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Smart City की लिस्ट से बाहर हुए बिहार, यूपी और शामिल हुए चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद जैसे 20 शहर

स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए चुने गए पहले जत्थे में भुवनेश्वर, पुणे, अमदाबाद, चेन्नई और भोपाल शामिल हैं। इसमें दिल्ली का एनडीएमसी इलाका भी शामिल है।
Author नई दिल्ली | January 29, 2016 09:28 am
प्रतीकात्मक तस्वीर

स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए चुने गए पहले जत्थे में भुवनेश्वर, पुणे, अमदाबाद, चेन्नई और भोपाल शामिल हैं। इसमें दिल्ली का एनडीएमसी इलाका भी शामिल है। शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने गुरुवार को 20 शहरों की पहली सूची की घोषणा की जहां मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

इन शहरों को जल और बिजली आपूर्ति, साफ-सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली, प्रभावी शहरी आवागमन और सार्वजनिक परिवहन, आइटी कनेक्टिविटी, ई-गवर्नेंस और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। नायडू ने कहा, ‘कोई भी उस विचार को नहीं रोक सकता जिसका समय आ गया है और यह स्मार्ट सिटी पर लागू होता है।’ उन्होंने शहरों की सूची घोषित करते हुए कहा कि इनका चुनाव ‘स्मार्ट सिटी चैलेंज कम्पीटिशन’ से हुआ था।

प्रतियोगिता के विजेताओं को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैं शहरों को बेहतर होने की कामना करता हूं।’ नायडू ने कहा कि प्रतियोगिता सिविल सेवा परीक्षाओं की तरह ही कठिन थी। उन्होंने कहा, ‘देश में पहली बार और संभवत: दुनिया में पहली बार शहरों के बीच प्रतियोगिता के आधार पर शहरी विकास में निवेश के लिए शहरों का चयन हुआ है। प्रतियोगिता के परिणाम हमारे संघीय ढांचे की मजबूती को दर्शाते हैं।’ उन्होंने बताया कि विभिन्न राज्यों ने 97 शहरों के नाम भेजे थे जिनमें से 20 शहरों को चुना गया है।

देहरादून को शामिल न करने पर अफससोस जताया: केंद्र सरकार की ओर से जारी स्मार्ट सिटी की सूची में देहरादून को सभी औपचारिकताएं और मानक पूरा होने के बावजूद शामिल न किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण और राजनैतिक आधार पर लिया गया दुर्भावनापूर्ण निर्णय बताते हुए मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री का आभार जताने वाले भाजपा नेताओं को अब शहर की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

यहां जारी एक बयान में कुमार ने कहा कि देहरादून का प्रस्तुतिकरण भी सबसे बेहतर था पर भाजपा नेता प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट की पैरवी नहीं कर पाए या राजनैतिक दुर्भावना के तहत जनता को इससे वंचित कर दिया गया। उन्होंने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र की भाजपानीत मोदी सरकार ने उत्तराखंड के साथ एक बार फिर उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया है।

हालांकि, कुमार ने कहा कि केंद्र के इस व्यवहार के बावजूद राज्य सरकार अपने विभिन्न नगरों को आधुनिक और बेहतर नागरिक सुविधाएं देने के अपने एजंडे पर काम करती रहेगी। उन्होंने कहा, बेशक मोदीजी ने अभी हमें निराश किया हो, लेकिन हम अपने प्रयास इस दिशा में जारी रखेंगे और हमें आशा है कि वह टीम इडिया के अपने एक सहयोगी राज्य को समय की आवश्यकता के अनुसार देश की मुख्य धारा के साथ जोड़ने में सहयोग प्रदान करेंगे।

कुमार ने इस संबंध में भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के नेताओं ने स्मार्ट सिटी को लेकर देहरादून शहर में होर्डिग्स लगा कर झूठी वाहवाही लूटी। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को भ्रमित कर झूठा प्रचार करने वाले भाजपा नेताओं को अब जनता से माफी मांगनी चाहिए।

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  1. D
    Dinesh Singh
    Jan 28, 2016 at 10:23 pm
    ये मोदी कोई स्मार्ट सिटी विटी नहीं बनाने वाला है बस ऐसे ही प्रदेशो को अंदर बहार करता रहेगा और न्यूज़ में बना रहेगा. दो साल हो गए अभी बाबू जी को एहि नहीं पता की कौन सा शहर स्मार्ट सिटी बनेगा. सिर्फ जुे बाज़ी.
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