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टाइम्स नाउ का दावा- रॉबर्ट वाड्रा के हैं हथियार कारोबारी से रिश्ते, हमारे पास है सबूत

टीवी चैनल टाइम्स नाउ ने दावा किया है कि उसके पास इस बात के दस्तावेज हैं कि रॉबर्ड वाड्रा और संजय भंडारी के बीच वित्तीय संबंध थे।
सोनिया गांधी के दाबाद रॉबर्ट वाड्रा (फाइल फोटो)

समाचार चैनल टाइम्स नाउ ने दावा किया है कि हथियार कारोबारी संजय भंडारी ने रॉबर्ट वाड्रा के लिए हवाईजहाज के टिकट आरक्षित कराए थे। हालांकि टाइम्स नाउ ये नहीं पता कर सका कि वाड्रा ने इन टिकट पर यात्रा की थी या नहीं। राबर्ट वाड्रा प्रियंका गांधी के पति और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद हैं। वाड्रा पर भंडारी से संबंधों के आरोप पहले भी लगे हैं लेकिन वो भंडारी से किसी तरह का वित्तीय संबंध होने से इनकार करते रहे हैं। चैनल ने दावा किया है कि उसके पास इस बात के दस्तावेजी सबूत हैं कि वाड्रा और भंडारी एक दूसरे से संपर्क में रहे हैं। टाइम्स नाउ के अनुसार उसने वाड्रा को इस मामले से जुड़े सवाल भेजे हैं जिनका रिपोर्ट प्रकाशित करने तक जवाब नहीं आया था।

टाइम्स नाउ ने दावा किया है कि अगस्त 2012 में वाड्रा की एक विदेश यात्रा के लिए टिकट भंडारी के ट्रैवेल एजेंट ने बुक कराए थे। चैनल ने दावा किया है कि उसके पास पहाड़गंज स्थित इंटरनेशनल ट्रैवल द्वारा आरक्षित कराए गये दो टिकटों की प्रति मौजूद है। चैनल ने दावा किया है कि इस ट्रैवल एजेंसी ने भंडारी को दो ईमेल भेजे थे जिनमें से एक में अमीरात फ्लाइट के आठ लाख रुपये मूल्य का टिकट भेजा गया था। चैनल के अनुसार ये ईमेल सात अगस्त 2012 को भेजा गया था। पहले टिकट पर यात्रा की तारीख 13 अगस्त 2012 थी। चैनल का दावा है कि ट्रैवल एजेंट द्वारा 17 अगस्त 2012 को भेजे गये दूसरे टिकट के अनुसार विशाल बाजपेयी ने नीस (फ्रांस) से ज्यूरिच (स्विट्जरलैंड) जाने के लिए स्विस फ्लाइट में टिकट आरक्षित कराया था। इस टिकट में बिजनेस क्लास, विंडो सीट, लेटने की व्यवस्था और पैर के आगे अतिरिक्त जगह होने की बात दर्ज है।

भारतीय आयकर विभाग ने पिछले साल अप्रैल में भंडारी के ठिकानों पर छापा मारा था। चैनल ने दावा किया है कि भंडारी ने वाड्रा के लिए ये टिकट तब करवाए जब उसके खिलाफ स्विस कंपनी पाइलटस से जेट ट्रेनर सौदे में दलाली को लेकर जाँच चल रही थी। चैनल के अनुसार स्विस कंपनी को वो ठेका मिल गया था जबकि भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) भी अपने एचटीटी-40 का दावा पेश किया था। भारत सरकार भंडारी के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भंडारी की करीब 20 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। साल 2016 में वाड्रा पर आरोप लगा था कि भंडारी ने उन्हें लंदन में एक फ्लैट दिया था। वाड्रा ने तब इस आरोप को पूरी तरह गलत बताया था। भंडारी का पासपोर्ट रद्द किया जा चुका है और अदालत ने उन्हें भगोड़ा करार दिया है।

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  1. S
    sanjay
    Oct 17, 2017 at 2:25 pm
    वोटबैंक के बल पर कांग्रेस इस देश में तानाशाही की तरह राज कर रही थी ! उसने अपना वोटबैंक अल्पसंख्यक और हिन्दुओ को जातिगत आधार पर बाटकर बनाया था ! उसने कभी नहीं सोचा था की उसका किला एक दिन बहुसंख्यक समुदाय धर्मनिरपेक्ष पार्टियों की एकता और उसके पाखण्ड को पहचान लेगा इसकी उम्मींद कांग्रेस को नहीं थी जिसका परिणाम उसे २०१४ में ी तरह हार से पता चला! बहुसंख्यक समुदाय को पता चल गया की सभी धर्मनिरपेक्ष दल चुनाव तो अलग अलग चिन्हो पर लड़ते लेकिन चुनाव बाद सभी एक होकर कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर सरकार बनाते और ाई खाते थे और जनता को मुर्ख बनाते ! मोदीजी के आने से और मोदीजी के चुनाव प्रचार से जनता में जागरूकता आई और वे सत्य और असत्य को पहचाना!आज भी कांग्रेस धर्मनिरपेक्ष,अल्पसंख्यक दलित समुदाय के लोगो के बल पर तानाशाही रवैया अपनाये हुवे है,जिसके कारण देश विकास की,शिक्षा की, गरीबी की, देश की सुरक्षा ,की महनगाई की, बेरोजगारी की, आदि समस्याओ की राजनीती कांग्रेस नहीं करती,यदि यह वोटबैंक इसका साथ छोड़ दे तो कांग्रेस को अपनी औखात समझ में आएगी और लोगो के सामने नतमस्तक होकर वोट मानेगी अहंकार की तरह नहीं !
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