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राष्ट्रपति शासन की ओर जम्मू-कश्मीर? संकट में फंसे BJP-पीडीपी गठबंधन पर इस महीने के अंत तक हो सकता है फैसला

घाटी में सुरक्षा के बिगड़ते हालात के बीच शुक्रवार को भाजपा महासचिव राम माधव ने गठबंधन सहयोगी पीडीपी के वरिष्ठ नेता हसीब द्राबू के साथ एक बैठक की। दोनों गठबंधन सहयोगियों में बढ़ते तनाव के बीच यह बैठक हुई।
Author नई दिल्ली/श्रीनगर | April 22, 2017 12:12 pm
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के बीच मुलाकात। (FILE PHOTO)

जम्मू-कश्मीर की पीडीपी और बीजेपी की गठबंधन सरकार में राज्य में हिंसा और आतंकवाद को लेकर टकराव की खबरें आ रही है। दोनों दल के एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। इस बीच यह कयास लगाए जाने शुरू हो गए हैं कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। बीजेपी हाईकमान इस संबंध में जल्द ही कोई फैसला ले सकती है। हालांकि राष्ट्रपति शासन को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। बीजेपी और पीडीपी के बीच शुरू हो तनाव के मद्देनजर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे से पहले शुक्रवार को दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच बैठक हुई। शाह दो दिन के दौरे पर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे के बाद महबूबा सरकार को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। बीजेपी खेमे के कुछ लोगों का मानना है कि राज्य की महबूबा सरकार अलगाववादी हिंसा से सख्ती से निपटने में नाकामयाब रही है।

ग्रेटर कश्मीर वेबसाइट ने अपने सूत्रों के हवाले से कहा कि बीजेपी के कोर ग्रुप ने कश्मीर में “बिगड़ती” स्थिति पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बैठक में कश्मीर की बिगड़ती स्थिति की पृष्ठभूमि, 9 अप्रैल को उप-चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा और सेना द्वारा 8 नागरिकों की मौत, तथा भविष्य की कार्रवाई (जिससे घाटी की हालात को सामान्य किया जा सके) पर चर्चा की गई। सूत्रों के हवाले से बताया कि विचार-विमर्श में बीजेपी नेताओं के एक वर्ग का मानना है कि इस स्थिति में केंद्र को राष्ट्रपति शासन लागू करने पर भी विचार करना चाहिए।

घाटी में सुरक्षा के बिगड़ते हालात के बीच शुक्रवार को भाजपा महासचिव राम माधव ने गठबंधन सहयोगी पीडीपी के वरिष्ठ नेता हसीब द्राबू के साथ एक बैठक की। दोनों गठबंधन सहयोगियों में बढ़ते तनाव के बीच यह बैठक हुई। राज्य में भाजपा के एक मंत्री के बयान पर पैदा हुए विवाद की वजह से भी यह बैठक अहम मानी जा रही है। माधव ने भाजपा के मंत्री चंदर प्रकाश गंगा से भी मुलाकात की, जिन्होंने बाद में अपने बयान पर खेद प्रकट किया। गंगा ने कहा था, ‘‘गद्दारों और पत्थरबाजों का इलाज गोलियों से किया जाना चाहिए।’’ भाजपा महासचिव ने राज्यपाल एन एन वोहरा से भी मुलाकात की।

माधव और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना ने पीडीपी नेता और मंत्री हसीब द्राबू के साथ यहां भाजपा मुख्यालय में करीब डेढ़ घंटे तक बैठक की। उप-मुख्यमंत्री निर्मल सिंह, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा और पार्टी के संगठन महासचिव अशोक कौल भी बैठक में शामिल थे। बाद में राज्य के पुलिस प्रमुख एस पी वैद्य भी भाजपा मुख्यालय में हो रही इस बैठक में पहुंचे। खन्ना ने बताया, ‘‘हमने जम्मू-कश्मीर के हालात पर चर्चा के लिए यह बैठक की।’’शर्मा ने कहा कि 29 अप्रैल से दो दिन के लिए होने वाले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के दौरे के सिलसिले में माधव आए हैं।

गौरतलब है कि पिछले साल हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में हिंसा जारी है। हिंसा में कई लोग मारे गए। वहीं, स्थानीय लोगों ने सुरक्षाबलों पर भी हमला कर रहे हैं। सुरक्षाबल जब आतंकियों से मुठभेड़ करते हैं, उस दौरान उन्हें स्थानीय लोगों के पथराव और विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ता है। हाल ही में श्रीनगर उपचुनाव में भी हिंसा की घटनाएं सामने आई थी। इसके अलावा सेना के बाद बदसलूकी का वीडियो भी सामने आया।

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