December 11, 2016

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अपने शो में वीआईपी कल्‍चर के खिलाफ बरसने वाले अरनब गोस्‍वामी ने खुद को Y सिक्‍योरिटी दिए जाने पर दी पहली प्रतिक्रिया

अरनब गोस्वामी को सुरक्षा की जिम्मेदारी महाराष्ट्र सरकार उठाएगी। अब गोस्‍वामी की 24 घंटे सुरक्षा के लिए 20 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।

अरनब गोस्वामी टीवी चैनल टाइम्स नाउ के एडिटर-इन-चीफ हैं।

अंग्रेजी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ के संपादक अरनब गोस्वामी ने खुद को Y सिक्‍योरिटी दिए जाने पर दी पहली प्रतिक्रिया दी है। अरनब से जब पत्रकार सुभाष के झा ने पूछा गया कि क्या वे आतंकी धमकियों से डर गए हैं? इसके जवाब में गोस्वामी ने कहा, ‘डरने की कोई जरूरत नहीं है। हम लोग जो काम कर रहे, लोग उसका सपोर्ट कर रहे हैं। लोगों का सपोर्ट ज्यादा मायने रखता है। कई मायनों में यह सबसे अच्छी सुरक्षा है, जो मैं हासिल कर सकता हूं।’ बता दें, मोदी सरकार अरनब गोस्वामी को आतंकी संगठन से धमकी मिलने के बाद वाई श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया है। गोस्‍वामी को ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा संभावित खतरे की पुष्टि के बाद दी गई है। भारतीय सेना की इंटेलिजेंस द्वारा दिए गए सुराग के आधार पर इंटेलिजेंस ब्‍यूरो ने खतरे को जांचा, जिसके बाद रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी गई। सेना की इंटेलिजेंस ने पाकिस्‍तान के दो आतंकवादियों के बीच अरनब गोस्‍वामी को लेकर लंबी बातचीत पकड़ी थी। जिसके बाद आठ पन्‍नों में उर्दू में लिखी बातचीत गृह मंत्रालय को सौंपी गई।

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बताया जा रहा है कि अरनब गोस्वामी को सुरक्षा की जिम्मेदारी महाराष्ट्र सरकार उठाएगी। अब गोस्‍वामी की 24 घंटे सुरक्षा के लिए 20 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। अरनब के घर पर और आफिस में चार-चार पुलिस गार्ड तैनात किए जाएंगे। इसके सात ही गोस्वामी को अपने सभी कार्यक्रमों की जानकारी पुलिस को देनी होगी। साथ ही उनसे मिलने वालों की भी सुरक्षा जांच की जाएगी। गोस्वामी से पहले केन्‍द्र सरकार द्वारा जी न्‍यूज के सुधीर चौधरी को एक्‍स कैटेगरी, समाचार प्‍लस के उमेश कुमार को वाई कैटेगरी और अश्‍विनी कुमार चोपड़ा को जेड प्‍लस श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई है।

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बता दें, सरकार दो तरह की सुरक्षा प्रदान करती है। एक सुरक्षा पद के आधार पर दी जाती है, वहीं दूसरी धमकी के आधार पर प्रदान की जाती है। पद के आधार पर मिलने वाली सुरक्षा किसी पद पर तैनात व्यक्ति को उसके पद के आधार पर दी जाती है। इसमें केबिनेट मंत्री और सुप्रीम कोर्ट के जज शामिल हैं। वहीं दूसरी कैटेगरी में किसी को मिली धमकी के आधार पर दी जाती है, इसकी सिफारिश आईबी करती है।

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First Published on October 20, 2016 11:51 am

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