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इस स्कीम से रेलवे की हुई ‘चांदी’, एक साल से भी कम में अतिरिक्त 540 करोड़ रुपए कमाए

अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने परिवर्ती किराये से कमाई की है और हमें इसे क्यों बंद करना चाहिए। इसकी वजह से इन रेलों में हमें 85,000 अतिरिक्त यात्री मिले हैं और यह दिखाता है कि यात्री इसके विरोध में नहीं है।’’
Author August 6, 2017 15:53 pm
यह राजधानी, शताब्दी और दूरंतो रेलों में लागू होता है। इसके तहत 10 प्रतिशत सीटों को सामान्य किराये पर बेचा जाता है। (File Photo)

भारतीय रेल ने परिवर्ती किराया योजना से एक वर्ष से कम समय में 540 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय की है और उसकी इसे रोकने की करेई योजना नहीं है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस योजना को उसने पिछले साल 9 सितंबर से शुरू किया था। यह राजधानी, शताब्दी और दूरंतो रेलों में लागू होता है। इसके तहत 10 प्रतिशत सीटों को सामान्य किराये पर बेचा जाता है और उसके बाद सीटों की बुकिंग का किराया हर 10 प्रतिशत सीटों के लिए 10 प्रतिशत बढ़ जाता है जो अधिकतम 50 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने परिवर्ती किराये से कमाई की है और हमें इसे क्यों बंद करना चाहिए। इसकी वजह से इन रेलों में हमें 85,000 अतिरिक्त यात्री मिले हैं और यह दिखाता है कि यात्री इसके विरोध में नहीं है।’’ अधिकारी ने पीटीआई से कहा सितंबर 2016 से 30 जून 2017 तक इससे रेलवे को 540 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिला है।

देखिए वीडियो - CAG रिपोर्ट के बाद अब रेलवे के खाने में मिली छिपकली

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