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नयी शिक्षा नीति पर सभी पक्षों से सलाह लेगी मोदी सरकार

नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार करने में जुटी सरकार अगले साल की शुरुआत में समाज के सभी वर्गों से राय जुटाने के लिए एक अभियान शुरू करेगी जिसमें 2.5 लाख ग्रामीण शिक्षा परिषद शामिल होंगी और प्रखंड स्तरों पर हजारों बैठकों का आयोजन किया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने यहां कहा […]
Author November 30, 2014 10:20 am
स्मृति ईरानी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के सलाह अभियान में 2.5 लाख ग्रामीण शिक्षा परिषद शामिल होंगी

नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार करने में जुटी सरकार अगले साल की शुरुआत में समाज के सभी वर्गों से राय जुटाने के लिए एक अभियान शुरू करेगी जिसमें 2.5 लाख ग्रामीण शिक्षा परिषद शामिल होंगी और प्रखंड स्तरों पर हजारों बैठकों का आयोजन किया जाएगा।

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने यहां कहा कि जमीनी स्तर के साझेदारों को शामिल करने की पहल का उद्देश्य प्रक्रिया को व्यापक आधार देना है। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में बताया कि अभियान में 2.5 लाख ग्रामीण शिक्षा परिषद शामिल होंगी और समाज के सभी वर्गों की राय एवं सलाह लेने के लिए प्रखंड स्तर पर 6,600 बैठकों का आयोजन किया जाएगा। स्मृति ने कहा, ‘‘यह ऊपर से लेकर नीचे की ओर जाने का रुख होगा।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘अब तक नई शिक्षा नीति तैयार करने पर विचार विमर्श कुछ अधिकारियों, राजनेताओं और कुछ शैक्षिक विशेषज्ञों तक ही सीमित था। और वे इसका फैसला करते थे कि देश को कैसे शिक्षित किया जाए। लेकिन आज दुनिया बदल गयी है। उन लोगों की भी राय जानी जानी चाहिए जो नीति से सबसे ज्यादा वहीं प्रभावित होंगे।’’

उन्होंने कहा कि दुनिया भर में जारी सर्वश्रेष्ठ चलनों और साथ ही उन नीतियों का अध्ययन भी जरूरी है जो असफल रही हैं ‘‘ताकि हम असफलताओं से सीख सकें और गलतियों को दूर कर सकें।’’

स्मृति ने कहा कि पहली बैठक 2.5 लाख शिक्षा परिषदों के साथ शुरू होगी जिससे उन्हें अपनी सलाह साझा करने का एक मौका मिलेगा। इसके बाद प्रखंड स्तर पर विचार विमर्श किया जाएगा जहां सभी पक्ष नयी नीति कैसी हो इसका फैसला कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर अभिभावक सांसदों एवं विधायकों के साथ विचार विमर्श में हिस्सा ले सकते हैं।

मंत्री ने मानव विकास एवं देश की प्रगति के लिए शिक्षा को व्यस्थित करने की बात करते हुए भविष्य में होने वाले विकास के लिए छात्रों के अपनी जगहों और जिलों से भावनात्मक लगाव के विकास का समर्थन किया। इस लिहाज से स्मृति ने छात्रों द्वारा अपनी जगहों एवं अपने लोगों की विशिष्ट चरित्र को रेखांकित करते हुए अपने जिलों में लघु परियोजनाओं के विकास का पक्ष लिया और कहा कि इसे बाकी देश के साथ साझा किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों को अपने जिले पर एक परियोजना करने दीजिए जिसमें वह इन बातों को शामिल करें कि उनके प्रखंड, उनके जिले को क्या चीज ऐतिहासिक बनाती है, वे किस बात में गर्व महसूस करते हैं। वे एक छोटा वीडियो क्लिप बनाएं, उसे हमें भेजे, अपलोड करें और हम इसे पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ अध्ययन के तौर पर साझा करेंगे। इस तरह से छात्र देश के सभी कोने के लोगों के बारे में जान सकते हैं।’’

मंत्री ने केंद्रीय विद्यालयों के छात्रों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों के साथ जोड़ने की योजनाओं की भी बात की ताकि छात्रों के मस्तिष्क को जागृत किया जाए और उनमें जिज्ञासा की भावना डाली जाए।

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