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M-aadhar App: स्मार्टफोन ही आपका आधार कार्ड, डेटा को भी कर सकते हैं लॉक

आप जितनी बार एम-आधार ऐप का उपयोग करेंगे, आपको उतनी बार पासवर्ड डालना पड़ेगा।
जब आप mAadhaar ऐप को अपने फोन में सेटअप कर लेंगे तो इसमें आपका आधार कार्ड प्रोफाइल आ जाएगा।

बैंक बाजार टीम

आप स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं तो आपका स्मार्टफोन ही आपका आधार कार्ड है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) का एम-आधार मोबाइल ऐप है। आधार कार्ड को इसके जरिए मोबाइल से ही एक्सेस किया जा सकता है। आप अपने व्यक्तिगत डेटा को चोरी होने से बचाने के लिए आधार से जुड़े अपने बायोमेट्रिक डेटा को लॉक भी कर सकते हैं। अभी एंड्रॉयड स्टोर पर इसका बीटा वर्जन उपलब्ध है लेकिन आईओएस उपयोगकर्ताओं के लिए भी जल्द ही एम-आधार ऐप उपलब्ध हो जाएगा। यहां वह सारी जानकारी दी गई है जो आपको इस एम-आधार ऐप के साथ-साथ विभिन्न सेवाओं में इसके उपयोग के बारे में पता होनी चाहिए।

ऐसे करें इंस्टॉल
एंड्रॉयड यूजर गूगल प्ले स्टोर से इसे डाउनलोड कर लें। फिर अपने फोन में इंस्टॉल कर लें। इंस्टॉल करते वक्त ध्यान रखें कि आपके फोन में वही मोबाइल नंबर हो जो आपके आधार कार्ड में रजिस्टर है। इंस्टॉल करते वक्त इस पर ओटीपी अाएगा। आपके फोन में एम-आधार ऐप को इंस्टाल करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, आपको एक पासवर्ड तैयार करने के लिए कहा जाएगा। जब भी आप आधार ऐप का इस्तेमाल करेंगे तब यह पासवर्ड डालना होगा। अगले चरण में आपके आधार कार्ड डेटा का विवरण जोड़ा जाएगा। उसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल फोन में एक वेरिफिकेशन ओटीपी भेजा जाता है, जो इंस्टॉलेशन के लिए ऐप में अपने आप सबमिट हो जाता है। प्ले स्टोर पर अनगिनत थर्ड पार्टी डिवेलपर, आधार ऐप्स प्रदान करते हैं, इसलिए आपको सावधान रहना चाहिए और सिर्फ यूआईडीएआई द्वारा डिवेलप किए गए ऐप को ही इंस्टाल करना चाहिए।

एम-आधार ऐप की सर्विस
यह ऐप आपको अपने आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी लेकर जाने की परेशानी से बचाएगा और इससे आधार कार्ड को आसानी से एक्सेस किया जा सकता है। आप अपना ई-केवाईसी या क्यूआर कोड शेयर करके आसानी से अपने आधार कार्ड के विवरणों का इलेक्ट्रॉनिक उपयोग कर सकते हैं। इन ई-केवाईसी विवरणों को टेलीकॉम ऑपरेटर्स, बैंक, और बीमा कंपनी, इत्यादि आवश्यक सेवाओं के साथ साझा किया जा सकता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि आप अपने आधार कार्ड से जुड़ी सभी सेवाओं का लाभ उठाने में सक्षम हैं। एम-आधार ऐप का उपयोग अपने बायोमेट्रिक को लॉक करने के लिए किया जा सकता है जिससे आपको किसी अनचाहे उपयोग से अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है। जब तक आप इस ऐप से या यूआईडीएआई वेबसाइट पर जाकर बायोमेट्रिक को अनलॉक नहीं करेंगे तब तक आपका बायोमेट्रिक लॉक रहेगा और किसी भी परिचालन गतिविधि से जुड़ा नहीं होगा।

एम-आधार ऐप आपको एक ही समय में अधिक से अधिक तीन प्रोफाइल बनाने की अनुमति देता है यदि आपके अलावा, आपके परिवार के किसी अन्य व्यक्ति ने भी अपने आधार कार्ड विवरण में वही मोबाइल नंबर दिया है। ई-केवाईसी विवरणों को ईमेल या ब्लूटूथ के माध्यम से शेयर किया जा सकता है लेकिन दुरुपयोग से बचने के लिए आपके एम-आधार लॉगिन पासवर्ड के ऑथेंटिकेशन की जरूरत पड़ेगी।

एम-आधार ऐप की सिक्योरिटी सर्विस
आप जितनी बार एम-आधार ऐप का उपयोग करेंगे, आपको उतनी बार पासवर्ड डालना पड़ेगा। यदि आपका फोन खो जाता है तब भी उसके दुरुपयोग की संभावना इस पासवर्ड के कारण शून्य है।

एम-आधार ऐप
एम-आधार एक ऐसा स्मार्टफोन ऐप है जिसे आधिकारिक तौर पर यूआईडीएआई द्वारा विकसित और जारी किया गया है।
एम-आधार ऐप वर्तमान में सिर्फ एंड्रॉयड प्ले स्टोर पर उपलब्ध है, लेकिन आईओएस वर्जन जल्द ही आने की संभावना है।
एम-आधार ऐप आपको अपने स्मार्टफोन पर अपने आधार की एक डिजिटल कॉपी लेकर जाने की अनुमति देता है जिसे डिजिटल तरीके से सेवा प्रदाताओं के साथ आसानी से शेयर किया जा सकता है, जिससे फिजिकल कॉपी की जरूरत नहीं पड़ती है।

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