ताज़ा खबर
 

UP: दलित बच्ची को मंदिर में पानी पीने से पुजारी ने रोका, पिता पर किया त्रिशूल से हमला

पुजारी ने बच्ची के पिता पर त्रिशूल से हमला किया। पुलिस ने आरोपी पुजारी को किया अरेस्ट।
Author नई दिल्ली | August 10, 2016 13:30 pm
पीड़ित बच्ची जिसे मंदिर में पानी से रोका गया (ANI PHOTO)

दलितों पर हो रहे अत्याचार कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। यूपी के संभल से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां एक पुजारी ने मासूम बच्ची को मंदिर में लगे पंप से पानी पीने से रोका दिया। पानी पानी से रोकने की वजह थी बच्ची का दलित समुदाय से ताल्लुक रखना। दलित होने के कारण मंदिर के पुजारी ने बच्ची को पानी पीने से रोक दिया। इस मामले में पुजारी के खिलाफ शिकायत दर्ज हो गई है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दलित पर अत्याचार न करने की अपील करते हुए कहा था कि मेरे दलित भाईयों पर अत्याचार न करो, अगर करना है तो मेरे ऊपर करो, गोली मारनी है तो मेरे दलित भाईयों पर नहीं।

उत्तर प्रदेश के संभल के गुनौर क्षेत्र में एक पुजारी ने 13 साल की बच्ची को मंदिर पर लगे हैंडपंप पर पानी पीने से इसलिए रोक दिया क्योंकि वह दलित समुदाय से हैं। यहीं नहीं पुजारी ने बच्ची के पिता पर त्रिशूल से हमला भी किया। इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार की ओर से प्रदर्शऩ करने के बाद पुलिस ने आरोपी पुजारी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में मामला दर्ज कराया है। आरोपी पुजारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

गौरतलब है कि दलितों के साथ अत्याचार का एक मामला गुजरात में भी सामने आया है। वहां दलितों के 27 परिवारों को उन्हीं के गांव से निकाल दिया गया। ये सभी परिवार अब अपने गांव से 15 किलोमीटर दूर शरणार्थियों की तरह रहने पर मजबूर हैं। यह मामला गुजरात बंसकअनथा जिले का है। ये सभी लोग दो साल पहले तक जिले के घदा नाम के गांव में रहते थे लेकिन अब ये 15 किलोमीटर दूर सोदापुर में रहने को मजबूर हैं। यहां इन लोगों के पास करने को कोई खास काम नहीं है और साथ ही साथ इनके बच्चों की पढ़ाई भी छूट गई है।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. A
    Ambrish Shrivastava
    Aug 10, 2016 at 9:40 am
    ईशवर के घर में प्रवेश और उनकी बनायीं वस्तुओ को रोकने वाले हम होते कौन है, है ईश्वर कब तक चलेगा ये नाटक, रोकिये प्रभु
    Reply
सबरंग