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कैदी ने टॉप की इग्नू की परीक्षा, गोल्ड मेडल से किया गया सम्मानित

यहां के केंद्रीय कारागार में अपने पड़ोसी की हत्या के आरोप में दस साल की सजा काट रहे 23 साल के अजीत कुमार सरोज ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) की डिप्लोमा इन...
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू)।

यहां के केंद्रीय कारागार में अपने पड़ोसी की हत्या के आरोप में दस साल की सजा काट रहे 23 साल के अजीत कुमार सरोज ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) की डिप्लोमा इन टूरिज्म स्टडीज की परीक्षा में देश भर में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। इस परीक्षा में उसने 75 फीसद अंक हासिल किए हैं। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय ने उसे गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया।

इग्नू ने शनिवार शाम काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के केएन उडप्पा सभागार में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया। इसमें समारोह के मुख्य अतिथि और डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जीसी जायसवाल ने अजीत को गोल्ड मेडल पहना कर सम्मानित किया। अजीत को जैसे ही गोल्ड मेडल पहनाया गया, सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इस अवसर पर अजीत ने इग्नू और कारागार अधीक्षक का आभार जताया। उसने कहा कि सरकार को जेलों में बंद निर्दोष लोगों को रिहा करना चाहिए। जौनपुर के निवासी अजीत ने कुटीर डेरा कालेज से हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा पास की है। उसने बताया कि जब वह बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था तो 2010 में गांव में हुई एक हत्या के मामले में उसे और उनके परिवार को फर्जी तरीके से फंसा दिया गया। अजीत को गैर इरादतन हत्या के दोष में दस साल की सजा सुनाई गई। अजीत ने कहा पढ़ाई में जेल प्रशासन ने उनकी बहुत अधिक सहायता की।

सभागार में मौजूद उनके मां-बाप ने बताया कि उनके बेटे ने चार साल की सजा पूरी कर ली है। उसकी छह साल की सजा बाकी है। उन्होंने कहा कि वे अपने बेटे की रिहाई के लिए राज्यपाल और राष्ट्रपति से गुहार लगाएंगे। वहीं शिवपुर सेंट्रल जेल के जेलर पीएन मिश्र ने रविवार को को बताया कि अजीत ने विपरीत परिस्थितियों में भी जो कर दिखाया है, वह देश भर की जेलों में बंद कैदियों को प्रेरणा देने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि सेंट्रल जेल में खूंखार कैदियों के बीच जेल के बैरक नंबर दो में सजा काट रहे अजीत ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने कहा कि अजीत की जल्द से जल्द रिहाई के लिए जेल प्रशासन प्रयास करेगा।

दूसरे कैदियों के लिए मिसाल:

शिवपुर सेंट्रल जेल के जेलर पीएन मिश्र कहना है कि अजीत ने विपरीत परिस्थितियों में भी जो कर दिखाया है, वह देश भर की जेलों में बंद कैदियों को प्रेरणा देने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि सेंट्रल जेल में खूंखार कैदियों के बीच जेल के बैरक नंबर दो में सजा काट रहे अजीत ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने कहा कि अजीत की जल्द से जल्द रिहाई के लिए जेल प्रशासन प्रयास करेगा।

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