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ललित मोदी की मदद में किए गए वसुंधरा राजे के दस्तखत वाला दस्तावेज आया सामने

ललित मोदी की मदद के मामले पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के दस्तखत वाला दस्तावेज सामने आने के बाद भाजपा की परेशानी बढ़ गई है। राजे के पक्ष के भाजपा के नेताओं की यहां अचानक सक्रियता बढ़ गई।
ललित मोदी की मदद के मामले पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के दस्तखत वाला दस्तावेज सामने आने के बाद भाजपा की परेशानी बढ़ गई है।

ललित मोदी की मदद के मामले पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के दस्तखत वाला दस्तावेज सामने आने के बाद भाजपा की परेशानी बढ़ गई है। राजे के पक्ष के भाजपा के नेताओं की यहां अचानक सक्रियता बढ़ गई।

प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी समेत कई मंत्री बुधवार रात को ही राजे के निवास पर पहुंच गए। दूसरी तरफ भाजपा आलाकमान ने भी वसुंधरा राजे से बदले हालात पर सफाई पेश करने को कहा है।

प्रदेश अध्यक्ष परनामी और राजे के करीबी वरिष्ठ मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने दस्तखत वाला दस्तावेज उजागर होने के बाद बुधवार रात को ही प्रेस काफ्रेंस कर कहा कि पूरी पार्टी मुख्यमंत्री के साथ है। इन दोनों का कहना था कि जो दस्तावेज सामने आया है वह किस संदर्भ में है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

इस दस्तावेज के उजागर होने के बाद से ही प्रदेश की भाजपा राजनीति में हलचल तेज हो गई। भाजपा आलाकमान अब वसुंधरा राजे के प्रति कड़ा रवैया अपनाने के मूड में आ गया है।

वसुंधरा राजे के बचाव में प्रदेश भाजपा के नेता अब एक ही राग अलाप रहे हैं कि ललित मोदी और राजे के बीच करीबी घरेलू संबंध रहे हैं। इस नाते ही उन्होंने मदद की होगी। इसके साथ दस्तखत को लेकर भी गोलमोल जवाब ही दिया जा रहा है।

भाजपा में अब यह तय माना जा रहा है कि केंद्र सरकार अपनी और पार्टी की छवि को बेदाग रखने के लिए इस मामले में सख्त रवैया अपना सकती है। इससे पहले वसुंधरा राजे को अपनी सफाई रखने का पूरा मौका भी देना चाहती है।

ललित मोदी प्रकरण में चौतरफा दबावों से घिरने के बाद वसुंधरा राजे ने अपना 27 जून से प्रस्तावित इंग्लैंड दौरा भी रद्द कर दिया है। राठौड़ ने बताया कि नीति आयोग की बैठक के कारण दौरा रद्द किया गया है। आयोग की बैठक तो पहले से ही तय थी, इसके बावजूद राजे ने ब्रिटेन का दौरा करने का फैसला किया था।
ईडी ने बढ़ाया जांच का दायरा

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आइपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी और अन्य के खिलाफ विदेशी मुद्रा विनिमय कानून (फेमा) के उल्लंघन मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। यह मामला मारीशस स्थित कंपनी के जरिये कथित तौर पर 21 करोड़ रुपए के अवैध धन प्रवाह से जुड़ा है।

ईडी ने राजस्थान में पंजीकृत कंपनी के परिचालन के बारे में विस्तृत सूचना प्राप्त करने को लेकर आयकर विभाग, रिजर्व बैंक और कंपनी पंजीयक (आरओसी) जैसी एजंसियों को पत्र लिखा है। यह कंपनी ललित मोदी और उसके परिवार सदस्यों के स्वामित्व वाली है।

सूत्रों ने कहा कि एजंसी मारीशस स्थित अपनी समकक्ष जांच एजंसी से भी संपर्क कर सकती है, ताकि उस संदिग्ध कंपनी के बारे में विस्तृत ब्योरा मिल सके जो कथित रूप से भारतीय कंपनी को धन भेजती रही। सूत्रों ने कहा कि बाद में निदेशालय रिकार्ड हासिल करने के लिए अदालत से अनुरोध पत्र प्राप्त कर सकता है।

मामला फेमा के प्रावधान का उल्लंघन कर ललित मोदी की कंपनी में विदेशों से धन लगाने से संबद्ध है। सूत्रों ने कहा कि कंपनी के मौजूदा तथा पूर्व कार्यकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा और बाद में ललित मोदी का बयान रिकार्ड करने के लिए समन भेजा जा सकता है।

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