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लग्‍जरी गाड़ियां, एसयूवी हो जाएंगी महंगी, केंद्र सरकार ने बढ़ाया 15-25% सेस

जीएसटी काउंसिल ने 5 अगस्त को एसयूवी, मिड साइज, बड़ी और लग्जरी कारों पर टैक्स बढ़ाने के लिए मंजूरी दे दी थी।
हर कोई अपनी कार को धो-पोंछ कर चमकाए रखता है, समय-समय पर सर्विसिंग वगैरह भी कराता रहता है। मगर फिर भी कम लोग ऐसे हैं, जो कार का सही तरीके से रखरखाव कर पाते हैं। कम लोग सही तरीके से गाड़ी चला पाते हैं। कार का सही रखरखाव और उसका सही संचालन न हो पाने के कारण उसके इंजन पर बुरा प्रभाव पड़ता है और वह जल्दी ही अपनी ताकत खो बैठती है। ऐसे में कार के रखरखाव और सही संचालन को लेकर पेश हैं रवि डे के सुझाव।

सरकार ने मिड साइज, बड़ी कार और SUV में पर सेस बढ़ा दिया है। सेस में 15 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है। देश में जीएसटी लागू होने के बाद कारों की कीमत में 1.1 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की कटौती की गई थी। 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स और वैट जैसे दर्जनों सेंट्रल और स्टेट टैक्स खत्म कर दिए गए थे। सेस बढ़ने के बाद इनकी कीमत में फिर इजाफा होगा। जीएसटी काउंसिल ने 5 अगस्त को एसयूवी, मिड साइज, बड़ी और लग्जरी कारों पर टैक्स बढ़ाने के लिए मंजूरी दे दी थी। जीएसटी लागू होने के बाद यह कारें सस्ती हो गई थीं। लेकिन उपकर जुटाने के लिए जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 8 की अनुसूची में संशोधन की आवश्यकता है। जब संसद सत्र नहीं चल रहा होता है तब किसी कानून में बदलाव करने के लिए एक अध्यादेश जारी किया जाता है। आध्यादेश जारी करने के छह महीने के भीतर ही संसद में संवैधानिक तरीके से कानून बनाना होता है।

जीएसटी में कार, तंबाकू, कोयला जैसी वस्तुओं पर सेस लगाया गया था ताकि उन राज्यों को मुआवजा दिया जा सके जिन्हें जीएसटी लागू होने से कुछ घाटा होगा। कारों पर अधिकतम 28 फीसदी जीएसटी लगाया गया था। राज्य मुआवजा कोष बनाने के लिए कारों पर जीएसटी के अलावा 1 से 15 प्रतिशत सेस लगाया गया था जिसे अब बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जाएगा। जीएसटी से पहले कारों पर 52 प्रतिशत से लेकर 54.72 प्रतिशत तक टैक्स लगता था, जो जीएसटी लागू होने के बाद कुल टैक्स 43 प्रतिशत ही रह गया था। कम टैक्स से होने वाले घाटे की पूर्ति करने के लिए सेस में बढ़ोतरी की जा रही है।

वस्तु व सेवाकर यानी जीएसटी लागू होने के पहले ही महीने में सरकार को उम्मीद से ज्यादा कमाई हुई है। महज 64 फीसदी रजिस्टर्ड टैक्सपेयर्स ने सरकार को 92 हजार 283 करोड़ रुपये की कमाई कराई है। यह कमाई भी तब है जबकि अभी 60 फीसदी से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने ही टैक्स चुकाया है। वित्त मंत्री का अनुमान है कि सभी रजिस्टर्ड टैक्स देने वाले अगर टैक्स पूरी तरह चुका देंगे तो जीएसटी की कुल रकम जुलाई के लिए ही 1 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएगी।

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