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अनुपम खेर चुने गए फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के नए अध्यक्ष

खेर से पहले मशहूर टीवी कलाकार गजेंद्र चौहान इस पद पर थे, जिन्हें 2015 में नियुक्त किया गया था।
बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर अनुपम खेर को महाराष्ट्र के पुणे स्थित भारतीय फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान का चेयरमैन चुना गया है। (फाइल फोटो)

बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर बुधवार को पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष चुने गए। 62 साल के खेर से पहले मशहूर टीवी एक्टर गजेंद्र चौहान इस पद पर थे, जिन्हें नौ जून 2015 में नियुक्त किया गया था। पत्नी किरण खेर ने भी इस पर उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि संस्थान का अध्यक्ष बनना कांटों के ताज पहनने जैसा है। मुझे यकीन है कि अनुपम अपनी जिम्मेदारी अच्छे से निभाएंगे। अनुपम को साल 2004 में पद्मश्री और 2016 में पद्म भूषण पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। वह सारांश, डैडी, राम-लखन, लम्हे, खेल, दीवाने, दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे और मैंने गांधी को मारा सरीखी फिल्मों में अपनी काबिल-ए-तारीफ अदायगी के लिए आज भी जाने जाते हैं।

वहीं, गजेंद्र चौहान का कार्यकाल 3 मार्च 2017 को खत्म हो गया था। अपने 14 महीने के कार्यकाल के दौरान गजेंद्र चौहान सिर्फ एक बार ही संस्थान में किसी बैठक में शामिल होने गए थे। चौहान को एफटीआईआई का अध्यक्ष बनाए जाने पर छात्र-छात्राओं ने उनका काफी विरोध भी किया गया था। 139 दिनों तक एफटीआईआई के विद्यार्थियों ने हड़ताल की थी, जिनमें से कुछ छात्रों ने अनशन पर भी रहे थे। चौहान की काफी आलोचना उनके कैंपस से बाहर रहने को लेकर भी हुई थी। एफटीआईआई छात्रों के साथ-साथ फिल्मी जगत के कई कलाकारों ने भी गजेंद्र चौहान की काबिलियत पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें संस्थान का उच्चतम पद देने का विरोध किया था। संस्थान के छात्रों ने पूणे से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक विरोध प्रदर्शन किया था, जिसकी वजह से चौहान अपने नियुक्ति के सात महीने तक अपना पदभार संभाल नहीं पाए थे।

अनुपम की पत्नी किरण ने इस बारे में पति को बधाई दी। कहा कि संस्थान के अध्यक्ष का पद बड़ी चुनौती है। ये पद आमतौर पर कांटों के ताज जैसी होते हैं। बहुत लोग आपके खिलाफ होते हैं। वे आपके खिलाफ काम करते हैं। लेकिन मुझे विश्वास है कि अनुपम इस सबसे निपटने में कामयाब रहेंगे। वे प्रतिभावान हैं। लंबे समय से एक्टिंग सिखा रहे हैं। व्यवस्थित हैं। वह सेंसर बोर्ड और एनएसडी के भी मुखिया रह चुके हैं और अब वह एफटीआईआई के मुखिया होंगे। मुझे इस बात पर गर्व होता है। मैं सूचना और प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रिया कहना चाहूंगी।

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