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विजय माल्या ने अपनी प्रॉपर्टी के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट से कहा- पास हैं कुल 16 हजार 440 रुपए

विजय माल्या ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भारत में उनकी कितनी दौलत और जायदाद है। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, माल्या ने बताया कि 31 मार्च 2016 को उनके पास 16,440 रुपए कैश थे।
शराब कारोबारी विजय माल्या। (फाइल फोटो)

विजय माल्या ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भारत में उनकी कितनी दौलत और जायदाद है। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, माल्या ने बताया कि 31 मार्च 2016 को उनके पास 16,440 रुपए कैश थे। यह भी बताया गया कि भारतीय बैंकों में उनके पास 12.6 करोड़ रुपए जमा हैं जिनपर इनकम टैक्स विभाग की निगरानी है। इसके अलावा माल्या ने बताया कि उसके पास विदेश में लगभग 5.2 मिलियन डॉलर की संपत्ति है। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि उसके पास विदेश में कितना कैश है। इस बात पर सुप्रीम कोर्ट ने माल्या को ठीक तरीके से प्रोपर्टी के बारे में बताने को कहा। गौरतलब है कि मंगलवार (25 अक्टूबर) को सुप्रीम कोर्ट माल्या के केस की सुनवाई कर रही थी। ऐसा विवरण देखकर सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर भारत के बाहर की अपनी सारी संपत्ति का पूरा विवरण पेश करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उनकी नजर में संपत्ति का सही तरीके से विवरण नहीं दिया। माल्या के वकील ने मंगलवार को भारत में माल्या की संपत्ति का विवरण दिया था।

वीडियो: शराब कारोबारी विजय माल्या की मुश्किलें; सुप्रीम कोर्ट ने विदेश में संपत्ति का ब्यौरा देने को कहा

न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन की पीठ ने चार करोड़ अमेरिकी डालर की रकम का विवरण नहीं देने के लिये भी माल्या को आड़े हाथ लिया। यह रकम उन्हें इस साल फरवरी में ब्रिटिश फर्म डियाजियो कंपनी से मिली थी। खंडपीठ ने कहा था, ‘पहली नजर में हमारा मानना है कि हमारे सात अप्रैल, 2016 के आदेश के संदर्भ में रिपोर्ट में सही जानकारी नहीं दी गयी है। इस आदेश में उन्हें सारी संपत्ति का विवरण देने और विशेष रूप से चार करोड़ अमेरिकी डालर, यह कब मिले और इसका आज तक कैसे इस्तेमाल हुआ, के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया गया था।’

न्यायालय ने इसके साथ इस मामले की सुनवाई 24 नवबंर के लिये स्थगित कर दी। भारतीय स्टेट बैंक सहित बैंकों के कंसोर्टियम ने 29 अगस्त को न्यायालय को सूचित किया था कि माल्या ने जानबूझकर चार करोड़ अमेरिकी डालर, जो उन्हें ब्रिटिश कंपनी से 25 फरवरी को मिले थे, सहित अपनी सारी संपत्ति की जानकारी नहीं दी है। शीर्ष अदालत ने 25 जुलाई को अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी की दलीलों का संज्ञान लेते हुये बैंकों की याचिका पर विजय माल्या को नोटिस जारी किया था। रोहतगी ने कहा था कि माल्या ने सील बंद लिफाफे में अपनी संपत्ति का गलत विवरण शीर्ष अदालत को दिया है।

अटार्नी जनरल ने यह भी आरोप लगाया था कि 2500 करोड़ रूपए के सौदे सहित बहुत सारी जानकारी छुपायी गयी है जो न्यायालय की अवमानना है। उन्होंने यह भी कहा था कि माल्या 9400 करोड रूपए के बकाया कर्ज की राशि में से पर्याप्त धनराशि जमा कराने के लिये राजी नहीं हुये है। माल्या का तर्क है कि बैंकों को उनकी विदेशों की चल और अचल संपत्ति का विवरण जानने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि 1988 से ही वह प्रवासी भारतीय हैं।

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