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भारतीय समुदाय पर आतंकी हमले का खतरा बढ़ रहा है: आइबी

आईएसआईएस और अलकायदा को भारत के लिए गंभीर चुनौतियां करार देते हुए गुप्तचर ब्यूरो के निदेशक आसिफ इब्राहिम ने कहा कि भारतीय समुदाय पर आतंकी समूहों के प्रति निष्ठा रखने वाले तत्वों के हमले का खतरा काफी बढ़ा है। पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए इब्राहिम ने कहा कि अलकायदा […]
Author November 30, 2014 15:14 pm
आइबी निदेशक ने कहा कि 80 देशों के लोग संघर्ष में शामिल होने संबद्ध क्षेत्र (इराक और सीरिया) में पहुंचे हैं। ( फाइल फोटो)

आईएसआईएस और अलकायदा को भारत के लिए गंभीर चुनौतियां करार देते हुए गुप्तचर ब्यूरो के निदेशक आसिफ इब्राहिम ने कहा कि भारतीय समुदाय पर आतंकी समूहों के प्रति निष्ठा रखने वाले तत्वों के हमले का खतरा काफी बढ़ा है।

पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए इब्राहिम ने कहा कि अलकायदा और आईएसआईएस से यदि प्राथमिकता के साथ नहीं निपटा गया तो वे देश के लिए गंभीर सुरक्षा चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।

इब्राहिम ने कहा, ‘‘तेजी से बढ़ते क्षेत्रीय प्रसार और खिलाफत के प्रभाव से एक ओर जहां समूह (आईएसआईएस) की छवि बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर यह अपनी क्षमता बढ़ा रहा है।’’

गुप्तचर ब्यूरो के निदेशक ने कहा कि 80 देशों के लोग संघर्ष में शामिल होने संबद्ध क्षेत्र (इराक और सीरिया) में पहुंचे हैं। इब्राहिम ने कहा कि इंडियन मुजाहिदीन से अलग होकर बने और अफपाक क्षेत्र में संचालित एक समूह ने आईएसआईएस को अपना समर्थन देने की घोषणा की है, अलकायदा ने खासकर भारत को निशाना बनाते हुए भारतीय उपमहाद्वीप में अपनी इकाई गठित करने की घोषणा की है ।

इब्राहिम ने कहा, ‘‘हमने मुद्दे पर कल गंभीर विचार विमर्श किया और महसूस किया कि भविष्य में जब हालात आगे बढ़ेंगे तो खतरा बढ़ने की संभावना है। भारतीय समुदाय के लिए आगामी दिनों में खतरा बढ़ गया है।’’उन्होंने कहा कि भारतीय युवकों के संघर्ष क्षेत्र में जाने, एक रोल मॉडल के रूप में उभरने का भी आसन्न खतरा है और इन घटनाओं से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से भारत के लिए खतरा बढ़ सकता है। गुप्तचर ब्यूरो के निदेशक ने कहा कि खतरे की संभावना संघर्ष क्षेत्र से कुछ तत्वों के लौटने से जुड़ी है।

मुंबई के उपनगरीय इलाके कल्याण के निवासी एक युवक आरिफ मजीद को शुक्रवार को उसके लौटने के चंद घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके बारे में अब तक माना जाता था कि वह आईएसआईएस के लिए लड़ते समय मारा गया है।

इस साल मई में कल्याण के चार युवक शाहीन टंकी, फहद शेख, अमान टंडेल और आरिफ भारत से पश्चिम एशिया के धार्मिक स्थलों के दर्शन करने गए थे, लेकिन उसके बाद वे लापता हो गए और खबरें आईं कि वे सुन्नी चरमपंथी समूह में शामिल हो गए हैं।

गुप्तचर ब्यूरो के निदेशक ने कहा कि भारत में मुसलमानों की संख्या अच्छी खासी होने के बावजूद, कुछ इक्का दुक्का घटनाओं को छोड़कर जिहादी गतिविधियों का कोई असर नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘कई पश्चिमी देशों के विपरीत, स्थानीय हस्तक्षेप और समय पर काउंसलिंग संभावित भर्ती (आतंकी समूह के लिए) के खिलाफ पर्याप्त प्रतिरोध साबित हुए हैं। भारत में मुस्लिम तबकों, संगठनों, मदरसों और मौलवियों ने न सिर्फ खिलाफत और आईएसआईएस की घोषणा को खारिज किया है, बल्कि उन्होंने इन गतिविधियों को गैर इस्लामी भी करार दिया है।’’

इब्राहिम ने कहा कि इंटरनेट भारतीय युवकों के कट्टरपंथीकरण का औजार बन गया है और इसके समाधान के लिए सामुदायिक एवं सामूहिक प्रयास की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘कल की चर्चा में कट्टरपंथ के खिलाफ सामुदायिक नेताओं की भागीदारी और जिहादी दुष्प्रचार के खिलाफ बातों को स्पष्ट रूप से रखे जाने की आवश्यकता पर विचार विमर्श किया गया।’’

गुप्तचर ब्यूरो के निदेशक ने कहा कि देश के परिक्षेत्र में हमले करने के पाकिस्तान और लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद तथा सिमी जैसे पाकिस्तान प्रायोजित संगठनों का प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के बर्द्धमान में जमात उल मुजाहिदीन बांग्लोदश (जेएमबी) की मौजूदगी पाए जाने से समूह द्वारा भारत में एक आधार स्थापित करने के उसके पहले प्रयास का पता चलता है।

इब्राहिम ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इंडियन मुजाहिदीन के कई नेताओं की गिरफ्तारी के साथ सुरक्षाबल देश में समूह के सिलसिलेवार मॉड्यूल्स को प्रभावहीन करने में सफल रहे हैं।

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