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Union Budget 2017: अरुण जेटली के बजट पर बोले विशेषज्ञ- जितनी उम्मीद थी वैसा तो नहीं लेकिन अच्छा है

जेटली ने बजट में जहां मिडिल क्लास का ध्यान रखते हुए पांच लाख रुपए तक की आय पर ब्जाय दर 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी है, वहीं राजनीतिक चंदे को लेकर अहम घोषणा की है।
केंद्रीय वित्त मंत्री संसद में आम बजट पेश करते हुए। (PTI Photo/TV Grab/1 Feb, 2017)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को केंद्रीय बजट संसद में पेश किया। इस बजट में जहां मिडिल क्लास का ध्यान रखते हुए पांच लाख रुपए तक की आय पर ब्जाय दर 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी है, वहीं राजनीतिक चंदे को लेकर अहम घोषणा की है। जेटली ने घोषणा करते हुए कहा कि अब राजनीतिक दल 2 हजार से ज्यादा का चंदा केस में नहीं ले पाएंगे, वहीं लाख रुपए से ज्यादा का लेन देन कैश में नहीं हो पाएगा। ऐसे में बाजार विशेषज्ञों, कॉर्पोरेट्स ने बजट पर अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए कहा कि यह बजट मिला-जुला रहा। वहीं कुछ एक का कहना है इससे मार्केट में डिमांड बढ़ेगी।

एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए केएमजीपी के पार्टनर रवि कुमार सिंगारी ने कहा कि बजट कुल मिलाकर अच्छा रहा। उन्होंने कहा, ‘पांच लाख तक की सैलरी वालों को ब्याज दर में राहत दी गई है। अब 10 फीसदी की बजाय 5 फीसदी ब्याज लगेगा। इसके साथ ही कम आय वालों को रिटर्न के लिए केवल एक ही फॉर्म भरना होगा। पहले बहुत ही कठिन प्रक्रिया थी। उम्मीद है कि अब रिटर्न भरने वालों की संख्या में इजाफा होगा।’

महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के पवन गोयनका ने सीएनबीसी आवाज से बात करते हुए कहा, ‘इस बार उम्मीद थी कि कॉर्पोरेट्स टैक्स कम होगा। पहले भी पूरी उम्मीद थी। हालांकि, इसके अलावा बजट में काफी कुछ हुआ है। मार्केट और कॉर्पोरेट्स काफी खुश हैं। नोटबंदी के बाद से मार्केट में एक रुकावट आ गई थी, वह अब खत्म हो जाएगी। इससे मांग बढ़ जाएगी। अब मार्केट में डिमांड बढ़ जाएगी।’

एसोचैम के जनरल सेक्रेट्री डीएस रावत ने कहा, ‘यह एक मिलाजुला बजट रहा। इंडस्ट्री को निवेश के प्रमोशन के लिए काफी उम्मीद थी, लेकिन मुझे लगता है कि जो संभव हो सकता था वह वित्त मंत्री ने किया। ‘

बिजनस वर्ल्ड मैगजीन के एडिटर इन चीफ अनुराग बत्रा ने न्यूज18 इंडिया से कहा, ‘यह अच्छा बजट है। राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक रूप से यह बजट अच्छा रहा। आशाएं ज्यादा थीं, लेकिन उतना नहीं हुआ। फिर भी बजट में बहुत सारी अच्छी चीजें हुईं।’

आरबीआई के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन ने कहा कि यह एक रूटीन बजट है। वहीं पेटीएम के सीईओ विजय शेकर ने कहा कि यह बजट डिजिटल इकॉनोमी के लिए बेहतर है।

वीडियो- बजट 2017: अरुण जेटली ने पेश किया बजट, जानिए बजट की मुख्य बातें

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  1. S
    sach
    Feb 1, 2017 at 10:37 am
    क्या अच्छा है? स्पष्ट करें... कितना रोजगार मिल रहा है? कितनी महंगाई पर नियंत्रण लगा? किन चीजों के दाम बढे किन चीजों घटेंगे? लोगों को क्या राहत मिली? पूर्व बजटों में आबंटित राशि का कितना उपयोग किया गया? कुछ तो नहीं बताया है...... फेंकू लोगों का फ़कीर बजट है.... !
    (1)(2)
    Reply
    1. A
      Anil Sharma
      Feb 1, 2017 at 11:47 am
      UPA government me tujhe kitna mila था
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      Reply
    2. S
      sk
      Feb 1, 2017 at 1:01 pm
      जैसी उम्मीद थी ये सर्कार भारतीय की नहीं कॉरपोरेट वालो की है उन्हें सब कुछ मिला जो चाहिए लेकिन आम भारतीय जिसको नौकरी चाहिए रिजगार , महंगाई करप्सन इसपे सर्कार ने कुछ नहीं किया
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      Reply
      1. S
        sk
        Feb 1, 2017 at 1:00 pm
        हर भारतीय को ऐसे सवाल पूछने चाहिए सर्कार से अपने नेताओ से तभी इन्हें एहसास होगा की भारत की जनता क्या चाहती है , सिर्फ भक्ति से दो मीठे बोल मिलेंगे , न समाज का भला होगा न देश का ,
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        Reply