांस्टेबल घायल हो गया था। वह उन तीन हमलावरों में शामिल था जिन्होंने 14 मई, 2010 को पुराने शहर के शाह अली बांदा इलाके में पुलिस कांस्टेबल यू रमेश की गोली मारकर हत्या कर दी थी। विकार और उसके साथियों ने 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट के लिए संघ परिवार के नेताओं को जिम्मेदार ठहराया था। इसलिए मस्जिद में विस्फोट के बाद पुलिस गोलीबारी में मारे गए मुसलिमों की हत्या का बदला लिया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पहले कहा था कि विकार संघ परिवार को सबसे बड़ा दुश्मन मानता है। इसके अलावा वह अपनी आगे की योजनाओं के तहत और अधिक पुलिसकर्मियों को मारना चाहता था। मिली जानकारी के मुताबिक विकार ने जांचकर्ताओं से कहा था कि मैंने पुलिसकर्मियों के खिलाफ बदला लेने और संघ परिवार को मिटाने का फैसला किया है क्योंकि मैं महसूस करता हूं कि संघ परिवार मक्का मस्जिद में विस्फोट के लिए जिम्मेदार था। विकार ओल्ड मलाकपेट इलाके का रहने वाला था और सिमी के संदिग्ध मोर्चे दर्शगाह ए जिहाद ओ शहादत (डीजेएस) में शामिल हो गया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.