December 06, 2016

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नोटबंदी: केंद्रीय मंत्री बीरेंदर सिंह बोले- पत्नी से 500 रुपए लेकर चला रहा हूं काम, सीपीआई सांसद डी राजा ने कहा- छोड़नी पड़ी ब्लैक कॉफी

नोटबंदी के बाद आम लोगों से साथ-साथ नेता भी परेशान हैं। फिर चाहे वह केंद्रीय मंत्री हों या फिर विपक्ष के नेता।

केंद्रीय मंत्री बीरेंदर सिंह। (फाइल फोटो)

नोटबंदी के बाद आम लोगों से साथ-साथ नेता भी परेशान हैं। फिर चाहे वह केंद्रीय मंत्री हों या फिर विपक्ष के नेता। केंद्रीय मंत्री बीरेंदर सिंह ने नोटबंदी के बाद हो रही परेशानी की बात करते हुए कहा, ‘मैंने अपनी पत्नी से पांच सौ-सौ के नोट लिए थे। नोटबंदी के बाद से अबतक मैं दो बार होटल गया हूं। दोनों जगह मैंने कार्ड से पेमेंट की।’ बैंक और एटीएम जाने के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं संसद की ब्रांच में पैसे निकालने के लिए गया था। लेकिन वहां काफी भीड़ थी। मैंने किसी से नहीं कहा कि मुझे बिना लाइन के पैसे निकालने दो। मैं पैसे निकाले बिना ही वापस आ गया।’ नोटबंदी के फैसले को सही ठहराते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारे इलाके में पैसों का ज्यादातर लेनदेन फसल की खरीदी-बेची में होता है। लेकिन नकद की जगह बैंक से लेन-देन करने वाले सुकून में हैं। हां, शादी वाले परिवार को दिक्कतें हो रही हैं। लेकिन सरकार ने उनके लिए कुछ नियमों में बदलाव भी किए हैं। जैसे वे लोग 2.5 लाख रुपए तक निकाल सकते हैं। ये पैसे शादी वाले घर में काफी काम आ सकते हैं। लेकिन मैं भी इस बात को मानता हूं कि 2.5 लाख रुपए में एक सामान्य सी शादी भी नहीं हो सकती।’

नोटबंदी पर बात करते हुए कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के डी राजा ने कहा, ‘घर के सामान की जिम्मेदारी मेरी पत्नी की होती है। मैंने फिलहाल के लिए ब्लैक कॉफी छोड़ दी है। मुझे मूंगफली खाने का शौक है। लेकिन 8 तारीख से मैंने नहीं खरीदी है। मैं संसद की कैब सर्विस वाले को 10-20 रुपए दे दिया करता था लेकिन अब मैं यह नहीं कर पा रहा हूं। मैं ऑनलाइन बैंकिंग भी इस्तेमाल नहीं करता।’ बैंक और एटीएम के अनुभव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मेरी पत्नी को कुछ पैसों की जरूरत थी। मैं संसद वाली ब्रांच में जाकर लाइन में लगा। पहले दिन मैं पैसे नहीं निकाल पाया। लाइन में लगे कुछ दोस्तों ने मुझे 100 के कुछ नोट दिए। बाद में मैंने पैसे निकाले और बदलवाए।’ नोटबंदी के बारे में फीडबैक देते हुए डी राजा ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मेरी तरह कई लोगों की जिंदगी इससे प्रभावित हुई होगी।’

गौरतलब है कि 8 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी का एलान किया गया था। तब से बैंक और एटीएम के बाहर लगी लाइनों में कमी नहीं आ रही। सरकार लोगों की सहूलियत के हिसाब से वक्त-वक्त पर बदलाव करती रहती है।

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First Published on December 2, 2016 8:41 am

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