December 08, 2016

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काला धन छिपाने का नया तरीका, व्यापारी कर्मचारियों को दे रहे हैं एडवान्स सैलरी

सरकार द्वारा बैन किए जा चुके नोटों को बदलने की कोशिश में कई कारोबारी अपनी कंपनी के कर्मचारियों की सैलरी का भुगतान एडवान्स में कर रहे हैं।

प्रतिकात्मक फोटो (फोटो स्रोत: थिंकस्टॉक इमेज)

1000 और 500 रुपये के नोटों पर बैन लगने के बाद लोग पुराने नोटों को निकालने के लिए नए-नए तरीके खोज रहे हैं। अब तक लोग बाजार में खरिदारी करके नोट निकालने का काम कर रहे थे लेकिन मुंबई के एक रियल एस्टेट कारोबारी ने पुराने नोटों को निकालने का अनोखा तरीका ढूंढ लिया है। ईक्नॉमिक टाइम्स की इस खबर के मुताबिक एक रियल एस्टेट कारोबारी ने अपनी कंपनी के 100 कर्मचारियों की 6 महीने की सैलरी एडवान्स में दे डाली। कर्मचारियों की सैलरी 2% का बोनस जोड़ कर दी गई थी। ठीक इसी तरह का एक और मामला शहर के सबसे बड़े साड़ी कारोबारी का आया है। खबर के मुताबिक कारोबारी ने अपने यहां पर काम करने वालों को इस बात के लिए राजी कर लिया कि वह अपने अलग-अलग बैंक खातों में उसके 40 लाख रुपये जमा कर लें और कुछ समय के बाद वापिस लौटा दें। इसके अलावा कई लोग अपना पैसा खपाने के लिए सोना खरीद रहे हैं।

वीडियो: 500, 1000 के नोट बदलवाने जा रहे हैं? रखें इन बातों का ध्यान

सरकार के पुराने नोटों पर प्रतिबंध लगाने के बाद सोने की बिक्री में जबरदस्त उछाल आया था जिसमें साना व्यापारियों द्वारा 40 हजार रुपये तोला के भाव पर भी सोना बेचा गया। एक्सपर्ट्स की राय के मुताबिक लोग अपने काले धन को ठिकाने लगाने के लिए उसे अलग-अलग जगहों पर इन्वेस्ट करेंगे या खर्च करेंगे। पुराने नोटों पर बैन के बाद कई रियल एस्टेट व्यापारियों और हवाला ऑपरेटरों के पास मौजूद 1000 और 500 के नोट उनके गले की हड्डी बन गए हैं। केंद्र सरकार के इस फैसले ने काला धन रखने वालों की कमर तोड़ दी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक आम तौर पर सरकार काला धन या जाली नोटों को खत्म करने के लिए बड़े नोटों की मान्यता खत्म कर देती है लेकिन इस फैसले में 500 रुपये के नोटों को भी बैन किया गया जिसने काला धन रखने वालों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

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First Published on November 10, 2016 4:40 pm

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