June 29, 2017

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वीडियो: जाधवपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों ने लगाए नारे, कहा- कश्मीर मांगे आजादी, नागालैंड मांगे आजादी

जाधवपुर यूनिवर्सिटी से पहले जेएनयू सहित कई और यूनिवर्सिटीज में भी 'आजादी' के नारे लग चुके हैं।

यूनिवर्सिटी कैम्पस में नारेबाजी करते छात्र। ( Photo Source: ANI Video)

पश्चिम बंगाल की जाधवपुर यूनिवर्सिटी में ‘आजादी’ के नारे लगाने का एक वीडियो सामने आया है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने इस घटना का वीडियो जारी किया है। वीडियों में कुछ छात्रों का समूह आजादी के नारे लगा रहा है। वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि छात्र आजादी के नारे लगाए रहे हैं। कुछ छात्रों ने एक घेरा बनाया हुआ है और उस घेरे के अंदर एक छात्र है। वह छात्र आजादी के नारे लगा रहा है, वहीं दूसरे छात्र उसका साथ दे रहे हैं।

वीडियो में छात्र कह रहे है, ‘हमें चाहिए आजादी। जोर से बोलो आजादी। आगे से बोलो आजादी, पीछे से बोलो आजादी। कश्मीर मांगे आजादी, नागालैंड मांगे आजादी। तेज बोलो आजादी, जोर से बोलो आजादी।’ नारे लगा रहे छात्रों ने तख्तियां भी पकड़ी हुई थी, हालांकि, उन तख्तियों पर क्या लिखा हुआ है, वह वीडियो की क्वालिटी सही नहीं होने की वजह से पढ़ा नहीं जा सकता। ये नारे यूनिवर्सिटी कैम्पस में एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स के बाहर लगाए गए हैं।

यहां देखें वीडियो-

इससे पहले जेएनयू सहित कई और यूनिवर्सिटीज में भी ‘आजादी’ के नारे लग चुके हैं। बता दें, हालही में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कश्मीर के लिए आजादी की मांग करने वाले पोस्टर दिखाई दिए थे। कुछ छात्रों ने स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (एसएसएस) के नये खंड की दीवार पर इन पोस्टरों को देखा और प्रशासन को इस बारे में अवगत कराया था। जिसके बाद जेएनयू प्रशासन ने कश्मीर और फलस्तीन के लिए आजादी की मांग को लेकर अपने कैंपस में लगाए गए विवादास्पद पोस्टरों को हटाने का आदेश दिया था।

दीवारों पर ‘कश्मीर के लिए आजादी…मुक्त फलस्तीन…आत्मनिर्णय का अधिकार जिंदाबाद – डीएसयू’ लिखा हुआ पोस्टर वामपंथी रूझान वाले डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन (डीएसयू) द्वारा लगाया गया था।’ वाम दल के एक छात्र ने बताया था कि यह पोस्टर तीन-चार दिन से लगा हुआ था। लेकिन इसमें कुछ भी नया नहीं था क्योंकि डीएसयू इस तरह के पोस्टर अक्सर लगाता रहता है।

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First Published on April 2, 2017 7:15 pm

  1. M
    manish agrawal
    Apr 2, 2017 at 10:47 pm
    JNU, Delhi main deshdrohi Kanhaiya Kumar, Anirban bhattacharya aur Umar Khaalid ne Deshvirodhi naare lagaaye aur us waqt bhi Delhi police , BJP ki Kendra Sarkaar ke under main thee lekin teeno deshdrohiyon ke khilaaph koi effective action nahi hua isi ka natiza hai ki doosri universities main bhi deshdrohi taakat panap rahi hain. JNU ke matter mai National Security Act ke tahat arrest karke, desh ke khilaaph jang ladne ka mukadama kaayam hona chaahiye thaa. BJP ki Central Govt ne in activities ko tatkaal nahi kuchlaa to Hindostan ko ek rakhna mushkil ho jayega. Jadhavpur University ki ghatna ko local law & order ki problem mankar chalanaa behad galat hoga. Rashtra ki ekta aur akhandata ki jimmedari Central Govt ki hoti hai aur iske liye Central Security Forces bhejna chaahiye , yadi court bhi isme taang adaata hai to bhi parvaah nahi karna chaahiye kyuki Court aur Cons ution se bhi important hai desh ki ekta, samprabhuta aur akhandata, jiske liye hazaaron Shaheedon ne kurbaani di hai
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